भारत बायोटेक की नाक से दी जाने वाली वैक्सीन के दूसरे-तीसरे फेज के ट्रायल को मिली मंजूरी
नाक से दी जाने वाली वैक्सीन के दूसरे-तीसरे फेज के ट्रायल को मिली मंजूरी
नई दिल्ली, 13 अगस्त: भारत बायोटेक को अपनी नेजल वैक्सीन (नाक से दी जाने वाली वैक्सीन) के दूसरे और तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल के लिए मंजूरी मिल गई है। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी है। विभाग की ओर से बताया गया है कि 18 से 60 साल की उम्र के लोगों पर नेजल वैक्सीन का पहले चरण का ट्रायल पूरा होने के बाद अगले चरणों के लिए अनुमति दी गई है।
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नाक से दिए जाने वाली वैक्सीन को लेकर कई दावे
हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी में तैयार हुई नेजल वैक्सीन को एक ही बार देना होगा। इस वैक्सीन के जरिए नाक के जरिए डोज दी जाएगी, अभी तक जो वैक्सीन तैयार हुई हैं, वो सुईं के जरिए दी जा रही हैं भारत बायोटेक ने इस वैक्सीन का नाम कोरो फ्लू रखा है। इस वैक्सीन के ट्रायल जनवरी में शुरू किए गए थे। अब इसके दूसरे और तीसरे चरण के ट्रायल शुरू होंगे।
नेजल वैक्सीन को लेकर भारत बायोटेक के एमडी कृष्णा इला ने इससे पहले कहा था कि कंपनी नाक के रास्ते दिए जाने वाले टीके को विकसित करने पर फोकस कर रही है। उन्होंने कहा था कि नाक के रास्ते दिया जाने वाला टीका ना केवल लगाने में आसान है बल्कि इससे सूई, सीरिंज आदि की भी जरूरत नहीं होगी। इससे टीकाकरण का खर्च कम होगा।
भारत में अब तक पांच टीकों को मंजूरी
भारत ने अभी तक पांच टीकों को मंजूरी दी गई है। भारत में एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड की कोविशील्ड, भारत में ही तैयार भारत बायोटेक की कोवैक्सीन, रूस की स्पूतनिक वी, मॉडर्न की वैक्सीन और इसके अलावा जॉनसन एंड जॉनसन को मंजूरी दी गई है। देश में मंजूरी भले पांच टीकों को मिली है लेकिन देश में दो वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सिन का इस्तेमाल ही सबसे ज्यादा हो रहा है। बता दें कि देश में जनवरी से टीका लगाए जाने का काम शुरु हुआ है। शुरू में पहले स्वास्थ्यकर्मियों फिर बुजुर्गों को टीका दिया गया। अब देश में 18 साल से ज्यादा के सभी लोगों को टीके लगाए जा रहे हैं। देश में अब तक कोरोना वैक्सीन की 50 करोड़ से ज्यादा डोज लगाई जा चुकी हैं।












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