जब अहम मौकों पर कांग्रेस को अधर में छोड़कर विदेश उड़ चले राहुल
आखिर क्यों राहुल गांधी अहम मौकौं पर गायब हो जाते हैं, पार्टी को उनकी इस आदत के चलते करना पड़ता है मुश्किलों का सामना
नई दिल्ली। देश के अगले राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दल लगातार एकजुट होने की कोशिश कर रहा है, इसके लिए एक बड़ी बैठक की तैयारी की जा रही है, लेकिन इस बैठक से खुद राहुल गांधी गायब रहेंगे। राहुल गांधी अपनी नानी को देखने के लिए इटली रवाना हो गए हैं, लिहाजा वह इस बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे, लेकिन यह पहला मौका नहीं है जब राहुल गांधी अहम मौके पर गायब हुए हैं, इससे पहले भी वह कई अहम मौकों पर गायब हुए हैं जब उनकी पार्टी को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। आईए डालते हैं ऐसे ही मौकों पर जब राहुल गांधी नदारद हुए।
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राष्ट्रपति चुनाव के मौके पर हैं गायब
अगले राष्ट्रपति चुनाव के लिए कांग्रेस तमाम विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश कर रही है और उनका समर्थन हासिल करने में लगी हुई है, इस लिहाज से आज की बैठक काफी अहम है, लेकिन राहुल गांधी इस बैठक से गायब हैं। इस बैठक को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुलाया है। इससे पहले भी अहम बैठकों और विधेयक के समय भी राहुल गायब हुए हैं, लिहाजा अहम मौकों पर गायब होना राहुल गांधी के लिए कोई नई बात नहीं है।

स्थापना दिवस के मौके पर भी थे गायब
कांग्रेस ने 2014 में अपना 130वां स्थापना दिवस मनाया, लोकसभा चुनाव में मिली बुरी हार के बाद यह कार्यक्रम पार्टी के लिए काफी अहम था, लेकिन इस वक्त भी राहुल गांधी कहीं मौजूद नहीं थे। सोनिया गांधी ने इस मौके पर कांग्रेस का झंडा लहराया, लेकिन राहुल गांधी की अनुपस्थिति में, राहुल गांधी की गैरमौजूदगी को ना सिर्फ पार्टी के भीतर बल्कि पार्टी के बाहर भी लोगों ने कटघरे में खड़ा किया था।

मनमोहन सिंह के सम्मान समारोह से भी नदारद
दस साल तक देश के प्रधानमंत्री रहने के बाद जब मनमोहन सिंह को अंतिम विदाई दी जा रही थी कांग्रेस की ओर से उस वक्त भी राहुल गांधी मौजूद नहीं थे। इस दौरान भी सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह के सम्मान में डिनर का आयोजन किया, लेकिन राहुल गांधी यहां भी नदारद थे। हालांकि इस बार पार्टी ने उनका बचाव किया और कहा कि किसी व्यक्तिगत काम की वजह से राहुल गांधी मौजूद नहीं हो सके हैं।

मोदी सरकार के पहले बजट से भी गायब
देश में नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद जब राहुल गांधी के पास 2015 में पहला मौका था कि वह पीएम मोदी पर हमला कर सकते थे, उस वक्त भी वह संसद में मौजूद नहीं थे। मोदी सरकार के पहले बजट के पेश होने के मौके पर राहुल गांधी का ना होना उनकी पार्टी के पदाधिकारियों के लिए भी आश्चर्यजनक था। जिसके बाद राहुल गांधी का काफी मजाक उड़ाया गया, इसी साल जब कांग्रेस बिहार में बुरी तरह से हारी तब भी राहुल गांधी नदारद थे।

भूमि अधिग्रहमण बिल के समय भी गायब
केंद्र सरकार के भूमि अधिगृहण बिल का काग्रेस ने जमकर विरोध किया और इसकी कमान खुद सोनिया गांधी ने संभाली थी, यह पहला मौका था जब कांग्रेस ने खुलकर मोदी सरकार का विरोध किया था, लेकिन इस वक्त भी राहुल गांधी मौजूद नहीं थे। जब भी कोई बड़ा मौका होता तो राहुल गांधी गायब हो जाते हैं, जिसके बाद उनकी पार्टी के नेताओं को उनके बचाव में आगे आना पड़ता है। हर वक्त जब बड़ा मौका होता है तो राहुल गांधी गायब हो जाते हैं, जिसके चलते कांग्रेस घिर जाती है और अहम मुद्दों पर से लोगों का ध्यान हट जाता है।












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