BJP कार्यकर्ता की हत्या के मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला, कांग्रेस MLA विनय कुलकर्णी समेत 16 दोषियो को उम्रकैद
कर्नाटक से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने 2016 में हुई भाजपा कार्यकर्ता योगेश गौड़ा की नृशंस हत्या के मामले में कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री विनय कुलकर्णी समेत 16 लोगों को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश संतोष गजानन भट ने इस हत्याकांड को राजनीतिक साजिश का हिस्सा मानते हुए सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की है।
अदालत ने धारवाड़ ग्रामीण के विधायक विनय कुलकर्णी को हत्या (धारा 302) और आपराधिक साजिश (धारा 120B) का मुख्य सूत्रधार माना है। सीबीआई (CBI) ने इस मामले की गहन जांच की थी, जिसमें यह साबित हुआ कि राजनीतिक रंजिश के चलते इस पूरी वारदात को अंजाम दिया गया।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, सीबीआई के विशेष अभियोजकों ने दलील दी कि एक जनप्रतिनिधि का ऐसी साजिश में शामिल होना समाज के लिए घातक है, इसलिए उन्हें बिना किसी रियायत के जेल में रहना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, भाजपा नेता और धारवाड़ जिला पंचायत के पूर्व सदस्य योगेश गौड़ा की 15 जून 2016 को धारवाड़ में उनके जिम में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में धारवाड़ उपनगरीय पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। बाद में सीबीआई ने मामले की जांच की और आपराधिक साजिश, हत्या, लोक सेवक द्वारा कानून की अवज्ञा, सबूतों को नष्ट करने, गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने और घातक हथियारों के साथ दंगा करने जैसी धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की।
विनय कुलकर्णी को 5 नवंबर 2020 को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। हालांकि 11 अगस्त 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी थी, लेकिन 7 जून 2025 को अदालत ने उनकी जमानत रद्द कर दी क्योंकि गवाहों को प्रभावित करने के विश्वसनीय सबूत मिले थे।
दोषियों के नाम
15 अप्रैल को अदालत ने माना कि आरोपी विक्रम, कीर्ति कुमार, संदीप सावदत्ती, विनायक कटागी, महाबलेश्वर होंगल उर्फ मुदाका, संतोष सावदत्ती, दिनेश एम, एस अश्वथ, केएस सुनील, नजीर अहमद, शनवाज, के नूतन, सी हर्षित, विनय कुलकर्णी (आरोपी नंबर 15), चंद्रशेखर इंदी उर्फ चंदू मामा, विकास कालबुर्गी और चन्नाकेशव तिंगरीकर ने हत्या की साजिश रची थी।
अदालत ने आरोपी नंबर 2 से 16 और 18 को आईपीसी की धारा 302 और 120B के तहत उम्रकैद और ₹30,000 जुर्माने की सजा सुनाई है।
अन्य सजाएं इस प्रकार हैं:
- गैरकानूनी सभा (धारा 143): आरोपियों को 6 महीने की कैद और ₹2,000 जुर्माना।
- दंगा (धारा 147): आरोपियों को 1 साल का सश्रम कारावास।
- हथियारों के साथ दंगा (धारा 148): 1 साल का सश्रम कारावास और ₹2,000 जुर्माना।
- सबूत नष्ट करना (धारा 201): 7 साल का सश्रम कारावास और ₹30,000 जुर्माना।
- गलत रिकॉर्ड बनाना (धारा 218): आरोपी नंबर 19 को 3 साल की कैद।
मुआवजा और अन्य अदालती आदेश
अदालत ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ (Concurrently) चलेंगी। कुल जुर्माने की राशि में से ₹16 लाख योगेश गौड़ा के बच्चों को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे। विनय कुलकर्णी और चंद्रशेखर इंदी को आर्म्स एक्ट के आरोपों से बरी कर दिया गया है। इसके अलावा, अदालत ने मुकर जाने वाले गवाहों और कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए हैं।j महिला आरक्षण बिल को लेकर मायावती ने वंचित समाज को किया अलर्ट! SC-ST-OBC मुद्दे पर कांग्रेस और सपा की खोली पोल














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