JNU हिंसा: कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- सब साजिश थी, देश में नहीं बचा लोकतंत्र
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में रविवार को हुंई हिंसा को लेकर विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने कहा है कि ये हिंसा 'सरकार ने करवाई है' और अब देश में 'लोकतंत्र नहीं बचा है'। कांग्रेस ने मामले में जांच कराने की मांग की है।
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'सरकार द्वारा प्रायोजित गुंडागर्दी'
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, 'पूरे देश ने जेएनयू के परिसर में कल सरकार द्वारा प्रायोजित गुंडागर्दी और आतंकवाद को देखा। ये सब जेएनयू प्रशासन और दिल्ली पुलिस की निगरानी में हुआ, जिन्हें सीधे गृहमंत्री अमित शाह द्वारा नियंत्रित किया जाता है।'
Randeep Surjewala, Congress: The entire country witnessed state sponsored goondism and terrorism yesterday in the campus of JNU. All this happened under the watch of JNU administration and also Delhi Police which is directly controlled by Home Minister Amit Shah. pic.twitter.com/3qvNaVjO0Z
— ANI (@ANI) January 6, 2020
'लड़कियों के हॉस्टल पर हमला किया गया'
सुरजेवाला ने आगे कहा, 'हिंसक हमला पुलिस की मौजूदगी में हुआ.. जिस तरीके से लड़कियों के हॉस्टल पर हमला किया गया। गुंडे जेएनयू में घुसे और छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया। जिस तरीके से पुलिस ने 150 से ज्यादा फोन करने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ये दिखाता है कि अब देश में लोकतंत्र नहीं बचा है।'
Kapil Sibal,Congress on #JNUViolence: How were masked people allowed to enter the campus? What did the Vice Chancellor do? Why was Police standing outside? What was the Home Minister doing? All these questions are unanswered. This is a clear conspiracy,investigation needed. pic.twitter.com/y4SkGfYOaZ
— ANI (@ANI) January 6, 2020
'यह एक स्पष्ट साजिश है'
वहीं मामले पर कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा, 'नकाबपोश लोगों को कैंपस में कैसे घुसने दिया गया? वीसी ने क्या किया? पुलिस बाहर क्यों खड़ी थी? गृहमंत्री क्या कर रहे थे? इन सभी प्रश्नों के जवाब नहीं हैं। यह एक स्पष्ट साजिश है, जांच की जरूरत है।'

जेएनयू में कुछ नकाबपोश अचानक घुसे
बता दें रविवार को जेएनयू में कुछ नकाबपोश अचानक घुस गए थे। इन लोगों ने कई हॉस्टलों पर हमला किया। छात्रों और शिक्षकों को बुरी तरह पीटा। इनके हाथों में डंडे, लोहे के रोड और अन्य हथियार मौजूद थे। छात्रों पर हुए इस हमले की हर ओर निंदा की जा रही है। जेएनयू के छात्र संघ ने इस हिंसा के लिए विश्वविद्यालय के वीसी और एबीवीपी को जिम्मेदार ठहराया है।












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