खाना खाया, पैर दबाए और फिर कर दिया गुरु के परिवार को खत्म, जानिए शिष्य क्यों बना कातिल
शामली। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में 31 दिसंबर को भजन गायक अजय पाठक सहित परिवार के चार सदस्यों की हत्या जागरण मंडली में शामिल उनके शिष्य हिमांशु सैनी ने की थी। आखिर ऐसा क्या हुआ जो भजन गायक अजय पाठक के सबसे खास शिष्य हिमांशु सैनी ने ऐसा कदम उठाया। बता दें कि हिमांशु हर काम में आलराउंडर था, स्मार्ट पर्सनेल्टी, फेसबुक और सोशल मीडिया में पर भी सक्रिय था। मंडली के साथ गाने बजाने और कार चलाने में भी एक्सपर्ट हो गया था। रात को गुरुजी (अजय) के घर खाना खाया, उनके पैर भी दबाए और इस जघन्य वारदात को अंजाम दे दिया।

अजय पाठक का जीत लिया था भरोसा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिमांशु सैनी करीब ढाई साल पहले भजन मंडली से जुड़ा था। मंडली से जुड़ने के बाद हिमांशु ने अजय पाठक का भरोसा जीत लिया। हिमांशु मंडली में गाने बजाने में सहयोग के अलावा ड्राइविंग भी करता था। अजय का भरोसा जीतने के बाद हिमांशु का परिवार में आना जाना भी शुरू हो गया था। अक्सर रात को हिमांशु उनके घर रुक जाता था। पुलिस के अनुसार, घटना वाली रात भी हिमांशु अजय पाठक के घर ही रुका था और खाना खाया। हिमांशु ने रात को अजय पाठक के पैर भी दबाए और फिर रात को ही उसने पूरे परिवार का खात्मा कर दिया।

दिन निकलने पर आवाजाही देख बदला इरादा
एसपी के अनुसार, वारदात के बाद उसका इरादा चारों के शव कार में डालकर नष्ट करने का था। आरोपी हिमांशु ने अजय की कार को मकान के बाहर लगाकर पहली मंजिल से भजन गायक के 10 साल के बेटे भागवत और 15 साला की बेटी वसुंधरा का शव नीचे घसीटते हुए उतारा। भागवत का शव कार की डिक्की में डाल दिया, लेकिन वसुंधरा का शव भारी होने की वजह से वह उठा नहीं सका। तब तक दिन निकल चुका था और काफी रोशनी हो गई थी। गली में आवाजाही देख उसने वसुंधरा का शव वापस कमरे में रख दिया और उस पर रजाई डाल दी। कमरे को बाहर से ताला लगा दिया। इसके बाद वह फिर से अजय और स्नेहा के कमरे में गया और उनके शवों पर कंबल डाल दिया। सभी के मोबाइल फोन अपने साथ ले गया। बता दें कि उसका इरादा अगले दिन फिर से आकर बाकी तीन शवों को ठिकाने लगाने का था लेकिन इससे पहले ही वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

सबूत मिटाने के लिए लगाई थी कार में आग
खुद को घिरता देख सबूत नष्ट करने के उदेश्य से ही पानीपत टोल प्लाजा के पास अजय पाठक की कार में आग लगाई थी। बता दें कि हरियाणा पुलिस ने उसे मंगलवार देर रात उस समय पानीपत टोल प्लाजा (हरियाणा) के पास से गिरफ्तार किया, जब वह कार में आग लगाकर भाग रहा था। इस दौरान पुलिस ने फायर ब्रिगेड बुलाकर आग बुझाई, इस बीच शामली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और कार की डिक्की से भजन गायक के बेटे भागवत का अधजला शव भी बरामद कर लिया।

महराज जी ने मुझे थप्पड़ मारे और अपशब्द कहे
हत्यारोपी हिमांशु सैनी पुलिस गिरफ्त में आने के बाद खुद को भोला साबित करता दिखाई दिया। मीडिया के सामने हिमांशु बोला, 'मैंने तो गुरुजी से अपने रुपए मांगे थे, उन्हें बताया था कि कर्जा है। बैंक वाले परेशान कर रहे हैं। महराज जी (अजय पाठक) ने रुपए देने का वादा किया और घर बुलाया था, लेकिन रुपए देने से इनकार कर दिया। महराज जी ने मुझे थप्पड़ मारे और भला-बुरा का था। उसने बहुत अपमानित महसूस किया। उसके बाद कमरे से नीचे आ गया। उसे पता नहीं क्या हुआ। उसे अब खुद भरोसा नहीं हो रहा है कि उसने ये क्या कर दिया है। पूछने पर बताया कि उसने घर में ही रखी तलवार और चाकू उठाकर पाठक परिवार पर वार किया था।'

14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा जेल
बता दें कि भजन गायक अजय पाठक सहित परिवार के चार सदस्यों की हत्या करने के आरोपी को आदर्श मंडी थाना पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में बुधवार को कैराना स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, दूसरी तरफ एसपी ने बताया कि हत्यारोपी पर रासुका भी लगाया जाएगा।












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