Clean Energy Push: सोलर-विंड के दौर में ग्रिड और एनर्जी स्टोरेज क्यों बने गेम-चेंजर, भारत के लिए क्यों अहम है?
Clean Energy Push in India: भारत में स्वच्छ ऊर्जा को लेकर तेजी से काम हो रहा है। उद्योगों, इलेक्ट्रिक वाहनों और डिजिटल सेवाओं के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अब सरकार और कंपनियों का ध्यान सिर्फ नई बिजली क्षमता जोड़ने पर नहीं, बल्कि पावर ग्रिड को मजबूत और तैयार करने पर ज्यादा है।
द इकोनॉमिक टाइम्स को दिए इंटरव्यू में हिताची एनर्जी इंडिया और साउथ एशिया के एमडी व सीईओ एन. वेणु ने बताया कि आने वाले समय में COP30, हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन, एनर्जी स्टोरेज और लोकल टेक्नोलॉजी भारत के पावर सेक्टर की दिशा तय करेंगे। आइए जानते हैं कि भविष्य में कैसे ग्रीड और एनर्जी स्टोरेज भारत के लिए गेम-चेंजर साबित होगा...

अब सिर्फ बिजली बनाना नहीं, पहुंचाना भी जरूरी
भारत ने रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। देश की कुल बिजली क्षमता अब 500 गीगावॉट से ज्यादा हो चुकी है और इसमें स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। लेकिन इतनी बिजली बनाने के बाद सबसे बड़ी जरूरत यह है कि यह बिजली सही समय पर और सही जगह तक पहुंचे। इसके लिए मजबूत, स्मार्ट और आधुनिक ग्रिड बेहद जरूरी है।
इनर्जी एक्स्पर्टस का कहना है कि अब असली चुनौती बिजली पैदा करने की नहीं, बल्कि उसे रिन्यूएबल पार्कों से शहरों और उद्योगों तक बिना रुकावट और कम नुकसान के पहुंचाने की है।
COP30 और भारत की तैयारी
COP30 को लेकर भारत ने साफ संदेश दिया है कि विकासशील देशों को जलवायु लक्ष्यों तक पहुंचने में मदद मिलनी चाहिए। इसके लिए पैसे की निश्चित व्यवस्था, आसान तकनीक और ऐसा विकास मॉडल चाहिए, जिससे अर्थव्यवस्था को नुकसान न हो। भारत के अंदर भी बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है-चाहे वह फैक्ट्रियां हों, इलेक्ट्रिक गाड़ियां हों या डेटा सेंटर। ऐसे में ग्रिड को मजबूत करना अब सबसे अहम काम बन गया है।
हाई-वोल्टेज टेक्नोलॉजी क्यों है जरूरी
विशेषज्ञों की मानें तो, HVDC (हाई-वोल्टेज डायरेक्ट करंट) तकनीक से दूर-दराज के इलाकों से बड़ी मात्रा में बिजली लाना आसान हो जाता है और इसमें नुकसान भी कम होता है।
इसके अलावा, डिजिटल सबस्टेशन शहरों में बिजली की गुणवत्ता बेहतर बनाते हैं और एडवांस्ड ऑटोमेशन सिस्टम ग्रिड को स्थिर रखने में मदद करते हैं, खासकर तब जब सोलर और विंड पावर तेजी से बढ़ रही हो।
ग्रिड को मजबूत करने की प्राथमिकताएं
आने वाले समय में भारत को इन बातों पर खास ध्यान देना होगा:
- ज्यादा हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनें बनाना
- ग्रिड को स्थिर रखने के लिए नई तकनीक अपनाना
- स्मार्ट और डिजिटल सबस्टेशन तैयार करना
- राज्यों के बीच बेहतर तालमेल
- सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन और मंजूरियों में तेजी
- बिजली परियोजनाओं को समय पर पूरा करना
क्लीन एनर्जी का अगला कदम
विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत का स्वच्छ ऊर्जा मिशन तभी पूरी तरह सफल होगा, जब ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी स्टोरेज पर भी उतना ही ध्यान दिया जाए जितना सोलर और विंड पावर पर दिया जा रहा है। भारत आज ऐसे मोड़ पर है जहां मजबूत और स्मार्ट ग्रिड के बिना क्लीन एनर्जी का सपना पूरा नहीं हो सकता। यही भारत की ऊर्जा क्रांति का अगला और सबसे अहम चरण है।












Click it and Unblock the Notifications