आखिर क्या है किताब ‘द रेड सारी’का सच जिसने उड़ायी कांग्रेस की नीदें?
नई दिल्ली। आज एक बार फिर से वो किताब चर्चा में है जिसे लेकर भारत में करीब पांच साल पहले काफी बवाल मचा था। जी हां हम बात कर रहे हैं जेवियर मोरो द्वारा लिखित विवादित पुस्तक ‘द रेड सारी' (लाल साड़ी) की जो कि अब भारत में भी उपलबद्ध है। इस पुस्तक को भारत में प्रकाशित करने के बाद प्रकाशक रोली बुक्स ने ट्वीट किया कि 'लाल साड़ी अब भारत में भी उपलब्ध है, अपनी प्रति बुक कराइये।
आखिर क्या है इस किताब में ऐसा जिसने सोनिया गांधी समेत पूरे कांग्रेस की नींद उड़ायी हुई है। कहा जा रहा है कि जो कुछ भी इस किताब में लिखा है वो गलत है, अब सवाल ये उठता है कि किताब में लिखा क्या है? दरअसल किताब की कहानी सोनिया के जीवन पर आधारित है, जिसे लिखा है स्पैनिश लेखक ज़ेवियर मोरो ने। कांग्रेस का कहना है कि इसमें तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है। कांग्रेस ने इसके लिए ज़ेवियर मोरो को नोटिस भी भेजा था।
आपको बता दें कि स्पेनिश लेखक जेवियर मोरो की किताब 'एल सारी रोसो यानी द रेड सारी', सोनिया गांधी की जिंदगी पर लिखी गई नॉवेल है। यह 2008 में मार्केट में आयी थी। इटैलियन, फ्रेंच और डच में इसकी दो लाख से ज्यादा कॉपियां बिक चुकी हैं और अब इसका इंगलिश ट्रांसलेशन मार्केट में आया है। जिसमें उस लाल साड़ी का जिक्र है, उसे लेखक के मुताबिक पंडित नेहरू ने जेल में बुना था और सोनिया ने अपनी शादी के दिन पहना था।
किताब 'एल सारी रोसो यानी द रेड सारी' में सोनिया की निगेटिव छवि
यह कहानी है, इटली के एक छोटे से गांव में पैदा हुई लड़की के हैरतअंगेज सफर की जिसे पावर तो मिली, लेकिन अपने पति को गंवाने के बाद। किताब में संजय गांधी को गालियां बकते और सोनिया को राजीव की मौत के बाद इटली चले जाने की सोचते दिखाया गया है। जिसके लिए कांग्रेसियों का कहना है कि यह किताब सोनिया गांधी को बदनाम करने के लिए लिखी गई है।
सोनिया ने राजीव गांधी से कहा कि वो भारत छोड़ दें!
तो वहीं आलोचकों का कहना है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी की की अध्यक्ष सोनिया गांधी , जो देश की बहू हैं वो भी उस खानदान से हैं जिसका लहू हमेशा देश के लिए बहा है। हमेशा इस बात को आधार बना कर कांग्रेस अपना वोट बैंक मजबूत करती आयी है तो भला वो कैसे बर्दाश्त कर सकती है कि सोनिया के उस रूप को जनता के समक्ष लाया जाये जो कभी देश यानी भारत छोड़ना चाहता था वो भी अपने बच्चों समेत।
बड़े ही खराब दौर से गुजर रही कांग्रेस के लिए यह किताब और मुसीबत ही पैदा कर सकती है। जब तक कांग्रेस सत्ता में थी तब तक तो यह किताब भारत में प्रकाशित नहीं हो पायी, चूंकि अब वो सत्ता से कोसो दूर है तो यह किताब मार्केट में आ गई।













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