कर्नाटक निकाय चुनाव से भाजपा को दोहरा झटका, 2019 में और बढ़ सकती हैं मुश्किलें
बेंगलुरु। कर्नाटक में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की जीत से भाजपा को बड़ा झटका लगा है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष येदुरप्पा ने अपनी हार स्वीकारते हुए कहा था कि उनकी पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और भाजपा को और अधिक सीटों पर जीत हासिल करनी चाहिए थी। जबकि कांग्रेस ने इस चुनाव में बीजेपी से बेहतर परिणाम हासिल कर 982 सीटें जीतीं तो जेडीएस ने 375 सीटों पर कब्जा जमाया। ये दोनों दल निकाय चुनाव में अलग-अलग लड़ रहे थे, फिर भी बीजेपी कांग्रेस के मुकाबले काफी पीछे रह गई।
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परिणाम को बीजेपी ने बताया निराशाजनक
135 कार्पोरेशन सीटों पर हुए चुनावों में बीजेपी के खाते में 54 सीटें गईं जबकि कांग्रेस और जेडीएस ने क्रमश: 36 और 14 सीटों पर जीत हासिल की। बीजेपी ने शिवमोगा में जीत हासिल की तो कांग्रेस के साथ मिलकर जेडीएस ने तुमकुरू और मैसूर में जीत दर्ज की। वहीं, इस चुनाव के बाद माना जा रहा है कि कांग्रेस और जेडीएस मिलकर बीजेपी को चुनौती दे सकते हैं और आगामी लोकसभा चुनाव में भी ये देखने को मिल सकता है। हालांकि बीजेपी इस परिणाम संतुष्ट नहीं है और येदुरप्पा ने भी माना कि वो इन परिस्थितियों में और भी बेहतर कर सकते थे।

गठबंधन कांग्रेस-जेडीएस के लिए बड़ी ताकत
बीजेपी ने विधानसभा चुनावों में सबसे अधिक सीटें हासिल की थी लेकिन वैसी ऊर्जा जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में दिखाई नहीं दी। इसका लाभ कांग्रेस और जेडीएस ने उठाया। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडुराव ने कहा कि अगर कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन कर चुनाव लड़े होते तो परिणाम और भी अच्छे होते। उन्होंने कहा कि पार्टी जमीनी कार्यकर्ताओं को नाराज नहीं करना चाहती थी इसलिए उन्होंने अलग-अलग चुनाव लड़ने का फैसला किया था। वहीं कुछ विश्लेषकों का मानना है कि दोनों दल अगर साथ मिलकर चुनाव लड़ें तो बीजेपी को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। अगर गठबंधन कर चुनाव लड़ते हैं और एक चेहरे पर आम सहमति बनती है तो बीजेपी के लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं।

कांग्रेस चुनाव परिणामों से उत्साहित
कांग्रेस और जेडीएस ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन की घोषणा की है। हालांकि इन चुनावों के नतीजों से कांग्रेस खासी उत्साहित है और पार्टी को भरोसा है कि कर्नाटक में आगामी लोकसभा चुनावों के दौरान वो बीजेपी को कम सीटों पर रोकने में कामयाब हो सकते हैं। दूसरी ओर निकाय चुनाव में मायावती की पार्टी बीएसपी ने भी चौंकाने वाला प्रदर्शन किया है। बहुजन समाज पार्टी ने निकाय चुनाव में 13 सीटों पर जीत दर्ज की है। बसपा ने विधानसभा चुनावों के दौरान जेडीएस के साथ गठबंधन किया था। ऐसे में ये तीनों दल बीजेपी को आगामी लोकसभा चुनावों में कड़ी चुनौती दे सकते हैं।
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