दिमाग के विकास और किडनी पर असर डाल रहा कोरोना वायरस, शोध में सामने आई बात
नई दिल्ली, 6 जनवरी: कोरोना महामारी फिर तेजी से फैल रही है। भारत में भी रोजाना का आंकड़ा 90 हजार के पार पहुंच गया है। ये वायरस कब खत्म होगा, ये किसी को नहीं पता लेकिन इस पर लगातार नए-नए शोध हो रहे हैं। हाल ही में कोरोना के शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन हुआ था। जिसकी रिपोर्ट सामने आ गई है। इसके मुताबिक ये वायरस मस्तिष्क के विकास और किडनी (गुर्दे) को प्रभावित कर सकता है।

जामा बाल रोग (JAMA Pediatrics) में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान कोरोना संक्रमण शिशुओं के मस्तिष्क को प्रभावित नहीं करता है, लेकिन महामारी का असर हो सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक न्यूयॉर्क में पैदा हुए 255 बच्चों को ट्रैक किया गया था, जिसमें से 114 की माताओं को कोरोना हुआ था। जब बच्चे 6 महीने के थे, तो उनके मस्तिष्क में कोई दिक्कत नहीं दिखी लेकिन जब उनकी तुलना महामारी से पहले पैदा हुए 62 बच्चों से की गई, तो बड़ी मांसपेशियों, छोटे मांसपेशियों आदि का स्कोर कम दिखा।
न्यूयॉर्क स्टेट साइकियाट्रिक की वैज्ञानिक इंस्टीट्यूट के डॉ. दानी डुमित्रियू ने कहा कि बच्चों का स्कोर कम है इसका मतलब ये नहीं कि वो इसके दीर्घकालिक परिणाम भुगतेंगे। बस इस शोध से ये बात साफ है कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान पैदा बच्चों के न्यूरोडेवलपमेंट (मस्तिष्क के विकास) पर निगेटिव प्रभाव डालता है।
इसके अलावा शोध में पाया गया कि कोरोना वायरस कैस्केड की शुरुआत करके गुर्दे को सीधे नुकसान पहुंचा सकता है। इससे गुर्दे के काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि वायरस कई प्रकार की किडनी कोशिकाओं को संक्रमित कर सकता है। शोध में जब उन्होंने 90 हजार कोविड प्रभावित का अध्ययन किया तो उनके गुर्दों की कार्यक्षमता में गिरावट देखी गई। इससे साफ है कि ये गुर्दों के खराब होने का कारण बन रहा है।












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