साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर चुनाव आयोग की पाबंदी के बाद दिग्विजय सिंह ने की ये मांग
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के भोपाल से कांग्रेस के उम्मीदवार दिग्विजय सिंह ने भाजपा उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह के खिलाफ चुनाव आयोग की पाबंदी का स्वागत किया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि अच्छा होता अगर साध्वी प्रज्ञा का नामांकन रद्द किया जाता। बता दें कि विवादित बयान की वजह से चुनाव आयोग ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ 72 घंटे की पाबंदी लगाई है। अपने उपर लगी पाबंदी पर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि मैं चुनाव आयोग का सम्मान करती हूं।

दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर ट्वीट करके लिखा कि जब भाजपा ऐसे उम्मीदवार को मैदान में उतारेगी जोकि आतंकवाद का आरोपी है, जोकि सांप्रदायिक तनाव बढ़ाते हैं, ऐसा होना लाजमी है। अच्छा होता अगर ऐसे उम्मीदवारों का नामांकन रद्द किया जाता, जिससे कि लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान होता। वहीं मध्य प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने दिग्विजय सिंह पर हमला बोलते हुए कहा कि उनकी पार्टी चुनाव आयोग के निर्देश का पालन करती है।
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भाजपा के सूत्रों की मानें तो जिस तरह से साध्वी प्रज्ञा ने महाराष्ट्र एटीएस के पूर्व चीफ हेमंत करकरे और बाबरी मस्जिद को लेकर बयान दिया था, उसके बाद वह काफी विवादों में आ गई थीं, जिसके बाद पार्टी ने उनसे इस तरह के विवादित बयान नहीं देने के लिए कहा था। हालांकि उन्हें इस बात की इजाजत दी गई है कि वह अपने उपर जेल में हुए अत्याचार के बारे में खुलकर बोल सकती हैं।
चुनाव आयोग ने बुधवार को साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर 72 घंटे की पाबंदी लगाई थी। यह पाबंदी आज सुबह 6 बजे से लागू हो गया है। गौरतलब है कि प्रज्ञा ठाकुर मालेगांव धमाके की आरोपी हैं। उहोंने एटीएस चीफ हेमंत करकरे के बारे में कहा था कि उन्होंने करकरके को श्राप दिया था कि जिसकी वजह से उनकी मृत्यु हो गई। यही नहीं साध्वी प्रज्ञा ने कहा था कि 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराए जाने के समय वह खुद बाबरी मस्जिद पर चढ़ी थीं और उसे गिराया था।












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