Pandemic: 48 दिन में 525 गुना तेजी से 4300 से अधिक जिंदगी निगल चुका है यह वायरस!
बेंगलुरू। वैश्विक महामारी में तब्दील हुई चीन के वुहान शहर से पूरे विश्व में फैला कोरोनावायरस अब तक कुल 119 देशों को अपनी चपेट में ले चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने लगातार तेजी एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल रही नोवल कोरोनावायरस को वैश्विक महामारी घोषित कर दिया।
गौरतलब है जानलेवा कोरोनावायरस को लेकर WHO पहले ही पूरी दुनिया को चेतावनी दे चुकी है, क्योंकि ऐसा समझा गया कि 4300 से अधिक लोगों की इस महामारी में हुई मौत के बाद भी कई देश कोरोनावायरस के संकट को लेकर गंभीर नहीं हैं। यही वजह है कि कोरोना वायरस के मरीजों और मौत के आंकड़ों में लगातार वृद्धि दिखी है।

हालांकि कोरोनावायरस के संक्रमण और उससे होने वाली मौत की आंकड़ों में बड़ा अंतर है और संक्रमित मरीज का बचाव भी आसानी से किया जा रहा है, लेकिन जानकारी के अभाव और लापरवाही के चलते यह महामारी विकराल रूप लेती जा रही हैं। हालांकि जहां से नोवल कोरोनावायरस फैला था यानी चीन में कोरोनावायरस संक्रमण के मामले दिनोंदिन कम हो रहे हैं, लेकिन इसका प्रकोप चीन से निकलकर यूरोपीय देश, अमेरिका और भारत समेत एशियाई देशों फैलता जा रहा है।

डब्ल्यूएचओ ने विभिन्न देशों में कोरोनावायरस ने निपटने को लेकर की तैयारियों पर भी सवाल उठाए हैं और चिंता जाहिर की थी। ताजा आंकड़ों के मुताबिक अभी तक कोरोनावायरस के चपेट में आने से हुई करीब 4299 अधिक लोगों की मौत चुकी है, जो कि महामारी का एक बड़ा अलार्म हैं।

लगभग पूरी दुनिया को अपनी आगोश में चुका नोवल कोरोनावायरस कुल 119 देशों तक अपने पांव पसार चुका है। 119 में देशों में कुल 119226 लोग अभी कोरोनोवायरस के संक्रमण का खतरा बना हुआ है, जिनका इलाज किया जा रहा है। सुखद बात है यह कि जानलेवा नोवल कोरोनावायरस से संक्रमित 55 फीसदी को सफलतापूर्वक बचाने में सफलता पाई गई है।

वर्ल्ड मीटर नामक वेबसाइट पर उपलब्ध आकंड़ों के मुताबिक पूरी दुनिया में नोवल कोरोनावायरस की चपेट में आकर अब तक कुल 4299 लोगों की मौत हो चुकी है और अब तक 119226 लोग इसकी चपेट में है, जिनका दुनिया भर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
भारत में अभी तक कोरोनावायरस के 62 पॉजिटिव मरीजों की पहचान की गई है, जिन्हें आइसोलेशन सेंटर में रखा गया है। चीन के वुहान सिटी से पूरी दुनिया में फैले नोवल कोरोनावायरस से अकेले चीन में 87.5 फीसदी यानी 3158 संक्रमितों की मौत हुई है। चीन के बाद कोरोना वायरस की चपेट में आए यूरोपीय देश इटली में दूसरा ऐसा देश हैं जहां सबसे अधिक 631 संक्रमितों की मौत हुई है।

आंकड़ों के मुताबिक कोरोनावायरस संक्रमण के मरने वालों में तीसरा बड़ा देश मध्य पूर्व राष्ट्र ईरान है, जहां अब तक 291 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। ईरान के बाद दक्षिण कोरिया चौथे नंबर हैं, जहां अब तक कुल 61 मौतें रिपोर्ट की गई हैं।

लेकिन दक्षिण कोरिया के बारे में सबसे घातक बात यह है कि दक्षिण कोरिया में कोरोनावायरस से संक्रमित 242 से अधिक मामले नए आए हैं और अभी एक संक्रमित मरीज की मौत रिपोर्ट हुई है। दक्षिण कोरिया में सामने आए नए केस चीन में आए नए केसेज की तुलना में चार गुना अधिक हैं। वेबसाइट्स के मुताबिक अभी दक्षिण कोरिया में कुल 7755 लोग संक्रमित हैं, जिनका सघन इलाज चल रहा है।

कोरोनावायरस के संक्रमण से ब्रिटिश की क्रूज शिप डायमंड प्रिंसेस में सवार करीब 696 लोग भी शिकार हो गए हैं, जिनमें से अब तक कुल 7 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि सुखद बात यह है कि ब्रिटिश डायमंड क्रूज शिप के आधे से अधिक संक्रमित मरीजों को सुरक्षित बचा लिया गया है।

दक्षिण कोरिया के बाद कोरोनावायरस का शिकार होने वाला बड़ा देश है स्पेन हैं, जहां अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी हैं। इसके बाद आता है यूरोपीय देश फ्रांस का, जहां अब तक कुल 33 लोगों की मौत हो चुकी है। फिर अमेरिका का नंबर आता है, जहां अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका में कुल 1010 लोगों की कोरोनावायरस से संक्रमित है, जिनमें 16 मामले ताजे दर्ज किए गए हैं।

जर्मनी में कोरोनावायरस के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जहां अब तक 2 लोगों की मौत हो चुकी है और 1565 लोग नोवल कोरोनावायरस से संक्रमित बताए जाते हैं। चीन के बाद दूसरा एशियाई देश जापान कोरोना वायरस के संक्रमण के 530 मामले दर्ज किए गए हैं, जहां अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। जापान में कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों की संख्या करीब 587 हैं, लेकिन जापान कोरोनावायरस मरीजों से निपटने में बेहद सतर्कता बरत रहा है, जिससे वहां नोवल कोरोनावायरस के नए मामले देखने को नहीं मिल रहे हैं।

कोरोनावायरस से हो रही मौतों की फेहरिस्त में इराक भी शामिल हैं, जहां अब तक कुल 7 लोगों की मौत होने की सूचना है। इसके अलावा ब्रिटेन में 6 पीड़ितों की मौत रिपोर्ट की गई है। आस्ट्रेलिया, हांगकांग और स्वीटजर लैंड में क्रमशः 3-3 की मौत की पुष्टि हुई है जबकि सैन मरीनो में 2 लोगों की मौत हुई है।

वहीं फिलीपींस, ताइवान, थाईलैंड, नीदरलैंड, लेबनान, इजिप्ट, अर्जींटीना, पनामा, मोरक्को और कनाडा में 1-1 मौत की खबर है। कोरोनावायरस मरीजों और उसके संचरण को रोकने में लापरवाही बपर विश्व स्वास्थ्य संगठन की फटकार को वक्त का तकाजा कहेंगे कि जानलेवा नोवल कोरोना वायरस वहां भी पहुंच रहा है, जहां उसका नामो-निशान नहीं था।

अब तक कोरोनावायरस से 119 देश पीड़ित हैं। इनमें आस्ट्रिया, नॉर्वे, ग्रीस, अल्जीरिया, स्वीडन, बेल्जियम, डेनमार्क, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, बहरीन, आससलैंड, इजराइल, यूएई, कुबैत, पुर्तगाल, फिनलैंड, वियतनाम, सोल्वेनिया, रोमानिया फलीस्तीन, इंडोनेशिया, कतर, जार्जिया, पोलेंड, रूस, सऊदी, ब्राजील, इक्वाडोर व न्यूजीलैंड अरब, ओमान, चिली, क्रोटिया, स्टोनिया, कोस्टारिका, हंगरी, अजरबेजान, पेरू, मकाऊ, बेलारूस, लाटविया भी शामिल हो चुकी हैं।

हालांकि अब इस लिस्ट में एशियाई देशे पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका के साथ लग्जमबर्ग, नॉर्थ मेकोडोनिया, मैक्सिको, बोस्निया-हर्जगोविना, स्लोवाकिया, साउथ अफ्रीका, ट्यूनेशिया, ब्रुनेई, बुल्गारिया, मालदीव, डोमेनिकल रिपब्लिक, फ्रेंच गुयाना, माल्टा, पैराग्वे, सर्विया, सेनेगल, कंबोडिया, लिथुवानिया, कोलंबिया, मार्टिनीक्यू, मोलदोवा,नाईजीरिया, श्रीलंका, बोलीविया, बुर्किना फासो,कैमरून, चैनल आइसलैंड, फोरोए आइसलैंड, साइप्रस और सैंट मार्टिन में भी नए मामले सामने आ रहे हैं। भारत में भी 62 मामले सामने आ चुके हैं।

गौरतलब कोरोनावायरस से संक्रमित से हुई मौतों को टोल गत 23 जनवरी को महज 8 थी, लेकिन 10 जनवरी तक यह आंकड़ा 4299 पार कर गया है। यानी महज 1 माह 18 दिन में पूरी दुनिया में नोवल कोरानावायरस से मरने वालों की संख्या में 525 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है।

नोवल कोरोनावायरस के पिछले दो दिनों के आंकड़ों पर गौर करेंगे तो पाएंगे कि पूरी दुनिया में अभी 7 से 8 फीसदी की दर से संक्रमित मरीजों की मौत हो रही है, जिसका दर पिछल 24 फरवरी तक 3 से 4 फीसदी की दर पर सिमट गया था। कहने का अर्थ यह है कि वर्तमान में तेजी से कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों की मौत हो रही है।

हालांकि 23 जनवरी को नोवल कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की मौत का दर प्रतिदिन करीब 47 फीसदी था, जो तेजी से घटते हुए गत 14 फरवरी तक मौत का आंकड़ा 10 मरीज प्रतिदन हो गया था। गत 15 फरवरी से 26 फरवरी के अंतराल में मौत के आंकड़े का ग्राफ लगातार नीचे गिरता गया, लेकिन अचानक 27 फरवरी को यह ग्राफ ऊपर चढ़ने लग गया।

गत 26 फरवरी को नोवल कोरोनावायरस से हुई मौत के आकंड़े में महज 1 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई थी, लेकिन गत 10 मार्च को यह आंकड़ा एक बार फिर 7 फीसदी की दर पहुंच गया है। यानी हर रोज मौत के ग्राफ में 5-7 फीसदी की दर से इजाफा हो रहा है।
डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अधनोम घेब्रेयेसस ने पूरी दुनिया को शायद इसका ही जिक्र अपने बयान में किया था। जब उन्होंने पूरी दुनिया को सतर्क करते हुए कहा कि ''यह कोई मॉक ड्रिल नहीं है। यह महामारी हर देश के लिए खतरा है, चाहे वह अमीर हो या गरीब सभी इसमें पिसेंगे।

टेड्रोस ने हरेक देश की सरकारों के प्रमुखों से इसे केवल स्वास्थ्य मंत्रालयों के सहारे छोड़ देने के बजाय इसे लेकर कदम उठाने की जिम्मेदारी लेने और सभी क्षेत्रों में समन्वय करने की अपील की थी। मौत के आंकड़ों में पुनः आई तेजी संभवतः लापरवाही के ही परिणाम हैं।

यही वह वजह थी कि ब्रिटिश रिसर्चर और कोरोनावायरस के एक्सपर्ट रिचर्ड हैटिचिट ने कोरोनावायरस से निपटने की मुहिम को जंग बताते हुए कहा था कि अगर इससे नहीं लड़ा गया तो दुनिया के 50 प्रतिशत मतलब आधी आबादी इसकी चपेट में होगी। हैटचिट ने कहा कि उन्होंने इससे पहले इतनी डरावनी बीमारी नहीं देखी।
महामारी से निपटने के प्रयास करने वाली एक संस्था के सीईओ रिचर्ड हैटचिट नोवल कोरोनावायरस को बहुत बड़ा खतरा मानते हैं। रिचर्ड हैटचीट ब्रिटेन में उस दल के सदस्य हैं जो कोरोना का तोड़ ढूंढ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस वैश्विक महामारी से लड़ना वायरस से जंग की तरह है।

उल्लेखनीय है यह वायरस चीन के वुहान से निकला है। चीन का जिक्र करते हुए रिचर्ड ने कहा कि ऐसा लगता है कि चीन ने इस वायरस के खिलाफ जंग शुरू की थी और अब पूरी दुनिया उससे लड़ने के लिए चीन के साथ है। यह वायरस ब्रिटेन तक पहुंच चुका है। वहां इसके 321 मामले सामने आ चुके हैं। वहां अब तक 6 मरीजों की मौत भी हुई है, जहां अभी भी 383 मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित हैं।
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भारत में अभी तक कोरोना वायरस के 62 पॉजिटिव मरीजों की पहचान हुई
वर्ल्ड मीटर नामक वेबसाइट पर उपलब्ध आकंड़ों के मुताबिक पूरी दुनिया में नोवल कोरोना वायरस की चपेट में आकर अब तक कुल 4300 लोगों की मौत हो चुकी है और अब तक 119226 लोग इसकी चपेट में है, जिनका दुनिया भर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। भारत में अभी तक कोरोना वायरस के 62 पॉजिटिव मरीजों की पहचान की गई है, जिन्हें आइसोलेशन सेंटर में रखा गया है। चीन के वुहान सिटी से पूरी दुनिया में फैले नोवल कोरोना वायरस से अकेले चीन में 87.5 फीसदी यानी 3158 संक्रमितों की मौत हुई है। चीन के बाद कोरोना वायरस की चपेट में आए यूरोपीय देश इटली में दूसरा ऐसा देश हैं जहां सबसे अधिक 631 संक्रमितों की मौत हुई है।

कोरोना वायरस संक्रमण के मरने वालों में तीसरा बड़ा देश है ईरान
आंकड़ों के मुताबिक कोरोना वायरस संक्रमण के मरने वालों में तीसरा बड़ा देश मध्य पूर्व राष्ट्र ईरान है, जहां अब तक 291 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। ईरान के बाद दक्षिण कोरिया चौथे नंबर हैं, जहां अब तक कुल 61 मौतें रिपोर्ट की गई हैं, लेकिन दक्षिण कोरिया के बारे में सबसे घातक बात यह है कि दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस से संक्रमित 242 से अधिक मामले नए आए हैं और अभी एक संक्रमित मरीज की मौत रिपोर्ट हुई है। दक्षिण कोरिया में सामने आए नए केस चीन में आए नए केसेज की तुलना में चार गुना अधिक हैं। वेबसाइट्स के मुताबिक अभी दक्षिण कोरिया में कुल 7755 लोग संक्रमित हैं, जिनका सघन इलाज चल रहा है।

कोरोना वायरस से संक्रमण से हुई मौत का आंकड़ा 23 जनवरी को 8 था
कोरोना वायरस से संक्रमित से हुई मौतों को टोल गत 23 जनवरी को महज 8 थी, लेकिन 10 जनवरी तक यह आंकड़ा 4299 पार कर गया है। यानी महज 1 माह 18 दिन में पूरी दुनिया में नोवल कोराना वायरस से मरने वालों की संख्या में 525 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। नोवल कोरोना वायरस के पिछले दो दिनों के आंकड़ों पर गौर करेंगे तो पाएंगे कि पूरी दुनिया में अभी 7 से 8 फीसदी की दर से संक्रमित मरीजों की मौत हो रही है, जिसका दर पिछल 24 फरवीर तक 3 से 4 फीसदी की दर पर सिमट गया था। कहने का अर्थ यह है कि वर्तमान में तेजी से संक्रमित मरीजों की मौत हो रही है।

चीन से निकलकर नोवल कोरोना वायरस 119 देशों में पहुंच गया है
जानलेवा कोरोना वायरस अब एशियाई देशों से होते हुए, यूरोपीय और अफ्रीकी और नॉर्थ और साउथ अमेरिका समेत अन्य देश में पहुंच गया है। इनमें आस्ट्रिया, नॉर्वे, ग्रीस, अल्जीरिया, स्वीडन, बेल्जियम, डेनमार्क, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, बहरीन, आससलैंड, इजराइल, यूएई, कुबैत, पुर्तगाल, फिनलैंड, वियतनाम, सोल्वेनिया, रोमानिया फलीस्तीन, इंडोनेशिया, कतर, जार्जिया, पोलेंड, रूस, सऊदी, ब्राजील, इक्वाडोर व न्यूजीलैंड अरब, ओमान, चिली, क्रोटिया, स्टोनिया, कोस्टारिका, हंगरी, अजरबेजान, पेरू, मकाऊ, बेलारूस, लाटविया, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, लग्जमबर्ग, नॉर्थ मेकोडोनिया, मैक्सिको, बोस्निया-हर्जगोविना, स्लोवाकिया, साउथ अफ्रीका, ट्यूनेशिया, ब्रुनेई, बुल्गारिया, मालदीव, डोमेनिकल रिपब्लिक, फ्रेंच गुयाना, माल्टा, पैराग्वे, सर्विया, सेनेगल, कंबोडिया, लिथुवानिया, कोलंबिया, मार्टिनीक्यू, मोलदोवा,नाईजीरिया, श्रीलंका, बोलीविया, बुर्किना फासो,कैमरून, चैनल आइसलैंड, फोरोए आइसलैंड, साइप्रस और सैंट मार्टिन में भी नए मामले सामने आ रहे हैं। इनमें भारत में तेजी से उभरकर आए 62 मामले सवाल खड़े करते हैं।

वर्ष 1918 के बाद कोरोना वायरस जैसा वायरस देखा गया है
ब्रिटिश रिसर्चर रिचर्ड हैटचिट के मुताबिक कोरोना वायरस जैसा वायरस उन्होंने 1918 के बाद अब देखा है। यहां वह स्पेनिश फ्लू का जिक्र कर रहे थे। जिसमें 5 करोड़ से ज्यादा मौतें हुई थीं। बता दें कि चीन में कोरोना वायरस से शनिवार को 28 और लोगों की मौत हो गई जिससे इस विषाणु से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 3,070 पहुंच गई है।

एक्सपर्ट रिचर्ड हैटिचिट ने कोरोना वायरस को बहुत बड़ा खतरा बताया
ब्रिटिश रिसर्चर और कोरोना वायरस के एक्सपर्ट रिचर्ड हैटिचिट ने कोरोना वायरस से निपटने की मुहिम को जंग बताते हुए कहा था कि अगर इससे नहीं लड़ा गया तो दुनिया के 50 प्रतिशत मतलब आधी आबादी इसकी चपेट में होगी। हैटचीच ने कहा कि उन्होंने इससे पहले इतनी डरावनी बीमारी नहीं देखी। इस वैश्विक महामारी से लड़ना वायरस से जंग की तरह है। महामारी से निपटने के प्रयास करने वाली एक संस्था के सीईओ रिचर्ड हैटचिट नोवल कोरोना वायरस को बहुत बड़ा खतरा मानते हैं। रिचर्ड हैटचीट ब्रिटेन में उस दल के सदस्य हैं जो कोरोना का तोड़ ढूंढ रहे हैं।

कोरोना वायरस से बच्चों को कम खतरा, वजह साफ नहीं?
बच्चों पर कोरोना का असर अब तक देखने को नहीं मिला है। ब्रिटिश रिसर्चर रिचर्ड हैटचिट के मुताबिक कोरोना वायरस का बच्चे पर असर न्यूनतम है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि ऐसा क्यों है। या तो उनकी बॉडी इंफेक्शन से अच्छे से निपट रही है या फिर उनपर इसका असर ही नहीं हो रहा है।

23 जनवरी को संक्रमित मरीजों की मौत का दर प्रतिदिन करीब 47 फीसदी था
23 जनवरी को नोवल कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की मौत का दर प्रतिदिन करीब 47 फीसदी था, जो तेजी से घटते हुए गत 14 फरवरी तक मौत का आंकड़ा 10 मरीज प्रतिदन हो गया था। गत 15 फरवरी से 26 फरवरी के अंतराल में मौत के आंकड़े का ग्राफ लगातार नीचे गिरता गया, लेकिन अचानक 27 फरवरी को यह ग्राफ ऊपर चढ़ने लग गया। गत 26 फरवरी को नोवल कोरोना वायरस से हुई मौत के आकंड़े में महज 1 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई थी, लेकिन गत 10 मार्च को यह आंकड़ा एक बार फिर 7 फीसदी की दर पहुंच गया है। यानी हर रोज मौत के ग्राफ में 5-7 फीसदी की दर से इजाफा हो रहा है।

फिलहाल, सिर्फ कोरोना वायरस की तस्वीर लेने में कामयाब हुए हैं वैज्ञानिक!
घातक कोरोना वायरस दुनिया के लिए नया है। इसलिए अभी तक यह नहीं पता था कि उसकी संरचना कैसी है, वह दिखता कैसा है। दुनिया भर के वैज्ञानिक इस पर रिसर्च कर रहे हैं। बड़ी बात यह है कि वैज्ञानिकों की एक टीम को वायरस की असल संरचना को जानने में कामयाबी मिली है। इतना ही नहीं, जब यह वायरस किसी कोशिका को संक्रमित करता है तो उस वक्त कोशिका की क्या स्थिति होती है, इसकी भी तस्वीर लेने में वैज्ञानिक कामयाब हुए हैं।

नोवल कोरोना वायरस की काट मिलने की बढ़ गई है उम्मीद!
कोरोना वायरस की संरचना जानने में मिली कामयाबी इसलिए काफी अहम है कि इससे कोरोना वायरस की पहचान करने, विश्लेषण करने और जरूरी क्लिनिकल रिसर्च का रास्ता साफ हो सकता है। यानी वैज्ञानिकों को इस नए खतरनाक वायरस की काट मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

जिंदा कोरोना वायरस कैसा दिखता है,आई विश्वसनीय तस्वीर!
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण चीन के शेनजेन में रिसर्चरों की एक टीम ने ऐसी पहली तस्वीर जारी की है जो यह बताती है कि नया कोरोना वायरस 'असल में दिखता' कैसा है। इस तस्वीर को फ्रोजेन इलेक्ट्रॉन माइक्रोसोप ऐनालिसिस टेक्नॉलजी की मदद से कैद किया गया है।












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