भारतीय भाषाओं में तैयार किया जाए कंटेंट ताकि किसी गरीब का टैलेंट न मरे- पीएम मोदी
बुधवार को शिक्षा क्षेत्र से जुड़े एक वेबिनार को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भारतीय भाषाओं के उपयोग को प्रोत्साहित किया गया है।
नई दिल्ली। बुधवार को शिक्षा क्षेत्र से जुड़े एक वेबिनार को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भारतीय भाषाओं के उपयोग को प्रोत्साहित किया गया है। यह हर भाषा के विशेषज्ञों की जिम्मेदारी है कि कैसे दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सामग्री भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा, ' हमें भारत के सभी लोगों की प्रतिभा का उपयोग करना चाहिए और इसे संभव बनाने के लिए भाषाई अवरोध को समाप्त करना बहुत जरूरी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति इसकी सुविधा प्रदान करती है। राष्ट्रभाषा अनुवाद मिशन भी इसे सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।'

पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमें प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक भारतीय भाषाओं में कटेंट तैयार करना होगा, ताकि भाषा के कारण किसी गरीब का टैलेंट न मरे।
वैश्विक मांग के आधार पर तैयार की जाएं स्किल
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें वैश्विक मांग को देखते हुए देश में स्किल तैयार करनी होगी, ताकि युवाओं को वैश्विक स्तर पर काम करने का मौका मिल सके।
आत्मनिर्भर भारत के लिए युवाओं में आत्मविश्वास महत्वपूर्ण
पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लिए जरूरी है कि युवाओं में आत्मविश्वास हो और आत्मविश्वास तभी आता है जब युवाओं को अपनी शिक्षा, कौशल और ज्ञान में विश्वास होता है।
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हाइड्रोजन मिशन की महत्ता पर दिया जोर
पीएम मोदी ने वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा, 'भारत ने हाइड्रोजन वाहन का परीक्षण किया है। अब हमें परिवहन के लिए ईंधन के रूप में हाइड्रोजन का उपयोग करने के लिए खुद को उद्योग-तैयार करना है। फ्यूचर फ्यूल, ग्रीन एनर्जी ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए, बजट में घोषित 'हाइड्रोजन मिशन' एक बड़ा संकल्प है।'












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