Sonia Gandhi Sovereignty विवाद: कांग्रेस बोली, कर्नाटक की चुनावी रैली में संप्रभुता का इस्तेमाल नहीं
कांग्रेस ने सोनिया गांधी की संप्रभुता वाली कथित टिप्पणी पर सफाई दी है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि कर्नाटक में एक चुनावी सभा के दौरान 'Sonia Gandhi Sovereignty word' का कथित विवाद और इससे जुड़े दावे गलत हैं।

Sonia Gandhi Sovereignty शब्द के कथित इस्तेमाल को लेकर कठघरे में हैं। भाजपा ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया और कहा कि कर्नाटक को देश से अलग करने की नीयत एक्सपोज हो गई। अब कांग्रेस ने सोनिया और संप्रभुता शब्द के इस्तेमाल पर बयान दिया है।
सफाई में सोनिया का भाषण
Hubballi में हुई सोनिया गांधी की इस रैली के भाषण का कंटेंट कथित तौर पर आपत्तिजनक था, जिस पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। परिस्थिति को स्पष्ट करने के लिए कांग्रेस ने भाषण की हाइलाइट्स को ट्वीट किया है।
सोनिया ने संप्रभुता शब्द का इस्तेमाल नहीं किया
कांग्रेस ने कहा है कि कर्नाटक चुनाव अभियान के दौरान सोनिया गांधी ने अपनी रैली के दौरान भाषण में कभी भी 'संप्रभुता' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। पार्टी ने गलत ट्वीट को हटा दिया है।
इंदिरा से जुड़ा कर्नाटक और कांग्रेस का इतिहास
कांग्रेस ने विस्तार से सोनिया के भाषण का कंटेंट शेयर किया। इसमें लिखा है, हुबली की रैली में सोनिया गांधी ने कहा, जब 1978 में इंदिरा जी अपने ऊपर केन्द्र सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ संघर्ष कर रही थीं, तो चिकमगलूर के लोगों उनका पूरा साथ दिया था।
सोनिया ने कहा, 24 साल पहले उन्होंने जब पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ा, तो मुझे भी बेल्लारी के लोगों का विश्वास और समर्थन मिला। उन्होंने आह्वान किया कि भाजपा की सरकार अंधेरगर्दी की सरकार है। इसकके खिलाफ आवाज बुलंद करें।
भाजपा का नाम लिए बिना सोनिया ने अपने भाषण में कहा था, नफरत फैलाना जिनका काम है, उन्हीं के खिलाफ 'भारत जोड़ो यात्रा' हुई थी। भाजपा सरकार की लूट, झूठ, अहंकार और नफरत ने जिस तरह का माहौल बना दिया है।
बकौल सोनिया, भारत जोड़ो यात्रा से भाजपा को इतनी घबराहट हुई कि वह हर तरह के दमन पर उतारू हो गई है। उन्होंने तीखे सवाल किए और पूछा- क्या आपको नहीं लगता है कि आज जो सत्ता में बैठे हैं, डकैती डालना ही उनका धंधा हो गया है?
पिछले विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस जेडीएस की सरकार के अल्पमत में आने और 2018 के जनादेश का जिक्र कर सोनिया ने कहा, 2018 में कर्नाटक की जनता ने इन्हें सत्ता तो नहीं सौंपी, लेकिन इन्होंने डकैती डालकर सत्ता हथिया ली।
सोनिया ने भाजपा को आगाह किया कि कर्नाटक के लोगों को इतना बेबस और लाचार मत समझें। कर्नाटक के लोग किसी के आशीर्वाद पर नहीं, अपनी मेहनत और संकल्प पर भरोसा करते हैं। कर्नाटक के लोग डरपोक नहीं हैं, लालची नहीं हैं कि आप उन्हें फुसला लें।
उन्होंने कहा, कर्नाटक के लोग 10 मई को आपको बताएंगे कि वे किस मिट्टी से बने हैं। लाखों किसानों और दूध उत्पादकों के हित की अनदेखी करके 'नंदिनी' जैसी अच्छी संस्थाओं पर डकैती डालने का इनका षडयंत्र यहाँ कामयाब होने वाला नहीं है।
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पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, पांच साल पहले कांग्रेस ने कर्नाटक में अपने वायदे पूरे करने के लिए खूब संघर्ष किया था। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की सरकारें राजस्थान, छत्तीसगढ़, हिमाचल में अपना एक-एक वादे पूरे कर रही हैं।
सोनिया को चुनाव आयोग से नोटिस
भाजपा के आक्रामक तेवरों औऱ कंप्लेन के बीच इस मामले में चुनाव आयोग ने भी संज्ञान लिया। आयोग ने सोनिया से इस संबंध में जवाब भी तलब किया है। बीजेपी ने कांग्रेस की मान्यता रद्द करने की मांग की है।
सोनिया के बयान पर पीएम मोदी क्या बोले
रिपोर्ट्स के अनुसार खुद पीएम मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान इस मुद्दे को उठाया और कहा, टुकड़े-टु़कड़े गिरोह की बीमारी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व तक जा पहुंची है। उन्होंने इसे कन्नड़ अस्मिता से भी जोड़ने का प्रयास किया।












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