'चुनाव आयुक्तों की पीएमओ के साथ बातचीत' कांग्रेस ने लोकसभा में दिया स्थगन प्रस्ताव
नई दिल्ली, 17 दिसंबर: चुनाव आयुक्तों के प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की एक अनौपचारिक बैठक में शामिल होने के मामले को कांग्रेस ने संसद में उठाया है। इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने एक रिपोर्ट की है जिसमें कहा गया है कि पीएमओ की ओर से 16 नवंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए हुई एक अनौपचारिक बातचीत में मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा, चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और अनूप चंद्र पांडे शामिल हुए थे। इसको लेकर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने शुक्रवार को लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।

कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा, दो चुनाव आयुक्तों और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा के बीच आनलाइन बातचीत से जुड़ी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि मौजूदा भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में 'संस्थाओं की स्वायत्तता से समझौता किया जा रहा है' ऐसे में इस पर सदन में चर्चा की जाए।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने इस मुद्दे पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देने परर कहा, मैंने आज द इंडियन एक्सप्रेस में छपी स्टोरी के संबंध में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस पेश किया है। ये रिपोर्ट इस तथ्य को चिह्नित करती है कि संस्थानों की स्वायत्तता से समझौता किया गया है। इसलिए इन परिस्थितियों में सदन के लिए इस मुद्दे पर चर्चा करना बेहद जरूरी है।
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क्या है मामला
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले महीने 16 नवंबर को हुई बैठक से पहले चुनाव आयोग को कानून मंत्रालय के एक अधिकारी से मिले पत्र में कहा गया कि प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा मतदाता सूची को लेकर एक बैठक करेंगें। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्त की उपस्थित हो। रिपोर्ट के मुताबिक पत्र के शब्दों को एक समन की तरह देखा गया जो कि संवैधानिक मानदंडों का उल्लंघन है। इस मामले को लेकर पूर्व चुनाव आयुक्तों ने भी नाराजगी जताई है। वहीं अब ये मामला संसद में भी उठा है।












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