'100 करोड़ वसूली के मामले पर शरद पवार से पूछा जाए', परमबीर सिंह की चिठ्ठी पर कांग्रेस नेताओं ने क्या-क्या कहा?
'100 करोड़ वसूली के मामले पर शरद पवार से पूछा जाए', परमबीर सिंह की चिठ्ठी पर कांग्रेस नेताओं ने क्या-क्या कहा?
मुंबई: मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की चिट्ठी और राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख पर वसूली का आरोप लगने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल मच गया है। महाविकास अघाड़ी सरकार में इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मुंबई के पुलिस कमिश्नर पद से हटाए गए परमबीर सिंह ने सीएम उद्धव ठाकरे को एक पत्र लिखकर ये दावा किया है कि एंटीलिया केस में गिरफ्तार स्पेंड पुलिसकर्मी सचिन वाजे को गृह मंत्री अनिल देशमुख ने हर महीने 100 करोड़ की वसूली के लिए बोला था। अब इस मामले पर कांग्रेस नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद संजय निरूपम ने कहा है कि इस मामले में एनसीपी प्रमुख शरद पवार से पूछा जाना चाहिए और कांग्रेस को इस मामले पर स्टैंड लेना चाहिए। वहीं महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा है कि महाविकास अघाड़ी सरकार को अस्थिर करने के लिए ये भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की साजिश है।

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100 करोड़ वसूली के मामले पर शरद पवार सवाल पूछिए- संजय निरूपम
संजय निरूपम ने शनिवार (20 मार्च) देर रात को ट्वीट करते हुए लिखा, ''परमबीर सिंह जो बोल रहा है और दावा कर रहा है,अगर वो सच है तो माननीय शरद पवार जी से इस मामले में सवाल पूछे जाने चाहिए...क्योंकि वह वर्तमान में महाराष्ट्र सरकार के शिल्पकार हैं। आखिरकार यह तथाकथित तीसरा मोर्चा करने क्या जा रहा है? कांग्रेस को इस मुद्दे पर एक स्टैंड लेना चाहिए।''
संजय निरूपम ने शरद पवार से सवाल पूछे जाने की बात इसलिए कही ये क्योंकि महाविकास अघाड़ी सरकार बनाने के बारे में जब शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी के बीच सबकुछ तय किया जा रहा था तो शरद पवार ने गृह मंत्रालय को अपने कोटे में रखा था।
'अभी तक मुंबई पुलिस कमिश्नर साहब चुप क्यों थे?- दिग्विजय सिंह
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। रविवार (21 मार्च) को दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया, ''अभी तक मुंबई पुलिस कमिश्नर साहब चुप क्यों थे? क्या यह सब उनकी भाजपा में जाने की तैयारी है या केंद्र सरकार में लाभदायक पद प्राप्त करने का संकेत है?''
कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने क्या-क्या कहा?
सचिन सावंत ने कहा, महाराष्ट्र में भी, विनोद राय की प्रवृत्ति वाले लोग प्रशासन में हैं। पत्र के बारे में महाविकास अघाड़ी सरकार के पहले बीजेपी को कैस पता चला। जो पत्र देखा गया है, उसके पीछे कोई साजिश है। आज जो बातचीत दिखाई जा रही है वह एक साल पहले हुई होगी। एंटीलिया केस के बाद किसी भी समझदार व्यक्ति ने ऐसा नहीं किया होगा।
उन्होंने अपने एक अन्य ट्वीट में कहा, गृह मंत्री ने एक महीने पहले कहा था कि वे दबाव में हैं। बीजेपी ने केंद्र सरकार के दबाव में अधिकारियों को लाकर हमारी सरकार के खिलाफ साजिश रची है। यह इस तथ्य से स्पष्ट है कि भाजपा नेताओं को पहले से ही इस बारे में जानकारी थी।












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