लखनऊ: कोरोना वायरस के कारण घंटाघर पर CAA के खिलाफ धरना अस्थाई तौर पर खत्म
लखनऊ। कोरोना वायरस के खौफ के कारण लखनऊ के घंटाघर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहा धरना प्रदर्शन खत्म हो गया है। कोरोना वायरस के कारण लखनऊ में लॉकडाउन है जिसे देखते हुए धरना अस्थाई तौर पर खत्म किया गया है। मुस्लिम महिलाओं का कहना है कि कोरोना का असर खत्म होने के बाद वे दोबारा धरने पर बैठेंगी।

जनता कर्फ्यू के दौरान भी घंटाघर पर महिलाओं का प्रदर्शन जारी रहा था और प्रशासन के समझाने-बुझाने के बाद भी वे लोग धरना स्थल से हटने को तैयार हुए थे। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ घंटाघर पर मुस्लिम महिलाएं पिछले तीन महीनों से प्रदर्शन कर रही थीं। कोरोना वायरस से निपटने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने 25 मार्च तक राज्य के 16 जिलों में लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है।
वहीं, कोरोना वायरस के मद्देनजर 31 मार्च तक घोषित लॉकडाउन की वजह से दिल्ली के शाहीन बाग में भी नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों की संख्या में कमी आई है। शाहीन बाग में बहुत कम लोग दिखाई दे रहे हैं। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ 15 दिसंबर से शाहीन बाग में प्रदर्शन जारी है। कोरोना वायरस को देखते हुए लॉकडाउन के दौरान केवल जरूरी चीजें ही मिलेंगी।
इस दौरान खाने-पीने और मेडिकल जैसी जरूरी सुविधाएं जारी रहेंगीं। कोरोना वायरस के बढ़ते संकम्रण को देखते हुए रेलवे ने 31 मार्च तक सभी मेल, एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इस दौरान सिर्फ मालगाड़ियों का संचालन किया जाएगा। भारत में कोरोना वायरस के अभी तक 390 केस सामने आए हैं जबकि इस वायरस के कारण 7 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, पूरी दुनिया में इस वायरस के कारण 14 हजार के अधिक लोगों की जान गई है और 3 लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं।












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