कांग्रेस ने तेल की कीमतों को लेकर केंद्र पर निशाना साधा, टॉप ट्रेंड करने लगे राहुल गांधी
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ पूरा देश एक जंग लड़ रहा है और इस संकट से जल्दी बाहर निकलने की कोशिश कर रहा हैं। , ट्विटर पर आज #WHO_With_Rahul टॉप ट्रेंड कर रहा है। दरअसल, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक ट्वीट किया है जिसे राहुल गांधी ने भी केन्द्र सरकार से तेल के दामों की कीमतों को लेकर ट्ववीट किया जिसके बाद डब्लूएचओ और राहुल गांधी दोनो ही टॉप ट्रेंड में आ गए जिससे राहुल समर्थक बेहद उत्साहित हैं।
पहले बता दें WHO ने ट्वीट अपने एक ट्वीट में लिखा है, 'कथित लॉकडाउन में महामारी से देश को राहत मिल सकती है लेकिन केवल इसी से सबकुछ हासिल नहीं होगा। देशों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे बीमारी की पहचान करें, टेस्ट करें, आइसोलेट करें, हर केस की निगरानी करें और हर कॉन्टैक्ट को खोजें।'

राहुल ने पूछा कब सुनेगी सरकार
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कच्चे तेल की कीमत में ऐतिहासिक गिरावट के बाद मंगलवार को मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में भी पेट्रोल 69 रुपये और डीजल 62 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमत कम करने की मांग पर सरकार क्यों ध्यान नहीं दे रही है? राहुल गांधी ने ट्वीट किया और पूछा कि जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत में ऐतिहासिक कमी देखी जा रही है तो भारत में पेट्रोल 69 रुपये प्रति लीटर क्यों हैं? दुनिया में कच्चे तेल की क़ीमतें अप्रत्याशित आंकड़ों पे आ गिरी हैं, फिर भी हमारे देश में पेट्रोल 69 रुपये, डीजल 62 रुपये प्रति लीटर क्यों है? इस विपदा में जो दाम घटे, सो अच्छा। कब सुनेगी ये सरकार?
राहुलगांधी ने लगाया ये आरोप
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि देश में गरीब भूखे मर रहे हैं और उनके हिस्से के चावल से सैनिटाइजर बनाकर अमीरों की मदद की जा रही हैफ। उन्होंने यह सवाल भी किया कि आखिर देश का गरीब कब जागेगा? गांधी ने एक खबर शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘‘आख़िर हिंदुस्तान का ग़रीब कब जायेगा ? आप भूखे मर रहे हैं और वे आपके हिस्से के चावल से सैनिटाइजर बनाकर अमीरों के हाथ की सफ़ाई में लगे हैं
कांग्रेस नेता ने कहा भारत ने तेल खरीदने से इंकार क्यों किया
वहीं कांग्रेस नेता पवन खरे ने कहा कि ईरान से तेल आयात करने पर रोक लगने के बाद भारत अमेरिका से तेल आयात करने वाला दसवां सबसे बड़ा देश है।जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मूल्य इतना कम हो गया, तो हमने तेल खरीदने से इनकार क्यों किया? जबकि हमारे पास भंडारण क्षमता भी है












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