'त्याग दीजिए राष्ट्रपति भवन, उड़ा दीजिए गोले से...', भारत-इंडिया की बहस पर कांग्रेस का तीखा वार
दिल्ली में 9 से 10 सितंबर को जी-20 का आयोजन किया जा रहा है। अंतराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले जी-20 की अघ्यक्षता इस बार भारत कर रहा है। जी-20 के आयोजन में अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन समेत दुनिया भर के कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रतितिधि भारत के मेहमान बन कर आ रहे हैं।
वहीं इसके बीच G20 सम्मेलन के रात्रि भोज के आमंत्रण पत्र पर प्रेसीडेंट ऑफ इंडिया' के बजाय 'प्रेसीडेंट ऑफ भारत' लिखे जाने पर जमकर राजनीति शुरू हो चुकी है। एक के बाद एक विपक्षी नेता मोदी सरकार पर इसको लेकर हमले बोल रहा है।

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने जी-20 के निमंत्रण पत्र पर 'प्रेसीडेंट ऑफ भारत' लिखे जाने पर अब आपत्ति जताई है। अधीर ने गुस्सा जताते हुए कहा "अगर इतनी समस्या है ब्रिटिशर्सस से है तो राष्ट्रपति भवन खाली कर दें क्योंकि उस समस राष्ट्रपति भवन तो वायसराय का घर था। इसके साथ ही अधीर रंजन ने कहा त्याग दीजिए राष्ट्रपति भवन को, नार्थ और साउथ ब्लॉक को गोले से उड़ा दीजिए।"
बता दें जी-20 के रात्रि भोज के निमंत्रण पत्र पर 'प्रेसीडेंट ऑफ इंडिया' की जगह 'प्रेसीडेंट ऑफ भारत' लिखा है। ये मुद्दा सबसे पहले कांग्रेस ने उठाया था जिसके बाद विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' में शामिल कांग्रेस और अन्य नेताओं ने भी इस पर आपत्ति जताई है।
गौरतलब है कि अधीर रंजन को विधि मंत्रालय ने 'वन नेशन वन इलेक्शन कमेटी' का सदस्य नियुक्त किया था लेकिन चौधरी ने 8 सदस्सीय कमेटी का सदस्य बनने से इनकार कर दिया था। रंजन ने अपने पत्र में लिखा था "मुझे उस समिति में काम करने से इनकार करने में कोई झिझक नहीं है, जिसके संदर्भ की शर्तें इसके निष्कर्षों की गारंटी के लिए तैयार की गई हैं। मुझे डर है कि यह पूरी तरह से धोखा है।"
बात दें कांग्रेस सांसद अधीर रंजन मोदी सरकार के धुर विरोधी हैं। कुछ महीने पहले संसद संत्र में उनके व्यवहार के चलते निलंबित कर दिया था।












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