Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Corona Effects: ऐसे ही गिरता गया तो जल्द 30,000 प्रति 10 ग्राम में बिकेगा गोल्ड?

बेंगलुरू। घरेलू बाजारों में सोने की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है। पिछले दिनों में सोने की कीमतों 5,500 प्रति 10 ग्राम पर गिरावट दर्ज की गई है। सोने की कीमतों में हालिया गिरावट के कारण वैश्विक कोरोनावायरस आपदा को माना जा रहा है। महज 6 दिनों में सोने की कीमत में आई 5500 गिरावट को देखकर अनुमान है कि अगर यह ट्रेड अगले 15 दिन तक जारी रहा तो सोने की घरेलू कीमत 3000 प्रति 10 ग्राम तक भी गिर सकती है।

gold

दरअसल, एमसीएक्स पर वायदा कीमतों में सोना 2% टूटने से सोने की घरेलू कीमत में 800 रुपए के गिरावट दर्ज की हुई, जिससे सोने की कीमत घरेल बाजार में 38,755 प्रति 10 ग्राम हो गया है। वहीं, पिछले पांच सत्रों की बात करें तो सोने की कीमत में 5,000 रुपए प्रति 10 ग्राम पर गिर चुका है। तब सोने की कीमत 44,500 प्रतिग्राम हुआ करती थी। यह असर सोने पर ही नहीं, चांदी पर भी पड़ा है।

कोरोना संकट का असर सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों पर भी पड़ा है। एमसीएक्स पर वायदा कीमतों में लगभग 5% की गिरावट के साथ 34,500 प्रति किलोग्राम पर रही जबकि पिछले सत्र में, एमसीएक्स पर वायदा कीमतों में चांदी 10% की गिरावट के साथ उसकी कीमत 4,200 प्रति किलोग्राम से अधिक थी, जो वैश्विक दरों में तेजी से सुधार के बाद भी था।

gold

गौरतलब है वैश्विक वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल के समय आमतौर पर सोने को एक सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जाता है, लेकिन सोने की कीमतों में हालिया तेज गिरावट ने बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव के बीच लोग सोना बेंचकर नकदी जुटाने लगे हैं। यही कारण है कि वैश्विक बाजारों में, सोने की कीमतों में भी तेजी से गिरावट आई है।

gold

माना जा रहा है कि निवेशक कोरोनोवायरस महामारी के चलते वित्तीय बाजारों में अधिक नकदी जुटाने में अधिक संलग्न हैं। यही वजह है कि वैश्विक बाजार में पिछले सत्र में 5% की गिरावट के बाद हाजिर सोना 3% गिरकर 1,661 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है।

gold

इसे कोरोना संकट का असर ही कहेंगे कि भारत समेत एशिया के शेयर बाजार भारी दबाव में हैं। दुनिया भर के देशों में शेयर बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व सहित वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा की गई घोषणाओं के बाद भी कोरोनावायरस आपदा निवेशकों की चिंताओं को दूर करने में विफल रही है।

gold

माना जा रहा है कि घरलू सोने की कीमतों में आ रही गिरावट की वजह भारतीय मुद्रा 'रुपया' के मजबूत होना है। HDFC Securities के मुताबिक सोना सोमवार, 9 मार्च को 45,033 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ था। तब चांदी की कीमतों में बढ़ोत्तरी दर्ज की थी। इससे पहले फ्यूचर मार्केट में भी सोने के दाम में कमी और चांदी के भाव में तेजी देखने को मिला था।

gold

भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट का असर भी सोने और चांदी की कीमतों पर भी पड़ा है। चूंकि पहले डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड की गिरती कीमतों का फायदा भारतीय नहीं उठा पा रहे, लेकिन रुपए में 36 पैसे की मजबूती आने से अब भारत में भी सोना सस्ता होता गया। उधर, जब रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर था, तो घरेलू मार्केट में सोने की ऊंची कीमतों से वेडिंग सीजन में भी देश में सोने की मांग में 15-20 पर्सेंट की गिरावट दर्ज की गई थी।

gold

सोने की कीमतों में वैश्विक गिरावट के लिए अमेरिका-चीन के बीच व्यापार समझौतों में अनिश्चितता को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। नवंबर में अमेरिका-चीन की ओर से अंतरिम व्यापार समझौते की संभावना के बाद भी सोने की कीमतों में लगभग 3 पर्सेंट की गिरावट देखी गई थी। मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमत अभी 1,661 डॉलर प्रति औंस और चांदी का भाव 17.03 प्रति औंस पर है।

gold

उल्लेखनीय है भारत में सोने की कीमतों में 9 सितंबर के 39,699 प्रति 10 ग्राम के ऊंचे स्तर से 4 पर्सेंट की ही गिरावट आई है। HDFC सिक्यॉरिटीज के मुताबिक भारत में स्पॉट गोल्ड प्राइसेज ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं, क्योंकि मध्य अवधि में रुपए में कमजोरी बने रहने की आशंका है।

gold

LKP सिक्यॉरिटीज के सीनियर रिसर्च ऐनालिस्ट (कमोडिटी ऐंड करंसी) जतिन त्रिवेदी ने रुपए में उतार-चढ़ाव पर कहा, 'अभी डॉलर के बदले रुपया 71.70 पर चल रहा है, लेकिन यह टूटकर 72 तक जा सकता है। डॉलर और रुपए के लिए 71.48 -71.25 के जोन को मजबूत माना गया है।'

यह भी पढ़ें-जानिए, अभी भारत में है कितना गोल्ड रिजर्व और देश के लिए क्या है इसकी अहमियत?

वित्तीय सुरक्षा की इच्छा से जुड़ी हुआ है सोना

वित्तीय सुरक्षा की इच्छा से जुड़ी हुआ है सोना

भारत में सोने की मांग संस्कृति, परंपरा, सुंदरता की इच्छा और वित्तीय सुरक्षा की इच्छा से जुड़ी हुई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) द्वारा कमीशन वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के एक अध्ययन के अनुसार, भारतीय उपभोक्ता सोने को निवेश और श्रृंगार दोनों के रूप में देखते हैं। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने सोना क्यों खरीदा है, तो लगभग 77 प्रतिशत ने सोने को सुरक्षित निवेश का एक बेहतर माध्यम बताया जबकि सोने की खरीद के पीछे आधे लोगों ने श्रृंगार को बड़ा कारण बताया।

अस्थिरता और अनिश्चितता में सोने को निवेश के रूप देखते हैं लोग

अस्थिरता और अनिश्चितता में सोने को निवेश के रूप देखते हैं लोग

लोग खुद को अस्थिरता और अनिश्चितता से बचाने के लिए सोने को निवेश के रूप में देखते हैं और खरीदना चाहते हैं। भौतिक संपत्ति की प्राथमिकताओं में आज भी भारतीय घरों को सोने को एक सुरक्षित उपाय के रूप में देखा जाता है, क्योंकि बाजार आधारित निवेश के दूसरे माध्यम अपना वजूद खो देती हैं, तो हमेशा साथ देता है। यही कारण है कि अच्छे समय और बुरे के लिए एक संपत्ति के रूप में अधिकांश निवेशक सोने को खरीदते हैं। फिर चाहे घरेलू अर्थव्यवस्था शिखर पर हो या मंदी की चपेट में हैं, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है।

अर्थव्यवस्था में जब मुद्रास्फीति बढ़ती है, तो मुद्रा का मूल्य कम होता है

अर्थव्यवस्था में जब मुद्रास्फीति बढ़ती है, तो मुद्रा का मूल्य कम होता है

अर्थव्यवस्था में जब भी मुद्रास्फीति बढ़ती है, तो मुद्रा का मूल्य कम हो जाता है, इसलिए लोग सोने के रूप में निवेश करना अधिक उचित मानते हैं। ऐसे समय में जब मुद्रास्फीति लंबी अवधि तक अधिक रहती है, तब सोना मुद्रास्फीति की स्थिति के खिलाफ बचाव का साधन बन जाता है। इससे मुद्रास्फीति की अवधि में सोने की कीमतें अधिक हो जाती हैं।

सामान्य परिस्थिति में सोने व ब्याज दरों के बीच नकारात्मक संबंध होता है

सामान्य परिस्थिति में सोने व ब्याज दरों के बीच नकारात्मक संबंध होता है

विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में, सोने और ब्याज दरों के बीच नकारात्मक संबंध होता है। उपज बढ़ने से मजबूत अर्थव्यवस्था की उम्मीद का संकेत मिलता है। मजबूत अर्थव्यवस्था मुद्रास्फीति को जन्म देती है और सोने का उपयोग मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव के रूप में किया जाता है। इसके अलावा, जब दरें बढ़ती हैं, तो निवेशक निश्चित आय वाले निवेश के लिए आते हैं, जो सोने के विपरीत एक निश्चित रिटर्न देती हैं जबकि अन्य विकल्प इस तरह का कोई रिटर्न नहीं देता है।

भारत में सोने की मांग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है मानसून

भारत में सोने की मांग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है मानसून

भारत में सोने की मांग में महत्वपूर्ण भूमिका मानसून निभाती है। भारत का ग्रामीण देश के सोने की खपत का 60 प्रतिशत हिस्सा अकेले खपत करता है। भारत सालाना 800-850 टन सोना खपत करता है, जिसमें मानसून बड़ी भूमिका निभाता है। मानूसन ठीक समय पर आने पर फसल अच्छी होती है, तो किसान संपत्ति बनाने के लिए अपनी कमाई से सोना खरीदते हैं। इसके विपरीत, यदि मानसून में कमी होती है, तो किसान धन उत्पन्न करने के लिए सोना बेचते हैं।

भारत के घरेलू सोने की कीमतों में बड़ी भूमिका अदा करते है डॉलर

भारत के घरेलू सोने की कीमतों में बड़ी भूमिका अदा करते है डॉलर

भारतीय रुपए और अमेरिकी डॉलर के समीकरण भारत के घरेलू सोने की कीमतों में बड़ी भूमिका अदा करते है। चूंकि भारत में सोना काफी हद तक आयात किया जाता है और इसलिए अगर डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तो सोने की कीमतों की संभावना रुपए के रूप में होगी। इसलिए, एक रुपए में गिरावट से देश में सोने की मांग में कमी आ सकती है। हालांकि रुपए और डॉलर की दरों में बदलाव से सोने की दरों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। दरअसल, सामान्य परिस्थितियों में, सोना और डॉलर उलटा संबंध साझा करते हैं। डॉलर में कोई कमजोरी सोने की कीमतों को बढ़ाती है और डॉलर में आई मजबूती सोने की कीमतों को गिराती हैं और जब-जब अमेरिकी डॉलर अपने मूल्य को खोने लगता है, तो निवेशक वैकल्पिक निवेश स्रोतों की तलाश करते हैं और सोना उनमें एक बेहतर विकल्प होता है।

सोने की वैश्विक मांग आपूर्ति की तुलना में 1,000 टन अधिक है

सोने की वैश्विक मांग आपूर्ति की तुलना में 1,000 टन अधिक है

अनुमानों के मुताबिक, सोने की वैश्विक मांग आपूर्ति की तुलना में 1,000 टन अधिक है। चूंकि सोने की नई खनन क्षमता नहीं होने के कारण अधिकांश सोने का पुनर्नवीनीकरण किया जाता है। ऐसे में आपूर्ति कम होने से सोने की दरों में बदलाव भी एक और कारक है। इसीलिए कहा जाता है कि मुद्रास्फीति का दबाव विश्व अर्थव्यवस्था में सोने की कीमतों के सकारात्मक चालक हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+