CM Kejriwal Chinese Goods के बहिष्कार का आह्वान कर बोले- 95 अरब डॉलर का आयात बंद करें, चीन सबक सीखेगा
CM Kejriwal Chinese Goods boycott करने के मुद्दे पर बीजेपी और केंद्र सरकार पर हमलावर हैं। उन्होंने कहा, चीन को सबक सिखाने के लिए लगातार बढ़ रहे व्यापार को बंद करना होगा। केजरीवाल AAP नेताओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

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CM Kejriwal Chinese Goods के इस्तेमाल पर आक्रामक तेवर दिखा रहे हैं। उन्होंने चीनी सामान के बहिष्कार का आह्वान करते हुए व्यापार बढ़ने को लेकर केंद्र पर साधा निशाना। उन्होंने कहा, 2020-21 में, चीन से 65 बिलियन डॉलर का आयात किया गया और 2021-22 में भारत ने चीन से 95 बिलियन डॉलर का सामान आयात किया।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हालिया झड़प के बाद आम आदमी पार्टी के नेता-कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित किया। बता दें कि कुछ दिनों पहले केजरीवाल ने चीन के साथ व्यापार पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया। अब रविवार को उन्होंने आम लोगों से चीनी सामानों का बहिष्कार करने को कहा।
चीन के सामने न झुके सरकार
केजरीवाल ने चीन के साथ व्यापार पर प्रतिबंध की मांग दोहराई और केंद्र सरकार से मजबूती से खड़े रहने की अपील की। उन्होंने कहा, "मैं सभी से चीनी सामान खरीदना बंद करने की अपील करता हूं। मैं केंद्र से भी अपील करना चाहता हूं कि वह चीन के सामने न झुके।
धमकी दे रहा है चीन
बता दें कि आम आदमी पार्टी (AAP) की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में चीनी आक्रामकता पर चर्चा की गई। इसके अलावा मुद्रास्फीति, बेरोजगारी और गरीबी जैसे विषयों पर बात की गई। बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सहित आप के शीर्ष नेता मौजूद रहे। तवांग में संघर्ष पर केजरीवाल ने कहा, "चीन पिछले कुछ वर्षों से हमें धमकी दे रहा है। हमारे जवान चीनियों से बहादुरी से लड़ रहे हैं और जवानों ने बलिदान भी दिया है।
चीन से आयात ! बीजेपी और केंद्र की मजबूरी क्या है
उन्होंने कहा कि तमाम परिस्थियों के बावजूद भारत चीन के साथ अपना व्यापार बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, "हमें सोशल मीडिया से पता लगता है कि चीन ने हमारे क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है, लेकिन केंद्र सरकार चीन को पुरस्कृत कर रही है। हम चीन से अपना आयात बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार को चीन से आयात बंद कर देना चाहिए।" उन्होंने तीखा सवाल किया ".. केंद्र और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की क्या मजबूरी है। वे ऐसा क्यों कर रहे हैं?"
प्रीमियम कीमत चुकाने को तैयार है जनता
बकौल केजरीवाल, "खिलौने, चप्पल और कपड़े जैसी चीजें चीन से आयात की जाती हैं। हम इन वस्तुओं का निर्माण अपने देश में भी कर सकते हैं। केंद्र लाचार है। हमें सस्ते चाइनीज सामान की जरूरत नहीं है। अगर ऐसे उत्पाद भारत में बनते हैं तो हम प्रीमियम कीमत चुकाने को भी तैयार हैं।'
पारंपरिक दलों से तंग आ चुके हैं लोग
केजरीवाल ने कहा देशभक्ति, ईमानदारी के प्रति प्रतिबद्धता और मानवता को AAP की विचारधारा के तीन मजबूत स्तंभ करार दिया। उन्होंने गुजरात विधानसभा चुनाव में AAP के नहीं जीतने के बारे में कहा, "लोग हमसे उन सभी चुनावों में जीत की उम्मीद करते हैं जो हम लड़ते हैं। गुजरात में दूसरे प्रयास में हम 2027 में सरकार बनाएंगे। हमने पंजाब में कर दिखाया है। हम 10 साल में राष्ट्रीय पार्टी बन गए हैं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि राष्ट्रीय राजनीति में AAP ताजी हवा की तरह है। लोग पारंपरिक दलों से तंग आ चुके हैं। ऐसे लोग जन कल्याण की बात नहीं करते और केवल गंदी राजनीति में लगे रहते हैं।
भारत छोड़कर जा चुके हैं 12.5 लाख लोग
केंद्र सरकार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए केजरीवाल ने कहा कि राष्ट्रीय महंगाई दर 7.4 फीसदी पर पहुंच गई है, लेकिन दिल्ली में महंगाई दर 4 फीसदी है. "ऐसा इसलिए है क्योंकि राजधानी में कई चीजें मुफ्त हैं। यूपी, एमपी और गुजरात में 8% महंगाई है। अगर आम आदमी पार्टी सरकार चला रही है तो महंगाई पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि हाई नेट वर्थ वाले 12.5 लाख व्यक्ति पिछले पांच वर्षों में भारत छोड़ कर जा चुके हैं।
परेशान कर रही है केंद्र सरकार
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि देश छोड़कर जा रहे लोगों को केंद्र सरकार ने अनुकूल कारोबारी माहौल प्रदान नहीं किया। जो लोग ईमानदारी के साथ काम करना चाहते हैं, उन्हें केंद्र परेशान करती है। अगर कोई सरकार के खिलाफ स्टैंड लेने की हिम्मत करता है तो प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी एजेंसियों का उपयोग किया जाता है। अपराधियों को भाजपा में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता है। बकौल केजरीवाल, अगर हम निवेशकों को रेड कार्पेट यानी सहूलियत देते हैं, तो भारत चीनियों को सामान एक्सपोर्ट करने में सक्षम बन जाएगा।
क्या है अरुणाचल में हुआ विवाद
बता दें कि अरुणाचल प्रदेश के तवांग में चीनी सेना की आक्रामकता का भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया था। मीडिया में आई रिपोर्ट और संसद में सरकार के बयान के मुताबिक सेना ने चीनी सैनिकों को खदेड़ा और किसी भी तरह के उकसावे वाले कृत्य का माकूल जवाब दिया था। इससे पहले लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प हो चुकी है। वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर हुए विवाद के कारण दोनों देशों के रिश्ते फिलहाल तनावपूर्ण हैं। चीनी सामान के प्रति जनाक्रोश भी देखा गया है।












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