LPG Crisis: खत्म होने वाली है गैस सिलेंडर की किल्लत! 62,000 टन गैस लेकर गुजरात पहुंचा 'Disha'
LNG Carrier Disha India Arrival: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। माल्टा फ्लैग वाला LNG कैरियर Disha शुक्रवार सुबह सुरक्षित रूप से गुजरात के दहेज पोर्ट पहुंच गया। जहाज 62,370 मीट्रिक टन लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) लेकर भारत आया है।
खास बात यह है कि इसने दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सफलतापूर्वक पार किया। जहाज की सुरक्षित एंट्री को भारत की एनर्जी सप्लाई और समुद्री सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

दहेज पोर्ट पहुंचा LNG जहाज Disha
माल्टा फ्लैग वाला LNG कैरियर Disha शुक्रवार सुबह गुजरात के दहेज पोर्ट पहुंचा। जहाज ने पेट्रोनेट LNG के जेट्टी पर सुरक्षित एंकर किया। यह जहाज 62,370 मीट्रिक टन LNG लेकर भारत आया है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और समुद्री सुरक्षा चिंताओं के बीच इस जहाज का सुरक्षित पहुंचना अहम माना जा रहा है। इससे भारत की गैस सप्लाई को मजबूती मिलेगी। साथ ही यह संकेत भी मिला है कि कठिन हालात के बावजूद जरूरी एनर्जी कार्गो भारत तक पहुंच रहे हैं।
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LPG Crisis: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करना रहा बड़ी चुनौती
Disha ने 15 जून को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार किया था। यह वही समुद्री रास्ता है जिससे दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस कारोबार होता है। हाल के दिनों में इस इलाके में तनाव बढ़ने से शिपिंग कंपनियां सतर्क थीं। ऐसे माहौल में जहाज का सुरक्षित तरीके से इस रास्ते को पार करना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। भारत समेत कई देशों की नजर इस समुद्री मार्ग पर बनी हुई है क्योंकि इसका सीधा असर ग्लोबल एनर्जी सप्लाई और कीमतों पर पड़ता है।
सरकार ने शुरू किया मल्टी-मिनिस्ट्री कोऑर्डिनेशन
पोर्ट्स, शिपिंग और वाटरवेज मंत्रालय के अधिकारी ओपेश कुमार शर्मा ने कहा कि सरकार पूरी तैयारी के साथ हालात पर नजर रख रही है। इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय, केमिकल और फर्टिलाइजर मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और दूसरे संबंधित विभागों के साथ लगातार कोऑर्डिनेशन किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि फारस की खाड़ी में मौजूद भारतीय जहाज और जरूरी एनर्जी कार्गो सुरक्षित तरीके से भारत पहुंच सकें। सभी एजेंसियों के बीच लगातार सूचना साझा की जा रही है।
Disha के बाद कोई भारतीय जहाज बाहर नहीं निकला
अधिकारियों के मुताबिक Disha के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने के बाद अब तक कोई दूसरा भारतीय फ्लैग वाला जहाज फारस की खाड़ी से बाहर नहीं निकला है। इससे क्षेत्र में मौजूद सुरक्षा चुनौतियों का अंदाजा लगाया जा सकता है। सरकार और शिपिंग कंपनियां हालात सामान्य होने का इंतजार कर रही हैं। जैसे ही समुद्री रास्तों पर स्थिति और बेहतर होगी, बाकी जहाजों की आवाजाही भी शुरू हो सकती है। फिलहाल सभी जहाजों की सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी जा रही है।
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सीफेरर्स की मदद के लिए कंट्रोल रूम एक्टिव
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग द्वारा बनाया गया कंट्रोल रूम लगातार सीफेरर्स और उनके परिवारों की मदद कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार अब तक 13,187 से ज्यादा कॉल और 29,376 ईमेल प्राप्त हुए हैं। पिछले 72 घंटों में ही 450 कॉल और 1,077 ईमेल आए। सरकार ने अब तक 3,639 भारतीय सीफेरर्स की सुरक्षित वापसी में मदद की है, जिनमें पिछले 72 घंटों में 47 लोग शामिल हैं। इससे समुद्री क्षेत्र में काम करने वाले भारतीयों को राहत और भरोसा मिला है।












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