Coronavirus: सरकार का बड़ा फैसला, मास्क और सैनिटाइजर को घोषित किया आवश्यक वस्तु
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों में हाहाकार मचा हुआ है। इसी बीच वायरस से बचाव के चलते देश में सैनिटाइजर और मास्क की मांग अचानक से बढ़ गई है। हालात यह है कि कई दुकानदार और मेडिकल स्टोर पर यह कई गुना कीमत पर मिल रहे हैं। अब केंद्र सरकार ने बड़ा ऐलान करते हुए इन्हें आवश्यक वस्तु घोषित कर दिया है। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने मास्क (सर्जिकल मास्क, N95) और सैनिटाइजर को फिलहाल के लिए आवश्यक वस्तुओं की सूची में डाल दिया है।

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने कोरोना वायरस के चलते यह फैसला किया है। अब देशभर में मास्क (सर्जिकल मास्क, N95) और सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तु घोषित कर दिया है। कोरोना वायरस के खतरे और संभावित विस्तार को रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि देश में कोरोना वायरस के तेजी से फैलने के मद्देनजर राज्यसभा में एक सदस्य की ओर से मास्क और हैंड सैनिटाइजर का निशुल्क वितरण किए जाने की मांग उठाई गई थी। फिलहाल देश में मास्क की कीमत 10 रुपए से लेकर 50 रुपए तक पहुंच गई है।
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बचाव के लिए फिलहाल कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं
दुनिया में अब तक इस महामारी से मरने वालों की संख्या 4000 के पार जा चुकी है। विज्ञान के इनते विकास करने के बाद भी अभी तक इस महामारी का टीका नहीं बनाया जा सका है। हालांकि कई देशों के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने इस वायरस का इलाज ढूंढ लिया है। भारत की बात करें तो कोरोना वायरस के इलाज के लिए अभी कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के ज्वाइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश भर में 52 परीक्षण केंद्र खोले गए है जबकि 56 केंदों पर सैंपल एकत्रित किए जा रहे है।
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