गडकरी के निजी सचिव से जुड़ी कंपनी को मदद कर रहा है उनका मंत्रालय- कांग्रेस
नई दिल्ली। कांग्रेस ने दावा किया है कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नितिन गडकरी के निजी सचिव से जुड़ी एक कंपनी को उनके मंत्रालय की ओर से कथित सहयोग दिया है। कांग्रेस ने मांग की है कि नितिन गडकरी इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण दें। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इस आरोप का जवाब दिया है कि गडकरी के निजी सचिव वैभव डांगे के खिलाफ आरोप बकवास हैं। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों यह जाहिर करते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बढ़ रही लोकप्रियता और बेदाग छवि से कांग्रेस परेशान है। शुक्रवार (24 नवंबर) को कांग्रेस दफ्तर में एक प्रेस वार्ता के दौरान जयराम रमेश ने गडकरी पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गडकरी के निजी सचिव डांगे की इंडियन फेडरेशन आॅफ ग्रीन एनर्जी (आईएफजीई) में 50 फीसदी की हिस्सेदारी है। जयराम ने कहा कि गडकरी और केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु IFGR की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति के सदस्य हैं।

रमेश ने आरोप लगाया कि कंपनी की स्थापना के बाद से 1.5 करोड़ रुपये मिले।आरोप लगाया कि गडकरी द्वारा नियंत्रित मंत्रालयों से पैसा आया IFGE ने मंत्रालयों और पीएसयू के साथ सम्मेलन और कार्यक्रमों का आयोजन किया और वित्तीय योगदान प्राप्त किया।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि उनका आरोप कंपनी के रजिस्ट्रार के पास उपलब्ध सूचना पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यह माना ही नहीं जा सकता कि गडकरी को डांगे की फर्म को दिए जाने वाले पैसे से अनजान थे। रमेश ने दावा किया कि डांगे की फर्म को भी केंद्रीय मंत्रियों सुरेश प्रभु और पीयूष गोयल का संरक्षण था। उन्होंने कहा कि कंपनी की वेबसाइट पर प्रभु का फोटो था और जब गोयल मंत्री थे तो नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने IFGE को समर्थन दिया था।
रमेश के आरोपों का जवाब देते हुए, भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिंह राव ने कहा कि यह 'निराधार' था और सरकार की छवि को खराब करने की कोशिश थी। राव ने पीटीआई को बताया, '' वैभव डांगे के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के आरोपों के बारे में कोई दम नहीं है। वैभव ने खुद एक लिखित बयान में इन आरोपों का खंडन किया है।












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