Study: वुहान से निकलकर 10 रूप बदल चुका है Coronavirus,तीसरा रूप है सबसे बड़ा जानलेवा
नई दिल्ली- कोरोना वायरस के चीन के शहर में पैदा हुए पांचवां महीना बीत रहा है और इतने ही दिनों में इसने खुद को 10 अलग-अलग प्रकारों में परिवर्तित कर लिया है। चीन में वुहान के डॉक्टरों ने सबसे पहले पिछले साल दिसंबर महीने की शुरुआत में इसके होने की पुष्टि की थी और तब से लेकर अब तक दुनिया के लगभग सभी देशों को यह अपनी चपेट में ले चुका है। इस वायरस के बारे में सबसे खतरनाक बात ये पता चला है कि जितनी ही तेजी से इसने पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में लिया है, उतनी ही तेजी से यह अपने को अलग-अलग प्रकारों में भी परिवर्तित करता जा रहा है और इसके लक्षणों में भी नए-नए लक्षण जुड़ते चले जा रहे हैं। एक भारतीय संस्थान के वैज्ञानिकों ने इसपर अभी-अभी जो शोध पूरा किया है, उसमें यह बात सामने आई है कि इसके सभी नए प्रकारों में A2a सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है और इसने ही पूरी दुनिया में ज्यादा तबाही मचाई है। हालांकि, इसके सारे रूप बेहद खतरनाक हैं, लेकिन रिसर्च में ये बात सामने आई है कि कोविड-19 के A2a टाइप से सबसे ज्यादा लोगों की जानें गई हैं।
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कोरोना ने धर लिए 10 नए रूप
कोरोना वायरस के 10 नए प्रकारों में परिवर्तित हो जाने संबंधी रिसर्च पश्चिम बंगाल के कल्याणी स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जीनॉमिक्स के निधान बिश्वास और पार्था मजुमदार ने किया है। यह शोध बहुत ही जल्दी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के प्रतिष्ठित जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित होने वाला है। रिसर्च में ये बात सामने आई है कि नोवल कोरोना वायरस के म्यूटेशन से जो उसका A2a प्रकार बना है वह इंसान के फेफड़े में बड़ी तादाद में घुसने में सक्षम है। इसका संक्रमण तेजी से फैलता है, यही वजह है कि दुनिया के हर इलाके में यही सबसे ज्यादा कहर बरपा रहा है। इस शोध से वैक्सीन पर रिसर्च कर रहे वैज्ञानिकों को अपना टारगेट फिक्स करने का बेहतर मौका मिल सकता है।

वुहान में पैदा हुआ वायरस पूरी तरह से बदल चुका है
जब कोरोना वायरस का प्रकोप वुहान तक ही था और उसने धीरे-धीरे दुनिया को अपने चपेट में लेना शुरू किया था, तभी इस बात की जानकारी मिल चुकी थी कि यह नए रूपों में परिवर्तित होने लगा है। एनआईबीजी के संस्थापक डायरेक्टर और जाने-माने प्रोफेसर पार्था मजुमदार ने बताया, 'कोरोना वायरस को कई प्रकारों में बांटा जा सकता है- O,A2,A2a,A3,B,B1 और इसी तरह से आगे। इस समय इसके 11 प्रकार मौजूद हैं जिनमें से O इसका मूल प्रकार है, जो वुहान से पैदा हुआ था। ' मजुमदार के मुताबिक किसी वायरस को जिंदा रहने के लिए जरूरी है कि वह दूसरे जीवों को संक्रमित करता रहे। म्यूटेशन की वजह से वह खुद को संक्रमित नहीं कर सकता। लेकिन, कई बार म्यूटेशन की वजह से वायरस को दूसरों को ज्यादा तेजी और जोरदार तरीके से संक्रमण करने की शक्ति मिल जाती है। इस प्रक्रिया में कई बार वायरस अपने मूल रूप से पूरी तरह परिवर्तित हो जाता है और नोवल कोरोना वायरस के साथ भी वही हो रहा है।

भारत में भी आधे से ज्यादा A2a टाइप वायरस का असर
कोविड-19 सबसे पहले इंसान के गले को संक्रमित करता है और वहां से फेफड़े में पहुंच जाता है और वहां उसका कई गुना विस्तार हो जाता है, जिसके चलते सांस लेने में तकलीफ की समस्या शुरू हो जाती है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि इसके A2a प्रकार में यह क्षमता बहुत ही ज्यादा है और इसी के चलते यह तेजी से संक्रमित हो रहा है। शोध के लिए 55 देशों के जो 3,636 सैंपल के आएनए सीक्वेंस की स्टडी की गई तो उसमें A2a से संक्रमितों की संख्या 1,848 निकली यानि आधे से ज्यादा 50.8% और मूल प्रकार O से सिर्फ 582 और B1 से 505 संक्रमित पाए गए। शोधकर्ताओं ने भारत के संदर्भ में भी अलग से स्टडी की है। इसमें 35 भारतीय आरएनए सीक्वेंस की पड़ताल की गई, उनमें 16 में A2a (47.5%) पाया गया और 13 में A3, 5 में O और 1 में B प्रकार पाया गया।

भारत में पहला मामला भी वुहान से आया था
बता दें कि भारत में कोविड-19 का पहला मामला 30 जनवरी को केरल में सामने आया था, जब चीन के वुहान यूनिवर्सिटी से लौटे एक छात्र को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था। देश में 12 मार्च को कर्नाटक के कलबुर्गी में 76 साल के एक बुजुर्ग की इस बीमारी से पहली मौत हुई थी, जो खाड़ी देश से लौट कर आया था। आज की तारीख में देश में कोरोना संक्रमण के मामले 29,435 तक पहुंच चुकी है, जिनमें से 21,632 ऐक्टिव केस हैं। इस बीमारी से 6,869 मरीज ठीक हुए हैं और 934 की मौत हो चुकी है।












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