'CM केजरीवाल को दिल्ली वालों की नहीं रोहिंग्याओं की चिंता', गृहमंत्रालय के जवाब के बाद भाजपा का आरोप

नई दिल्ली, 17 अगस्त। गृहमंत्रालय ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अवैध रुप से रह रहे रोहिंग्या विदेशियों के निर्वासन को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में ये कहा गया कि रोहिंग्याओं के निर्वासन तक उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा जाए। केंद्रीय गृह मंत्री कार्यालय (MHO) ने यह स्पष्ट कर दिया कि गृह मंत्रालय ने अवैध प्रवासियों को ईडब्ल्यूएस फ्लैट उपलब्ध कराने के लिए कोई निर्देश नहीं दिया है। वहीं इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार के प्रस्ताव को लेकर अब भाजपा ने सीएम केजरीवाल पर तंज कसा है।

सीएम को दिल्ली वालों की नहीं रोहिंग्याओं की चिंता: गौरव भाटिया

सीएम को दिल्ली वालों की नहीं रोहिंग्याओं की चिंता: गौरव भाटिया

दिल्ली की आम आदमी पार्टी की नेतृत्व वाली सरकार के रोहिंग्या प्रवासियों को फ्लैट देने प्रस्ताव को लेकर भाजपा ने आप पर तंज कसा है। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा है कि दिल्ली सरकार के रोहिंग्याओं के आवास को लेकर प्रस्ताव से पता चलता है कि सीएम केजरीवाल रोहिंग्याओं को अधिक चिंता हैं। गौरव भाटिया ने कहा "दिल्ली के सीएम केजरीवाल को दिल्ली वालों की नहीं रोहिंग्याओं की चिंता है।

रोहिंग्याओं का क्या है मुद्दा?

रोहिंग्याओं का क्या है मुद्दा?

गृह मंत्रालय ने कहा है कि दिल्ली सरकार ने रोहिंग्याओं को एक नए स्थान पर रखने करने का प्रस्ताव दिया है। एमएचए ने जीएनसीटीडी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि रोहिंग्या अवैध विदेशी वर्तमान स्थान पर रहेंगे। एमएचए पहले ही विदेश मंत्रालय के माध्यम से संबंधित देश के साथ उनके निर्वासन का मुद्दा उठा चुका है। अवैध विदेशियों को कानून के अनुसार उनके निर्वासन तक डिटेंशन सेंटर में रखा जाना है। दिल्ली सरकार ने वर्तमान स्थान को डिटेंशन सेंटर घोषित नहीं किया है। उन्हें तुरंत ऐसा करने का निर्देश दिया गया है।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के ट्वीट से शुरू हुआ विवाद

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के ट्वीट से शुरू हुआ विवाद

रोहिंग्या शरणार्थियों को फ्लैट देने का विवाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के ट्वीट से शुरू हुआ था। जिसके बाद इसको लेकर गृह मंत्रालय ने स्पष्टीकरण दिया। हरदीप सिंह पुरी ने अपने ट्वीट में कहा था 'दिल्ली में म्यांमार के रोहिंग्या शरणार्थियों को अपार्टमेंट आवंटित किया जाएगा और उन्हें पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाएगी। गृह मंत्रालय की एक उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया है'।

रोहिंग्याओं को EWS फ्लैट देने का कोई निर्देश नहीं: गृह मंत्रालय

रोहिंग्याओं को EWS फ्लैट देने का कोई निर्देश नहीं: गृह मंत्रालय

जब केंद्रीय गृह मंत्री कार्यालय (MHO) ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गृह मंत्रालय ने अवैध प्रवासियों को ईडब्ल्यूएस फ्लैट उपलब्ध कराने के लिए कोई निर्देश नहीं दिया है। 29 जुलाई को दिल्ली सीएस की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अवैध प्रवासियों को उपयुक्त आवास में स्थानांतरित किया जाए। गृह मंत्रालय ने अपने ट्वीट में कहा, "रोहिंग्या अवैध विदेशियों के संबंध में मीडिया के कुछ वर्गों में समाचार रिपोर्टों के संबंध में यह स्पष्ट किया जाता है कि गृह मंत्रालय ने नई दिल्ली के बक्करवाला में रोहिंग्या अवैध प्रवासियों को ईडब्ल्यूएस फ्लैट प्रदान करने के लिए कोई निर्देश नहीं दिया है।" गृह मंत्रालय ने कहा "दिल्ली सरकार ने रोहिंग्याओं को एक नए स्थान पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा। MHA ने GNCTD को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि रोहिंग्या अवैध विदेशी वर्तमान स्थान पर बने रहेंगे क्योंकि MHA पहले ही MEA के माध्यम से संबंधित देश के साथ उनके निर्वासन का मामला उठा चुका है"।

रोहिंग्याओं को डिटेंशन सेंटर में रखने को निर्देश

रोहिंग्याओं को डिटेंशन सेंटर में रखने को निर्देश

गृह मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि अवैध विदेशियों को कानून के अनुसार उनके निर्वासन तक डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा। दिल्ली सरकार ने वर्तमान स्थान को डिटेंशन सेंटर के रूप में घोषित नहीं किया है। उसे तुरंत ऐसा करने का निर्देश दिया गया है।

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