"मेरे शब्द नोट कर लीजिए ...": राहुल गांधी की कृषि कानूनों पर सच हुई भविष्यवाणी
नई दिल्ली, 19 नवंबर: केंद्र सरकार ने 19 नवंबर को तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस ले लिए। कृषि कानूनों के वापस लेने के फैसले के ऐलान के तुरंत बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपना एक पुराना वीडियो रीट्वीट करते हुए लिखा , देश के अन्नदाता ने सत्याग्रह से अहंकार का सर झुका दिया. अन्याय के खिलाफ ये जीत मुबारक हो. जय हिंद, जय हिंद का किसान। इस वीडियो में उन्होंने कहा था, "मेरे शब्दों को लिखकर रख लें। सरकार को ये कानून वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।'

14 जनवरी को राहुल गांधी ने आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन करते हुए एक वीडियो ट्वीट किया था। इस वीडियो में राहुल गांधी कर रहे हैं कि, हमारे किसान जो कर रहे हैं उस पर मुझे बहुत गर्व है और मैं किसानों का पूरा समर्थन करता हूं और मैं उनके साथ खड़ा रहूंगा। मेरी बात मानो, मुझसे लिखकर ले लो, ये कानून... सरकार इन्हें वापस लेने पर मजबूर हो जाएगी। वीडियो में ट्वीट करते हुए राहुल गांधी ने कैप्शन में लिखा था कि, मेरी बात नोट कर लीजिए, सरकार को किसान विरोधी कानून वापस लेने पड़ेंगे।
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राहुल गांधी लगातार मोदी सरकार के कृषि कानून का विरोध करते रहे हैं। वह किसानों के प्रदर्शन में भी कई बार शामिल होने पहुंचे थे। कानून की वापसी के ऐलान के बाद राहुल गांधी ने पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर कटाक्ष किया और किसानों को बधाई देते हुए कहा, देश के किसानों द्वारा सत्याग्रह ने (केंद्र के) अहंकार को तोड़ा है।
आपको बता दें शुक्रवार को पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कृषि कानूनों की वापसी का ऐलान करते हुए कहा, 'देश के किसानों के कल्याण के लिए हमारी सरकार ये तीनों कृषि कानून लेकर आई थी। विशेषकर छोटे किसान, जिनकी आय का एकमात्र स्रोत उनकी कृषि भूमि ही है, उनके हितों को ध्यान में रखकर ये कानून बनाए गए थे। किसानों के प्रति हमारी नीयत नेक थी, समर्पण का भाव था, लेकिन इतनी पवित्र बात और पूरी तरह से किसानों के हित की बात, बहुत प्रयास करने के बाद भी हम देश के कुछ किसानों को समझाने में नाकाम रहे। इसलिए, इस महीने के आखिर में शुरू होने जा रहे संसद सत्र के दौरान, हम इन तीनों कृषि कानूनों को वापस करने की संवैधानिक प्रक्रिया को पूरा कर देंगे।'












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