'राहुल और बहन प्रियंका के रिश्तों में खटास, नहीं बांधी राखी', BJP के इस दावे का कांग्रेस ने दिया ये जवाब
बीजेपी ने दावा किया कि रक्षाबंधन के मौके पर राहुल गांधी की कलाई पर राखी नहीं थी। 'हाशिये पर पड़ी' बहन के साथ उनके रिश्ते में खटास आ गई है। वहीं, कांग्रेस ने बीजेपी के सारे दावों को खारिज किया है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और उनकी बहन पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के रिश्तों में भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) ने दरार का दावा ठोका है। बीजेपी का कहना है कि बहन का इस्तेमाल सिर्फ चुनाव प्रचार के लिए किया जाता रहा है। यही कारण है कि रक्षाबंधन के मौके पर राहुल गांधी की कलाई पर राखी नहीं थी। दावा यह भी किया गया कि 'हाशिये पर पड़ी' बहन के साथ उनके रिश्ते में खटास आ गई है।
बीजेपी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल साझा किए गए वीडियो में दावों को कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सिरे से खारिज कर दिया। साथ ही तंज कसते हुए कहा कि सभी परिवार एक जैसे नहीं होते, जहां लोग भाग जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी आंखों और दिमाग दोनों का इलाज कराएं। राहुल जी ने रक्षाबंधन के दिन राखी रखी थी। दरअसल, वह साल भर राखी रखते हैं। प्रियंका चतुर्वेदी ने की निंदा...

वहीं, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने बीजेपी के आधिकारिक हैंडल के 'निम्न' स्तर और 'सत्ता में रहने की हताशा' की निंदा की। उन्होंने कहा कि बीजेपी द्वारा जारी वीडियो की भाषा और सामग्री से साफ पता चलता है कि इसकी स्क्रिप्ट सिली सोल्स प्रोडक्शन द्वारा लिखी गई है और फूलिश ट्रॉल्स कंपनी द्वारा निर्मित है। सत्ता में बने रहने की अपनी हताशा के लिए बीजेपी जिन नए स्तरों पर जा सकती है, उस पर अवश्य ही दया आनी चाहिए।
कांग्रेस ने वीडियो से दिया बीजेपी को जवाब
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने बीजेपी के दावों को खारिज करने के लिए राहुल गांधी की एक फोटो और वीडियो भी शेयर किया। वीडियो हाल ही में राहुल गांधी के कर्नाटक दौरे से संबंधित था। जिसमें रक्षा बंधन पर, राहुल गांधी गृह लक्ष्मी योजना का शुभारंभ करने के लिए पहुंचे थे। गृह लक्ष्मी लॉन्च कार्यक्रम में राहुल गांधी ने वास्तव में अपनी बहन द्वारा बंधी राखी दिखाई और इसके बारे में बात की थी।
क्या है बीजेपी के दावे ?
बीजेपी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के रिश्ते की हकीकत पर सवाल उठाया गया है। वीडियो में कहा गया कि हमने तेजस्वी और तेज प्रताप को लड़ते देखा है, सुप्रिया सुले और अजित पवार को भिड़ते देखा है। अखिलेश यादव और शिवपाल यादव (चाचा) के बीच की खटास देखी। क्या राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच भी ऐसा ही हो रहा है? प्रियंका गांधी का इस्तेमाल चुनाव के लिए किया गया है। इंदिरा गांधी की साड़ी पहनकर वह परिवार में किसी न किसी के लिए प्रचार करती रही हैं।
दावा यह भी किया गया कि हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में प्रियंका गांधी ने 28 से अधिक रैलियां कीं और पार्टी की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेकिन दूसरी ओर, राहुल गांधी ने 39 चुनावों में पार्टी की हार सुनिश्चित की। फिर भी, राहुल गांधी को सारा श्रेय दिया जाता है और उन्होंने गृह लक्ष्मी योजना शुरू की। शायद इसी कारण से, प्रियंका गांधी ने कर्नाटक जीत के बाद मंच पर राहुल गांधी का हाथ झटक दिया।
वीडियो में दावा किया गया है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों जानते हैं कि अगर प्रियंका गांधी को मौका दिया गया, तो वह राहुल पर भारी पड़ जाएंगी। प्रियंका गांधी की उम्मीदवारी पर आचार्य प्रमोद के बयान का इस्तेमाल करते हुए वीडियो में कहा गया है कि कई कांग्रेस नेता पहले ही प्रियंका गांधी के पक्ष में हैं। जबकि पार्टी के छोटे नेता विपक्षी गठबंधन INDIA की बैठक में शामिल होते हैं। लेकिन, राहुल गांधी तीन बैठकों में से किसी में भी प्रियंका गांधी को नहीं ले गए। राहुल गांधी, प्रियंका से चुनाव प्रचार कराते हैं लेकिन उन्हें सीट नहीं देते हैं।












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