चीन ने खराब रैपिड टेस्ट किट पर दी सफाई, कहा-भारत की मदद करने को तैयार
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी की टेस्टिंग पर एंटी-बॉडी रैपिड टेस्ट किट पर अब चीन की तरफ से सफाई दी गई है। मंगलवार को इंडियल काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने इन टेस्ट किट्स के प्रयोग पर दो दिनों तक रोक लगा दी है। अब भारत में चीनी दूतावास की तरफ से कहा गया है कि चीन निर्यात किए गए मेडिकल इक्विपमेंट्स को तरजीह देता है। साथ ही दूतावास ने भारत की मदद के लिए भी कहा है।
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दूतावास की तरफ से दिया गया बयान
चीनी दूतावास के प्रवक्ता जी रोंग ने कहा है कि चीन खराब किट के विषय पर भारतीय एजेंसी के साथ संपर्क में हैं और भारत को हर जरूरी मदद मुहैया कराई जाएगी। मंगलवार को आईसीएमआर के मुखिया आर गंगाखेदकर ने कहा था, 'हमें एक राज्य से इस टेस्ट किट्स के बारे में शिकायतें मिल रही हैं। हमनें तीन राज्यों से बात कीी है और पता लगा है कि पॉजिटिव सैंपल्स की सत्यता अलग-अलग है। सैंपल्स कुछ जगहों पर यह छह प्रतिशत है तो कुछ जगहों पर 71 प्रतिशत तक आए हैं।' मामला राजस्थान का था और रैपिड टेस्ट के नतीजों पर गंभीर सवाल उठाने के बाद रोक लगा दी गई थी। अब केंद्रीय टीमें इस टेस्ट के नतीजों की गंभीरता से जांच करेगी उसके बाद ही अगले कदम का ऐलान किया जाएगा। दरअसल जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती 168 कोरोना मरीजों का रैपिड टेस्ट किया गया, लेकिन सिर्फ पांच फीसदी मरीज ही टेस्ट में पॉजिटिव मिले। इसके बाद गहलोत सरकार ने प्रदेश में रैपिड टेस्ट करने पर रोक लगा दी। अब दो दिनों में केंद्र की विशेषज्ञ टीमें रैपिट टेस्ट किट की जांच करेंगी। अब तक देश के तमाम राज्यों में लाखों रैपिड टेस्ट किट बांटी जा चुकी है। दिल्ली को 42 हजार, राजस्थान को 10 हजार उत्तर प्रदेश को 8500 रैपिड टेस्ट, पंजाब 10,100 और और गुजरात को 24 हजार किट भेजी जा चुकी हैं।












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