आज से एक साल पहले कोरोना का पहला मामला आया सामने, जानिए कैसे पूरी दुनिया इसकी चपेट में आई
नई दिल्ली। पिछले वर्ष आज के ही दिन स्पैनिश फ्लू के 100 साल पूरे हुए थे, इस फ्लू के चलते लाखों लोगों की दुनियाभर में जान चली गई थी। स्पैनिश फ्लू के 100 वर्ष पूरे होने के बाद पिछले वर्ष 17 नवंबर को ही दुनिया में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया। चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया था, जिसने अभी तक लाखों लोगों की जान ले ली है, जबकि करोड़ों लोग इसकी चपेट में आ गए। अभी तक कोरोना की वजह से तकरीबन 12 लाख लोग दुनियाभर में अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 190 देशों में कोरोना के तकरीबन पांच करोड़ मामले हैं।

वेटमार्केट से फैला संक्रमण
दुनिया में कोरोना का पहला मामला 17 नवंबर 2019 को सामने आया था, लेकिन किसी को भी यह नहीं पता है कि पहला मरीज कौन था। लेकिन चीन के प्रशासन का मानना है कि यह 55 वर्षीय व्यक्ति हो सकता है जो हुबे प्रांत का था। वास्तविक रूप से चीन प्रशासन ने कोरोना का पहला मामला 31 दिसंबर को रिपोर्ट किया था। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार इस वायरल की शुरुआत चीन की एनिमल वेट मार्केट से हुई थी। हुनान के सीफूड होलसेल मार्केट से ही कोरोना वायरस फैला था, लेकिन इसकी वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।
दिसंबर में चीन ने दी जानकारी
यूएस की इंटेलिजेंस रिपोर्ट के अनुसार चीन के वुहान प्रांत में संक्रमण फैल चुका था, जिसकी वजह से यहां के लोगों पर खतरा मंडराने लगा था। पिछले वर्ष दिसंबर की शुरुआत में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई और यह अपने केंद्र से दूसरे जगह पर भी फैलने लगा। दिसंबर महीने के अंत तक चीन की सरकार ने विश्व स्वास्थ संगठन को इस इस बारे में जानकारी दी। चीन की ओर से कहा गया कि कई लोगों में निमोनिया के मामले सामने आए हैं, वुहान में इन मरीजों के लक्षण की वजह साफ नहीं हो सकी है।
जनवरी में वैज्ञानिकों ने की पुष्टि
जनवरी माह में चीन के वैज्ञानिकों ने पुष्टि की कि नया संक्रमण कोरोना है, लेकिन वुहान के स्वास्थ अधिकारियों ने कहा कि आदमी से आदमी में इस संक्रमण के फैलने के कोई संकेत नहीं हैं। 11 जनवरी को 61 वर्षीय युवक की इस संक्रमण की वजह से मौत हो गई और इसे कोरोना से पहली मौत माना जाता है। इसके बाद चीन प्रशासन ने इस बात को स्वीकार किया कि आदमी से आदमी ये संक्रमण फैलता है। चीन के अलग-लग हिस्सों बीजिंग और शंघाई में भी कोरोना संक्रमण के मामले जनवरी माह में सामने आने लगे।
दक्षिण कोरिया ने पहले केस की पुष्टि की
दक्षिण कोरिया ने 24 जनवरी को चीन के बाहर पहले केस की पुष्टि की, जबकि जनवरी माह में ही यूके के हेल्थ सेक्रेटरी ने कहा कि इस वायरस का यूके में खतरा बहुत कम है। जनवरी माह में चीन में लॉकडाउन का ऐलान कर दिया गया, इसके अगले दिन विश्व स्वास्थ संगठन ने इसे हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया और दुनियाभर में 100 मामले सामने आ गए। 31 जनवरी को यह वायरस पहली बार यूके पहुंचा, एक ही परिवार के दो लोगो कोरोना संक्रमित पाए गए। इसके बाद अमेरिका ने भी इसे हेल्थ इमरजेंसी करार देते हुए अपनी सीमाओं को सील कर दिया। फरवरी के बाद यह वायरस धीरे-धीरे पूरी दुनिया में फैल गया।












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