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ये है कांग्रेस- लता मंगेशकर का अपमान, तालिबान का सम्‍मान

By Ajay Mohan
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Lata Mangeshkar
मुंबई। महाराष्ट्र कांग्रेस में ऊंचा कद रखने वाले जनार्दन चंदुर्कर ने भारत की मेलोडी क्वीन लता मंगेशकर को नसीहत दी है कि अगर वो नरेंद्र मोदी जैसे लोगों का समर्थन करती हैं तो अपना भारत रत्न व पद्म सम्मान वापस लौटा दें। क्या भारत की लता दीदी ने कोई अपराध किया है? शायद कांग्रेस की नजर में हां! तो ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि कांग्रेस वो पार्टी है, जो सुर सम्राज्ञी का अपमान करती है और हाफिज सईद का सम्मान और तालिबान का स्वागत। कम से कम कांग्रेस नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की करनी और नेताओं की कथनी से तो यही लगता है।

चंदुर्कर ने कहा-"भारत रत्न या पद्म सम्मान विजेताओं को अगर नरेंद्र मोदी जैसे सांप्रदायिक लोगों की तारीफों के पुल बांधने हैं, तो अपना अवार्ड वापस कर दें।" इस पर जब मीडिया ने प्रश्न पूछे तो उन्होंने आगे कहा, "मैं लता जी से इस संबंध में सीधे बात करूंगा, लेकिन उनको आगे से ऐसा करना है तो वो भारत रत्न का अवार्ड लौटा दें। मैं खुद प्रधानमंत्री को चिठ्ठी लिखूंगा कि सम्मान प्राप्त व्यक्ति अगर ऐसा करते हैं, तो उनसे अवार्ड वापस ले लिया जाये।"

हाफिस सईद का सम्‍मान

आपको गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे का वो बयान जरूर याद होगा जो उन्‍होंने दिसंबर 2012 में संसद में दिया था। शिंदे ने कहा कि पाकिस्तान के गृहमंत्री द्वारा हमें यह समझाया गया है कि श्री हाफिज सईद को 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था....। श्री लगाकर शिंदे ने पहले आतंकी को सम्मान दिया और फिर आगे अपनी बात में हाफिज सईद को हाफिज साहब कहकर संबोधित किया। जरा सोचिये देश की आंतरिक सुरक्षा के जिम्मेदार व्यक्ति अगर आतंकवादी का सम्मान करता है, तो आप सरकार की दोहरी नीति का अंदाजा खुद लगा सकते हैं।

तालिबान का स्वागत

अब अगर तालिबानियों के स्वागत की बात करें तो आप देख सकते हैं कि कैसे हमारी यूपीए सरकार आंतरिक सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है। हाल ही में तालिबान के लीडर अब्दुल सलाम जईफ को भारत सरकार ने भारत आने का वीजा दिया। खास बात यह है कि उसे वीजा खुद सरकार ने दिया। इस पर जब सरकार से सवाल किया गया, तो जवाब मिला कि वीजा देने में केंद्र सरकार का कोई रोल नहीं है। अगर वाकई में कोई रोल नहीं है तो बांग्लादेश की तस्लीमा नसरीन को वीजा देने से क्‍यों लगातार मना किया जा रहा है। जाहिर है उनके भारत आने से भी भारत की जनता भड़क सकती है।

लिहाजा अगर तस्लीमा के लिये वीजा के नियम कानून लागू होते हैं, तो तालिबानी नेता के लिये क्यों नहीं। जईफ ने कई भड़काऊ भाषण दिये हैं। यहां तक आतंकी गतिविधियों के चलते उसे गुआतानामो की खाड़ी के जेल में उसे बंद भी किया जा चुका है। 9/11 हमलों के दौरान अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार में डिप्टी मिनिस्टर के पद पर तैनात था। यही नहीं गोवा में आयोजित थिंक 2013 की कॉन्फ्रेंस में जईफ को सम्मान सहित आमंत्रित किया गया, जहां उन्हें पी चिदंबरम को जईफ के साथ गहन चर्चा करते हुए भी देखा गया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुई थीं।

क्या सोच रहा है आम आदमी

लता मंगेशकर पर दिये गये कांग्रेसी नेता के बयान पर आम आदमी सीधे तौर पर कांग्रेस पार्टी की मानसिकता के बारे में सोच रहा है। और ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस के अंदर इस बात का डर बैठ गया है कि कहीं नरेंद्र मोदी की आंधी में उसका आशियाना ढह न जाये।

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English summary
Mumbai Congress leader Janardhan Chandurkar has demanded that India's Melody Queen Lata Mangeshkar should surrender her Bharat Ratna. Is Mangeshkar's a criminal?
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