अंदर से मर्द थी पुलिसवाली, मेट्रो में लेडीज की करती रही चेकिंग, अब कराया सेक्स चेंज
नई दिल्ली। सेंट्रल इंडस्िट्रयल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) में महिला सिपाही की चौंका देने वाला वाक्या तब सामने आया जब एक 29साल की इस महिला सिपाही की पहचान बतौर पुरुष हुई। इस बारे में उनके एक सहकर्मी का कहना है कि आज से छह साल पहले उनमें पुरुषों के लक्षण नजर आए। उनका शरीर बतौर पुरुषों की तरह नजर आने लगा। इसके बाद उन्हाेंने जेंडर चेंज कराया और वह बन गई एक पुरुष सिपाही। ईएसएफ एंड ऑल इंडिया इंस्टिटयूट ऑफ मेडिकल साइंस ने जेंडर टेस्ट के बाद उन्हें एक पुरुष अधिकारी घोषित कर दिया।
यह है एक विवादास्पद घटना
यह बड़ी ही विवादास्पद और कठिन घटना है क्योंकि उन्होंने 2008 में बतौर महिला सीआईएसएफ ज्वॉइन किया था। एसएफ के डीजी का कहना है कि चार साल की जददोजहद के बाद आखिरकार हम इस निर्णय पर पहुंचे है कि वह एक पुरुष सिपाही हैं।
पुरुषों की तरह है पसंद उठना बैठना
इस महिला पुलिस सिपाही का कहना है कि मुझे पुरुषों की तरह ही उठना बैठना सब पसंद था। इसलिए मुझे बचपन से ही एक लड़के की तरह ट्रीट किया जाता था। इसलिए मैं कभी शादी नहीं करना चाहता था। चेहरे और शरीर में बदलाव चाहती थी इसलिए मुझे जेंडर चेंज कराना पड़ा था।
दिल्ली मेट्रो में की है महिला यात्रियों की सुरक्षा
उन्होंने बखूबी अपनी डयूटी निभाई है और उसे फॉलो किया है। उन्हें दिल्ली मेट्रो में बतौर सिपाही उन्हें महिला यात्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई। उनका कहना था कि मैं सीनियर्स को अपनी सच्चाई बताने के बारे में घबराता था। यहां तक की मेरी महिला सिपाही भी मुझे ठीक तरह से नहीं पहचान पाई थीं। मई 2012 में जब मेरा ऑपरेशन पूरा हुआ। मैंने फोर्स में जेंडर के बदलाव के लिए अप्लाई किया। 2013 में मेरी शादी हुई। तब जाकर मेरे कलीग मुझे टीज करने लगे लेकिन मैंने उन्हें इग्नोर कर दिया।
यह फैसला था चुनौतीपूर्ण
यह एक अनोखा केस है लेकिन मैंने इसके लिए स्टेंड लिया। जेंडर बदलने की बात पर उनका कहना था कि मैं फोर्स में पुलिस क्राइटीरिया में बतौर पुरुष सिपाही पूरी तरह से काबिल साबित होऊं। इसलिए उन्होंने फिटनेस साबित करने के लिए बतौर पुरुषों की तरह मेहनत की। उन्होंने काफी अभ्यास किया और बतौर पुरुष एक काबिल पुलिस अधिकारी साबित हुईं।












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