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महाराष्ट्र में अघाड़ी सरकार चलाने में सीएम उद्वव ठाकरे के सामने आयी ये चुनौती!

Uddhav Thackeray Faced This Challenge in Running The Aghadi Government In Maharashtraमहाराष्‍ट्र सीएम के मंत्रीमंडल विस्‍तार के बाद एनसपी प्रमुख शरद पवार का सरकार चलाने में दलख देने से शिवसेना विधायक सीएम से नाराज चल रहे हैं।

बेंगलुरु। महाराष्‍ट्र में मुख्‍यमंत्री उद्वव ठाकरे के लिए सरकार चलाने में हर कदम पर कड़ी चुनौतियों का सामना पड़ रहा है। पहली बार सीएम की कुर्सी संभालने वाले शिवसेना प्रमुख उद्वव ठाकरे को महाराष्‍ट्र की जनता के हित और विकास के बारे में कार्य करने का सुनहरा अवसर मिला है लेकिन उनका अधिकांश समय कुर्सी को बचाने में ही बीत रहा। इतना ही नहीं तीन पहियों की सरकार चलती रहे इसके लिए गठबंधन में शामिल एनसीपी सुप्रीमों शरद पवार के हर इशारे को मान रहे हैं।

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सरकार तो शिवसेना की है लेकिन माना जा रहा है कि वह एनसीपी प्रमुख द्वारा गाइड हो रही है। एनसीपी को खुश करने के चक्कर में सीएम उद्वव ठाकरे के अपने ही उनसे दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में शिवसेना प्रमुख अपनी ही जड़े कमजोर करते नजर आ रहे हैं। पहले भाजपा से गठबंधन तोड़ कर घोर हिंदूवादी शिवसेना ने विरोधी विचारधारा वाली पार्टी एनसीपी से हाथ मिलाकर सरकार बनायी जिसे शिवसैनिकों ने सत्ता के लोभ में नजरअंदाज कर दिया था लेकिन अब सरकार बनने के बावजूद मंत्री पद न मिलने से विधायक ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

शरद पवार के दखल से शिवसैनिक नाराज

शरद पवार के दखल से शिवसैनिक नाराज

बता दें सरकार बनने के एक माह बाद सीएम उद्वव ठाकरे ने मंत्रीमंडल का विस्‍तार किया था। जिसके बाद हर तरफ से नाराजगी के स्‍वर उठने लगे है। इतना ही नहीं महाराष्ट्र सरकार में एनसीपी प्रमुख शरद पवार के दखल से शिवसैनिक नाराज हो चुके हैं। अब तो उन्होंने नाराजगी खुलकर व्यक्त करनी शुरू कर दी है। ऐसे में विशेषतौर पर शिवसेना के नाराज विधायकों को समझाना उद्धव के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा है। अपनी इस नाराजगी को व्‍यक्त करने के लिए शिवसैनिक विधायकों ने उद्धव से मिलने का समय मांगा है। शिवसेना सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल विस्तार में शरद पवार के हस्तक्षेप ने शिव सैनिकों को खास तौर पर नाराज किया। उनमें इस बात की भी नाराजगी है कि पवार ने अपनी जोड़ तोड़ की ताकत से अहम मंत्रालय एनसीपी नेताओं को दिला दिए।

संजय राउत भी चल रहे नाराज

संजय राउत भी चल रहे नाराज

गौरतलब है कि शिवसेना सांसद संजय राउत की नाराजी पहले ही सामने आ चुकी है। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे मंत्रिमंडल विस्तार में भाई सुनील राउत को जगह ना मिलने से शिवसेना सांसद और उद्धव के बेहद करीबी संजय राउत सीएम से काफी नाराज चल रहे हैं। इसी नाराजगी के चलते संजय राउत और उनके भाई मंत्रीमंडल विस्‍तार के अवसर पर मौजूद भी रहे। हालांकि संजय राउत सीएम से इस बात को लेकर नाराजगी वाली बातों को खारिज कर चुके हैं लेकिन उनका फेसबुक पोस्ट कुछ और ही बातों की ओर संकेत कर रहा था। संजय राउत ने लिखा 'साथ, समय, समर्पण' वाले को हमेशा साथ रखिए दरअसल साल के पहले दिन संजय राउत ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि 'हमेशा ऐसे व्यक्ति को संभाल कर रखिए, जिसने आप को तीन भेंट दी हों- साथ, समय और समर्पण...' , जिसके बाद से ये कहा जा रहा है कि संजय राउत सीएम उद्धव ठाकरे से खफा हैं, संजय की पोस्ट को शिवसेना अध्यक्ष और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की तरफ इशारा के रूप में देखा जा रहा है।

संजय राउत के इस योगदान को भूल चुके है सीएम उद्वव

संजय राउत के इस योगदान को भूल चुके है सीएम उद्वव

हालांकि इस पोस्‍ट पर कयास लगाए जाने के बाद संजय राउत ने वह पोस्‍ट डिलीट कर दिया। मालूम हो कि उद्धव को मुख्यमंत्री बनाने में भले ही एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार की भूमिका अहम थी, लेकिन उन्‍हें शिवसेना के साथ सरकार बनाने में संजय राउत की अहम भूमि‍का रही। विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद भाजपा से गठबंधन टूटने के बाद से महाराष्‍ट्र में उद्धव के मुख्यमंत्री बनने तक लगातार उनका पक्ष लोगों के सामने रखते रहे और दोहराते रहे कि महाराष्‍ट्र का अगला मुख्‍यमंत्री शिवसैनिक ही होगा। जो कि महाराष्‍ट्र में लंबे चले राजनीतिक घमासान के बाद सच भी हुआ और उद्वव ठाकरे मुख्‍यमंत्री बने। संजय राउत के बाद अब शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाईक, भास्कर जाधव और भावना गवली भी खुल कर बोल रहे हैं।

शिवसेना पर लगाया विश्वासघात का आरोप

शिवसेना पर लगाया विश्वासघात का आरोप

वहीं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाविकास आघाड़ी की सरकार के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर जमकर हमला बोला है। उन्‍होंने भाजपा के एक सम्मेलन में कहा कि उद्धव ठाकरे ने अपने पिता बाला साहब ठाकरे को वचन दिया था कि वह राज्य में शिवसेना का मुख्यमंत्री कुर्सी पर बैठाएंगे। मगर, क्या उन्होंने यह भी कहा था कि कांग्रेस-एनसीपी की मदद से अपनी पार्टी का मुख्यमंत्री बनाएंगे?'फडणवीस ने नाम लिए बिना इशारों में कहा कि अब महाराष्ट्र में सरकार को मातोश्री (ठाकरे निवास) से निर्देश नहीं मिलते बल्कि दिल्ली की 'मातोश्री' से आदेश आते हैं। उन्होंने कहा कि आज बाला साहब की आत्मा को दुख होता होगा। इनता ही नहीं उन्‍होंने शिवसेना पर विश्वासघात करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की जनता ने भाजपा-शिवसेना गठबंधन को सरकार बनाने का बहुमत दिया था। मगर शिवसेना ने उसे ठुकरा कर, दूसरों के साथ सरकार बना ली। फडणवीस ने कहा कि राज्य की सरकार में आने के बाद शिवसेना ने किसानों से भी धोखा किया। सभी किसानों को पूर्ण कर्ज माफी का वादा किया गया था। मगर कुछ किसानों को ही एक तय रकम की माफी दी गई।

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