'कांग्रेस नेताओं का चपरासी जब पार्टी के बारे में ज्ञान देता है तो हंसी आती है',गुलाम की आलोचना पर भड़के तिवारी
नई दिल्ली, 27 अगस्त: कांग्रेस के कद्दावर नेता गुलाम नबी आजाद ने पार्टी के सभी पदों से शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। अपने इस्तीफे में उन्होंने पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला भी किया, जिसके बाद पार्टी के अन्य बड़े नेताओं के निशाने पर गुलाम नबी आजाद आ चुके हैं। इसी के बाद अब मनीष तिवारी ने भी पार्टी को अपने तेवर दिखाए हैं। उन्होंने कहा कि मैं इस पार्टी का किरायेदार नहीं, बल्कि सदस्य हूं। साथ ही गुलाम की आलोचना करने वाले नेताओं को भी करार जवाब दिया है।
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गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि उत्तर भारत के लोग जो हिमालय की चोटी की ओर रहते हैं, यह जज्बाती, खुद्दार लोग होते हैं। पिछले 1000 साल से इनकी तासीर आक्रमणकारियों के खिलाफ लड़ने की रही है। किसी को इन लोगों के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि दो साल पहले हम 23 लोगों ने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी को पत्र लिखकर बताया था कि कांग्रेस की परिस्थिति चिंताजनक है, जिसपर विचार करने की जरूरत है... कांग्रेस की बगिया को बहुत लोगों, परिवारों ने अपने खून से संजोया है। अगर किसी को कुछ मिला वह खैरात में नहीं मिला है। उन्होंने आगे कहा, "गुलाम नबी आजाद के पत्र के गुण-दोष में मैं नहीं जाना चाहता। वह इसके बारे में समझाने की सबसे अच्छी स्थिति में होंगे।''
वहीं मनीष तिवारी पार्टी के पार्टी के नेताओं द्वारा उनके इस्तीफे के बाद गुलाम नबी आजाद की आलोचना पर एक सवाल के जवाब में कहा, ''जिस व्यक्ति की हैसियत एक वार्ड चुनाव लड़ने की भी नहीं है, जो व्यक्ति कभी कांग्रेस नेताओं का चपरासी हुआ करता था, वह जब पार्टी के बारे में "ज्ञान" देते हैं तो यह हंसी का पात्र होता है...।"












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