कर्नाटक के बाद गोवा से बीजेपी को हटाने के लिए कांग्रेस ने बनाया नया प्लान
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नई दिल्ली। हाल ही कर्नाटक में घटे राजनीतिक घटनाक्रम के चलते कांग्रेस के अंदर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। उत्साही कांग्रेस गोवा में कर्नाटक वाले मॉडल को अपना सकती है। नाम ना छापने की शर्त पर दो शीर्ष कांग्रेसी नेताओं ने बताया कि महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी के साथ पिछले दरवाजे से बातचीत चल रही है। फिलहाल गोमंतक पार्टी बीजेपी के साथ गंठबंधन की सरकार में शामिल है। दोनों कांग्रेस नेताओं ने बताया कि, उनकी पार्टी तटीय राज्य में सत्ता से बीजेपी को हटाने के लिए एमजीपी के साथ ढांचे पर चर्चा कर रही है। इसमें कर्नाटक की तरह छोटी पार्टी की भूमिका में रही पार्टी को नेतृत्व ऑफर किया जा सकता है।

गोमंतक पार्टी गठजोड़ से कर रही है इंकार
हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक, एमजीपी नेता और राज्य के PWD मंत्री रामकृष्ण सुदिन धवलीकर ने कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के गठबंधन से इंकार कर दिया है। हालांकि कांग्रेस नेताओं में से एक ने कहा,'हम एमजीपी के साथ बातचीत कर रहे हैं और उन्हें समर्थन देने के इच्छुक हैं। उनका लक्ष्य बीजेपी सरकार को हटाना है।' हालांकि जब धवलिकर से पूछा गया कि , क्या उन्हें मुख्यमंत्री पद की पेशकश की गई है, तो धवलिकार ने कहा, 'इस चरण में किसी से समर्थन मांगने का कोई सवाल नहीं है। मैं पहले से ही सरकार में हूं जो कि बहुत अच्छा कर रही है, 'उन्होंने कहा, 'मैंने इस तरह की चीजों पर चर्चा नहीं की है और ना ही मैं चर्चा करना चाहता हूं।' धवलिकर वर्तमान में मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की अनुपस्थिति में सदन के नेता के रूप में काम कर रहे हैं। मनोहर पर्रिकर संयुक्त राज्य अमेरिका में इलाज कर रहे हैं।

कांग्रेस ने गोवा फॉरवर्ड पार्टी के साथ गठबंधन से किया इंकार
इस सब के बावजूद दोनों कांग्रेसी नेताओं ने जोर देकर कहा कि एमजीपी और निर्दलीय लोगों के साथ बातचीत चल रही है। वहीं नेताओं ने गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के नेता विजई सरदेसाई के साथ किसी भी वार्ता का खंडन किया। उन्होंने कहा कि, हम एमजीपी और निर्दलीय लोगों से बात कर रहे हैं लेकिन सरदेसाई के साथ नहीं। एक नेता ने कहा, उनकी मांग बहुत अधिक है। दूसरे नेता ने कहा, गोवा पर कर्नाटक के नतीजे का असर बहुत अच्छा हुआ है। हमने कांग्रेस को आमंत्रित करने के लिए राज्यपाल से संपर्क किया है क्योंकि वह राज्य विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी है।

कांग्रेस पर्रिकर की अनुपस्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रही है
40 सदस्यीय वाली गोवा विधानसभा में कांग्रेस 16 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है। वहीं बीजेपी के पास 14 विधायक हैं। एमजीपी और जीएफपी के पास तीन-तीन विधायक हैं। वहीं एनसीपी के पास एक विधायक है। जबकि तीन निर्दलीय विधायक हैं। राज्य में सरकार बनाने के लिए 21 विधायकों का बहुमत जरुरी है। अब कांग्रेस पार्रिकर की अनुपस्थिति में राज्य में पूर्णकालिक मुख्यमंत्री की नियुक्ति की मांग कर रही है। अपनी रणनीति के तहत, कांग्रेस भाजपा पर पर्रिकर के बदले किसी और का नाम देने के लिए दबाव डाल रही है, बहस कर रही है कि राज्य प्रशासन संकट में है।












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