संसद में राहुल गांधी बोले- अग्निवीर योजना RSS की ओर से आर्मी पर थोपी गई
rahul gandhi in parliament, राहुल गांधी ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा से मैंने बहुत कुछ सीखा है। जनता की आवाज को गहराई से सुना है। हमने हजारों लोगों से बात की, बुजुर्गों से और महिलाओं से बात की।

rahul gandhi in parliament, बजट सत्र के बाद से लगातार संसद अडानी के मामले पर स्थगित चल रही थी। कई दिनों के गतिरोध के बाद विपक्ष आज संसद के चलाने पर सहमत हुआ। जिसके बाद आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद में अपनी बात रखी। राहुल गांधी ने सदन में अपनी बात की शुरुआत भारत जोड़ो यात्रा के अनुभवों से की। राहुल गांधी ने कहा कि, राजनीति पुरानी परंपरा खो रही है। लोग पैदल चलना भूल रहे हैं। सारे नेता पुरानी परंपरा से कट रहे हैं। जनता से बात करने का सुनहरा अवसर मिला।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा से मैंने बहुत कुछ सीखा है। जनता की आवाज को गहराई से सुना है। हमने हजारों लोगों से बात की, बुजुर्गों से और महिलाओं से बात की। इस प्रकार से यात्रा हमसे हमसे बात करने लगी। 'भारत जोड़ो यात्रा' के दौरान चलते हुए हमने लोगों की आवाजें सुनीं और हमने भी अपनी आवाजें रखीं। हमने यात्रा के दौरान बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों से बात की।
राहुल गांधी ने कहा कि, यात्रा में युवाओं ने हमसे कहा हमें पहले सर्विस और पेंशन मिलती थी लेकिन अब हमें 4 साल के बाद निकाल दिया जाएगा, वरिष्ठ अफसरों ने कहा कि हमें लगता है अग्नीवीर योजना हमसे नहीं बल्कि RSS की ओर से आई है और इसे आर्मी पर थोपा गया है। सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि अग्निवीर योजना आरएसएस, गृह मंत्रालय से आई है न कि सेना से।
राहुल ने कहा, 'युवाओं ने कहा कि पहले हमें 15 साल की सर्विस मिलती थी, पेंशन मिलती थी। अब चार साल के बाद हमें निकाल दिया जाएगा, पेंशन भी नहीं मिलेगी।' उन्होंने आगे कहा कि सीनियर ऑफिसर्स ने कहा कि हमें लगता है कि अग्निवीर योजना सेना के अंदर से नहीं आई, ये कहीं और से आई है। आरएसएस और गृह मंत्रालय से आई है।
राहुल ने दोहराया कि यह मैं नहीं कह रहा, सीनियर आर्मी के लोगों ने कहा... आर्मी के ऊपर यह योजना थोपी गई है। यह सेना को कमजोर करेगी। सेना के रिटायर्ड जनरल ने कहा कि हजारों लोगों को हम हथियार की ट्रेनिंग दे रहे हैं और थोड़ी देर बाद उनको समाज में डाल रहे हैं। बेरोजगारी है, समाज में हिंसा बढ़ेगी। उनके मन में था कि ये जो अग्निवीर योजना सेना के अंदर से नहीं आई, अजीत डोभाल जी के जरिए यह योजना आर्मी तक पहुंची है।
राहुल गांधी ने कहा कि, हम युवाओं से उनकी नौकरी के बारे में पूछते हैं, कई ने कहा कि वे बेरोजगार हैं या उबर चलाते हैं, किसानों ने पीएम-बीमा योजना के तहत पैसा नहीं मिलने की बात कही, उनकी जमीन छीन ली गई जबकि आदिवासियों ने आदिवासी बिल की बात की।
राहुल गांधी ने कहा कि, तमिलनाडु, केरल से लेकर हिमाचल प्रदेश तक हम हर जगह एक ही नाम 'अडानी' सुनते आ रहे हैं। पूरे देश में सिर्फ 'अडानी', 'अडानी', 'अडानी' हैं... लोग मुझसे पूछते थे कि अदानी किसी भी बिजनेस में आता है और कभी फेल नहीं होता। युवाओं ने हमसे पूछा कि अडानी अब 8-10 क्षेत्रों में है और 2014 से 2022 तक उसकी कुल संपत्ति 8 बिलियन डॉलर से 140 बिलियन डॉलर तक कैसे पहुंच गई।
अडानी मामले पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि, कश्मीर, हिमाचल के सेब से लेकर बंदरगाहों, हवाई अड्डों और यहां तक कि जिन सड़कों पर हम चल रहे हैं, वहां सिर्फ अडानी की बात हो रही है। रिश्ते कई साल पहले शुरू होते हैं जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे... एक व्यक्ति पीएम मोदी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा था, वह पीएम के प्रति वफादार था और उसने मोदी को एक पुनरुत्थानवादी गुजरात के विचार के निर्माण में मदद की। असली जादू तब शुरू हुआ जब 2014 में पीएम मोदी दिल्ली पहुंचे।
राहुल गांधी ने कहा कि, अडानी के लिए एयरपोर्ट के नियमों में बदलाव किए गए, नियमों को बदला गया और नियम किसने बदले यह ज़रुरी बात है। यह नियम था कि अगर कोई एयरपोर्ट के व्यवसाय में नहीं है तो वे इन एयरपोर्ट को नहीं ले सकता है। इस नियम को भारत सरकार ने अडानी के लिए बदला। एक नियम है जिसके पास हवाई अड्डों का पूर्व अनुभव नहीं है वह हवाई अड्डों के विकास में शामिल नहीं हो सकता है। इस नियम को भारत सरकार ने बदला था।
राहुल गांधी मोदी सरकार द्वारा अडानी को डिफेंस सेक्टर के ठेके देने को लेकर तीखा हमला बोला। राहुल ने कहा कि, जीवीके कम्पनी पर सरकारी एजेंसियों ईडी, सीबीआई का दबाव डालकर मुंबई एयरपोर्ट अड़ानी जी को दिया गया।हिन्दुस्तान और इज़राइल का जो डिफ़ेंस का रिश्ता है। वह पूरा का पूरा अड़ानी जी के हाथ में दे दिया गया।
राहुल गांधी ने कहा कि, भारत सरकार ने सीबीआई-ईडी पर दबाव डालकर एजेंसी का प्रयोग करते हुए GVK से लेकर एयरपोर्ट को अडानी सरकार को दिलवाया गया। नियम बदलकर अडानी को 6 एयरपोर्ट दिए गए। मैं इसके सबूत भी दे दूंगा। ड्रोन सेक्टर में भी अडानी का कोई अनुभव नहीं था।
राहुल गांधी ने कहा, पीएम ऑस्ट्रेलिया जाते हैं और जादू से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अडानी को लोन दे देता है. मैं उदाहरण दे रहा हूं, मोदी जी पूरी दुनिया में जाते हैं, क्या होता है। राहुल ने कहा कि, हम फॉरेन पॉलिसी की बात करते हैं। डिफेंस से शुरू करते हैं। डिफेंस में अडानी जी का जीरो एक्सपीरियंस था। कल मैंने प्रधानमंत्री को एचएएल में देखा। उन्होंने कहा कि गलत आरोप लगाया। असलियत है कि 126 हवाई जहाजों का जो एचएएल का कॉन्ट्रैक्ट था, वो अनिल अंबानी को चला गया। वो बैंकरप्ट हो गए। अडानी जी का डिफेंस में इंट्रेस्ट देखिए। इजराइल की एक कंपनी के साथ ड्रोन को आर्मी के लिए री-फिट करते हैं हिंदुस्तान में। और भी कंपनियां ये काम करती हैं।
प्रधानमंत्री इजराइल जाते हैं और फिर अडानीजी को कॉन्ट्रैक्ट मिल जाता है। इनके पास डिफेंस की 4 कंपनियां हैं। ये काम इन्होंने कभी नहीं किया। इजराइल में प्रधानमंत्री जाते हैं, वहां के प्रधानमंत्री के साथ बीच पर पैदल चलते हैं। उसके बाद अडानी को जादू से मेंटेनेंस का कॉन्ट्रैक्ट, इजराइली ड्रोन और छोटे हथियारों का कॉन्ट्रैक्ट मिल जाता है। उसमें पेगासस भी है।
हिंदुस्तान-इजराइल का डिफेंस बिजनेस 90% अडानी जी ले गए। ऑस्ट्रेलिया चलते हैं। प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया जाते हैं और जादू से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया वन बिलियन डॉलर लोन अडानी जी को दे देता है। उसके बाद बांग्लादेश में गए, काम पर जा रहे हैं। बांग्लादेश गए वहां पर इलेक्ट्रिसिटी बेचने का डिसीजन लिया जाता है। कुछ दिन बाद बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड 25 साल का कॉन्ट्रैक्ट अडानीजी के साथ साइन करता है।
श्रीलंका चलते हैं। जून 2022 में इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के चेयरमैन ने संसद में बताया कि राष्ट्रपति राजपक्षा ने उनसे कहा था कि मोदीजी ने उन पर दबाव डाला था कि अडानी को विंड पावर प्रोजेक्ट दे दिया जाए।
एलआईसी को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि अडानी जी की मदद पीएम और हिंदुस्तान की सरकार कैसे करती है। हजारों करोड़ रुपए हिंदुस्तान के पब्लिक सेक्टर बैंक अडानी जी को दे रहे हैं। एसबीआई, पीएनबी, जैसे बैंक शामिल हैं। इन बैंकों का पैसा, एलआईसी का पैसा अडानी के पास जा रहा है। जैसे ही कोई इनके खिलाफ खड़ा होता है, तो ईडी, सीबीआई की जांच एजेंसी बचाव में आ जाती हैं। कुछ दिन पहले हिंडनबर्ग रिपोर्ट आई। इसमें कहा गया कि अडानी जी की शैल कंपनियां देश के बाहर हैं। ये हजारों करोड़ रुपए शेल कंपनियां भेज रही हैं, ये किसका पैसा है।
राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आई उसमें लिखा था अडानी की भारत के बाहर शेल कंपनी है, सवाल है कि शेल कंपनी किसकी है?हजारों करोड़ रुपया शेल कंपनी भारत में भेज रही है यह किसका पैसा है? क्या यह काम अडानी फ्री में कर रहा है? राहुल गांधी ने कहा कि पहले अडानी के जहाज में पीएम मोदी जाते थे। अब पीएम मोदी के जहाज में अडानी जाते हैं। इसके साथ ही राहुल गांधी ने पीएम मोदी से अडानी को लेकर कई सवाल पूछे।












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