CJI गवई पर जूता फेंकने की घटना पर बहन कीर्ति गवई ने जताया गुस्सा, बोलीं- ये संविधान पर हमला है।
CJI Gavai Shoe Attack: सुप्रीम कोर्ट में देश के प्रमुख न्यायाधीश बी आर गवई के साथ सोमवार को घटी घटना ने सभी को अचंभित कर दिया है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान गवई पर अधिवक्ता राकेश किशोर ने जूता फेंका और उनके खिलाफ सनातन का अपमान करने का आरोप लगाते हुए नारे लगाए। गवई के साथ हुई इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे फोन पर बात की और इसे अत्यन्त निंदनीय बताते हुए कहा इससे हर भारतीय नाराज है।
वहीं मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर एक वकील द्वारा वस्तु फेंकने की कोशिश पर, मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की बहन कीर्ति गवई ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट के अंदर मुख्य न्यायाधीश पर हमला व्यक्तिगत स्तर पर नहीं है। यह संविधान पर हमला है। संविधान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसकी रक्षा करना हमारी ज़िम्मेदारी है।"

गौरतलब है कि 6 मई 2025 को सुप्रीम कोर्ट में एक केस की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता राकेश किशोर ने सीजेआई पर जूता फेंका था, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उन्हें काबू में कर लिया।बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने राकेश किशोर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
अधिवक्ता को कोई पछतावा नही है
हालांकि इस घटना के बाद मंगलवार को एएनआई से बात करते हुए किशोर ने कहा कि उन्हें अपने इस कृत्य पर कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सीजेआई की खजुराहो मंदिर से जुड़ी टिप्पणी ने उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई थी।
यह सब एक 'दैवीय प्रेरणा' का परिणाम था
वकील राकेश किशोर ने कहा मेरा गुस्सा 16 सितंबर को सीजेआई गवई की उस टिप्पणी के कारण था, जब सुप्रीम कोर्ट ने खजुराहो के जवारी मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति की बहाली से संबंधित जनहित याचिका को खारिज कर दिया था। 'जाओ और मूर्ति से कहो कि वह खुद अपना सिर जोड़ ले। मैं इससे नाराज था लेकिन मैंने ये नशे की हालत में नहीं किया ये सब 'दैवीय प्रेरणा' का परिणाम था। मुझे मानो दैवीय शक्ति ने मुझे जगाया और कहा कि देश जल रहा है, और तुम सो रहे हो? अगर भगवान चाहते हैं कि मैं जेल जाऊं या मुझे फांसी हो, तो मैं तैयार हूं।"
वहीं बॉर काउंसिल द्वारा निलंबन किए जाने के बाद अधिवक्ता राकेश किशोर ने कहा कि बीसीआई ने 'अधिवक्ता अधिनियम की धारा 35' का उल्लंघन किया है, क्योंकि यह निर्णय बिना किसी अनुशासनात्मक समिति के गठन के लिया गया है। उन्होंने कहा, 'अब मुझे अपने मुवक्किलों की फीस लौटानी पड़ेगी, लेकिन मैं माफी नहीं मांगूंगा।'












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