44 लाख रुपये से ज्यादा है CJI बीआर गवई की सैलरी, वेतन के अलावा भत्ते में भी मिलती है मोटी रकम
CJI BR Gavai Salary: सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को कुछ ऐसा हुआ जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) के ऊपर सर्वोच्य न्यायालय में जूता फेंका गया।
यह चौंकाने वाली घटना सोमवार को हुई। ऐसा करने वाले 71 वर्षीय वरिष्ठ अधिवक्ता को पुलिस ने तुरंत हिरासत में ले लिया। 71 साल के उस वकील को तुरंत अदालत से बाहर ले जाया गया। इस मामले के सामने आने के बाद से ही CJI बीआर गवई चर्चाओं में हैं।
मई 2025 में न्यायमूर्ति भुषण रामकृष्ण गवई (BR Gavai) भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश बने। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शपथ दिलाई थी। गवई पहले कई अहम मामलों की बेंच का हिस्सा रह चुके हैं, जिनमें जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने वाले अनुच्छेद 370 के मामले का फैसला भी शामिल है।

कितनी है बीआर गवई की सैलरी?
बीआर गवई जो की भारत के 52वें CJI हैं सैलरी के रूप में एक अच्छा अमाउंट पाते हैं। मुख्य न्यायाधीश के रूप में गवई को हर महीने 2,80,000 रुपये वेतन मिलता है। सालाना उन्हें 33,60,000 रुपये सालाना तनख्वाह मिलती है। इसके अलावा सालाना 10,00,000 रुपये का फर्निशिंग अलाउंस, 24% HRA और 45,000 रुपये प्रति माह का सुम्प्चुअरी अलाउंस शामिल है।
बीआर गवई का करियर
गवई का जन्म 24 नवंबर 1960 को अमरावती में हुआ। उन्होंने 1985 में बार में प्रवेश किया और नागपुर व बॉम्बे हाई कोर्ट में संवैधानिक और प्रशासनिक मामलों में प्रैक्टिस की। 2003 में वे बॉम्बे हाई कोर्ट के अतिरिक्त जज बने और 2005 में स्थायी जज पद पर नियुक्त हुए। मई 2019 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया।
गवई ने सुप्रीम कोर्ट में करीब 700 बेंचों में हिस्सा लिया और 300 से अधिक फैसले लिखे। वे संविधान, नागरिक, आपराधिक, वाणिज्यिक विवाद, पर्यावरण और शिक्षा से जुड़े मामलों में अहम फैसले दे चुके है।
- अनुच्छेद 370 हटाने और जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने वाले फैसले में शामिल।
- चुनावी बॉन्ड योजना को रद्द करने वाली बेंच में हिस्सा लिया।
- नोटबंदी के फैसले को समर्थन देने वाली बेंच का सदस्य।
- अनुसूचित जातियों की उप-श्रेणियों के लिए आरक्षण को मंजूरी देने वाले फैसले में हिस्सा।
गवई ने यूएलएन, न्यूयॉर्क, कार्डिफ और नैरोबी में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लिया और कोलंबिया व हार्वर्ड विश्वविद्यालय में संविधान और पर्यावरण कानून पर व्याख्यान दिए। गवई का कार्यकाल और अनुभव न्यायपालिका में न्याय और सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
बीआर गवई कब होंगे रिटायर?
भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई 23 नवंबर, 2025 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि सेवानिवृत्ति के बाद वे कोई भी सरकारी पद स्वीकार नहीं करेंगे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें वार्षिक पेंशन 16,80,000 रुपये और एकमुश्त ग्रेच्युटी 20,00,000 रुपये मिलेगी।
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