G-7 मीटिंग: पीएम मोदी को चिदंबरम की सलाह, कहा- पहले भारत में अमल करें, फिर दुनिया को दें उपदेश
नई दिल्ली, 14 जून: 7 देशों के समूह जी-7 की बैठक रविवार को हुई, जिसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। कोरोना महामारी की वजह से पीएम मोदी ब्रिटेन नहीं जा पाए, लेकिन उन्होंने वर्चुअल माध्यम से इसमें हिस्सा लिया। साथ ही दुनिया को 'एक धरती, एक स्वास्थ्य' (One Earth, One Health) का मंत्र दिया। हालांकि ये मैसेज विपक्ष को नहीं पसंद आया, जिस वजह से अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने उन पर पलटवार किया है।

चिदंबरम ने ट्वीट कर लिखा कि जी-7 में पीएम मोदी का भाषण प्रेरणादायक होने के साथ-साथ विडंबना भी है। मोदी सरकार दुनिया को जो उपदेश देती है, पहले उसे भारत में लागू करना चाहिए। ये दुख की बात है कि पीएम मोदी एकमात्र ऐसे अतिथि थे जो आउटरीच बैठक में शारीरिक रूप से मौजूद नहीं थे। अपने आप से पूछिए, क्यों? दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा कि...क्योंकि जहां तक कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई का सवाल है, भारत सबसे अलग है। हम सबसे अधिक संक्रमित और सबसे कम टीकाकरण वाले देश हैं (जनसंख्या के अनुपात में)।
वहीं AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी जी-7 संबोधन को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि मोदी ने विकासशील देशों से कहा वो कोविड से लड़ने में अपनी विशेषज्ञता साझा करने को तैयार हैं। क्या विशेषज्ञता?
लेशन 1: समय बर्बाद करने की सूक्ष्म कला, जब आपके नागरिक ऑक्सीजन के लिए तरस रहे हों।
लेशन 2: अत्यधिक अप्रभावी प्रधानमंत्री की 7 आदतें।
लेशन 3: हमारे टीके बेचने वाले प्रधानमंत्री।












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