गठबंधन से पहले शाह ने क्या PDP का घोषणा पत्र पढ़ा था? कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पूछा सवाल
Pawan Khera News: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और एनसी के गठबंधन पर निशाना साधा। साथ ही, राहुल गांधी से 10 पूछे। अब अमित शाह के सवालों पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पलटवार किया है।
पवन खेड़ा ने बीजेपी नेता और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से पूछा कि पीडीपी के साथ गठबंधन किया था, तो क्या उनका घोषणापत्र पढ़ा था? दरअसल, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शनिवार 24 अगस्त को न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत की।

इस दौरान पवन खेड़ा ने कहा, 'मैं अमित शाह से जानना चाहता हूं कि जब उन्होंने पीडीपी के साथ गठबंधन किया था, तो क्या उन्होंने पीडीपी का घोषणापत्र पढ़ा था? उस घोषणापत्र में लिखा था कि भारत और पाकिस्तान दोनों की करेंसी का इस्तेमाल किया जाएगा।'
इतना ही नहीं, उन्होंने आगे कहा कि उसमें स्वशासन का एक लंबा दस्तावेज़ था। इतना सब होने के बावजूद आप उनके साथ मिलकर सरकार बनाते हैं और एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम पर पहुंचते हैं।
उसमें आपने लिखा है कि अटल जी के रास्ते पर चलते हुए हम हुर्रियत से बातचीत करेंगे। आपने ऐसा क्यों किया? इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री मोदी की यूक्रेन यात्रा पर कांग्रेस नेता ने कहा, 'पीएम मोदी को विदेश जाने के बाद पंडित नेहरू के बारे में कुछ जानकारी मिलती है।'
विदेश में महात्मा गांधी को प्रणाम करके अच्छा लगा। 'घर में गोडसे, बाहर गांधी', यही प्रधानमंत्री की नीति है। भारत और रूस के बीच व्यापार पर यूक्रेनी राष्ट्रपति द्वारा की गई टिप्पणी, मुझे लगता है कि भारत को इसका जवाब देना चाहिए।
उन्होंने (ज़ेलेंस्की) प्रधानमंत्री को घेरते हुए कहा कि आपके व्यापार के कारण रूस को ताकत मिल रही है। प्रधानमंत्री ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी, हमें जानना होगा। तो वहीं दूसरी ओर गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस-एनसी गठबंधन पर राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए सवाल पूछे थे।
कांग्रेस-NC को शाह ने लिया था आड़े हाथों
शाह ने X पर एक पोस्ट में लिखा था, 'सत्ता के लालच में बार-बार देश की एकता और सुरक्षा के साथ खेलने वाली कांग्रेस पार्टी ने जम्मू-कश्मीर चुनाव में अब्दुल्ला परिवार की 'नेशनल कांफ्रेंस' के साथ गठबंधन करके फिर से अपने मंसूबों को देश के सामने रखा है।'
राहुल गांधी से शाह ने पूछे थे सवाल
शाह ने एनसी के घोषणा पत्र को लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी से 10 सवाल पूछे हैं। उन्होंने पूछा है कि क्या कांग्रेस 'नेशनल कांफ्रेंस' के जम्मू-कश्मीर में फिर से 'अलग झंडे' के वादे का समर्थन करती है?
क्या राहुल गया गांधी और कांग्रेस पार्टी अनुच्छेद 370 और 35ए को वापस लाकर जम्मू-कश्मीर को फिर से अशांति और आतंकवाद के युग में धकेलने के जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के निर्णय का समर्थन करती है? क्या कांग्रेस कश्मीर के युवाओं के बदले पाकिस्तान के साथ वार्ता करके फिर से अलगाववाद को बढ़ावा देने का समर्थन करती है?












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