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चिन्मय दास की सुनवाई से पहले वकील पर जानलेवा हमला, ICU में भर्ती, टाइमलाइन में जानें 7 दिन में क्या-क्या हुआ?

Bangladesh Chinmoy Krishna Das Case Timeline: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ती हिंसा और इस्कॉन धर्मगुरु चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी से स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। हाल ही में, उनके केस की पैरवी कर रहे वकील रमन रॉय पर कट्टरपंथियों द्वारा हमला हुआ, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और ICU में भर्ती हैं।

इतना ही नहीं, वकील रमन रॉय के घर में तोड़फोड़ की गई। उन्हें बुरी तरह से पीटा गया, जिसके कारण उनकी स्थिति गंभीर है। रॉय अभी जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस्कॉन कोलकाता के उपाध्यक्ष राधा रमन ने कहा कि हमें उम्मीद है कि चिन्मय कृष्ण दास को आज न्याय मिलेगा। हमने देखा है कि वह लंबे समय से जेल में है। हमें जानकारी मिली है कि उसके पिछले वकील रमन रॉय पर हमला किया गया था और वह आईसीयू में है तथा उसकी हालत गंभीर है।

Chinmoy Krishna Das lawyer

आगे कहा कि हम बांग्लादेश सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह चिन्मय कृष्ण दास के वकील को सुरक्षा प्रदान करे... हमें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि जेल में उसके साथ कैसा व्यवहार किया जा रहा है। हमें उम्मीद है कि वह आज अदालत में पहुंचने पर अपनी स्थिति के बारे में बताएगा। हम उसके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं... बांग्लादेश सरकार स्पष्ट करेगी कि उसे क्यों गिरफ्तार किया गया है। उसे तुरंत रिहा किया जाना चाहिए। बांग्लादेश में स्थिति अभी भी अस्थिर है।

आइए जानते हैं क्या है चिन्मय कृष्ण दास का मामला और घटनाओं की टाइमलाइन ...

कौन हैं चिन्मय कृष्ण दास?
'चिन्मय कृष्ण दास' का असली नाम चंदन कुमार धर है। वह चटगांव इस्कॉन के प्रमुख और सनातन जागरण मंच के प्रवक्ता हैं। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए कई रैलियों का नेतृत्व किया है।

गिरफ्तारी क्यों हुई?

  • 25 अक्टूबर, 2024: चटगांव के लालदीघी मैदान में सनातन जागरण मंच ने रैली की। रैली के दौरान बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप लगाया गया। 31 अक्तूबर को BNP नेता फिरोज खान ने चिन्मय दास समेत 19 लोगों के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज कराया।
  • जमानत खारिज: 26 नवंबर को, उनकी जमानत खारिज कर दी गई, जिसके बाद कोर्ट के बाहर हिंसा भड़क गई। इसमें वकील सैफुल इस्लाम की जान चली गई।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हिंसा

  • हिंदुओं की घटती आबादी: 1971 में हिंदू समुदाय बांग्लादेश की कुल जनसंख्या का 22% था, जो अब घटकर सिर्फ 8% रह गया है।

हालिया घटनाएं:

  • 25 नवंबर: चिन्मय दास की गिरफ्तारी।
  • 30 नवंबर: इस्कॉन के एक अन्य धर्मगुरु श्याम दास प्रभु को गिरफ्तार किया गया।
  • 1 दिसंबर: 83 इस्कॉन सदस्यों को भारत जाने से रोका गया।
  • 2 दिसंबर: त्रिपुरा में बांग्लादेश के असिस्टेंट हाई कमीशन पर हमला।

भारत और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
क्या है भारत का रुख?
भारत के विदेश मंत्रालय ने चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी और हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा पर कड़ी नाराजगी जताई। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। अपराधियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

ममता बनर्जी की मांग?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संयुक्त राष्ट्र से बांग्लादेश में शांति सेना भेजने की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार से विदेशों में अत्याचार झेल रहे भारतीयों की वापसी सुनिश्चित करने की अपील की।

इस्कॉन की भूमिका और स्थिति

  • बांग्लादेश इस्कॉन का रुख: उन्होंने चिन्मय कृष्ण दास से खुद को अलग कर लिया, यह कहते हुए कि वह संगठन का हिस्सा नहीं हैं।
  • भारत का इस्कॉन समर्थन: भारतीय इस्कॉन ने चिन्मय कृष्ण दास के अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन किया।

ये भी पढ़ें- बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच एक और हिंदू पुजारी गिरफ्तार, चिन्मय कृष्ण दास से गए थे मिलने

टाइमलाइन में जानें घटनाओं

  • 25 नवंबर- चिन्मय कृष्ण दास गिरफ्तार।
  • 26 नवंबर- जमानत खारिज; हिंसा में वकील सैफुल इस्लाम की मौत।
  • 27 नवंबर- इस्कॉन पर बैन लगाने की मांग; चटगांव में इमरजेंसी की मांग।
  • 28 नवंबर- हाई कोर्ट ने इस्कॉन पर बैन लगाने की याचिका खारिज की।
  • 30 नवंबर- श्याम दास प्रभु गिरफ्तार।
  • 1 दिसंबर- इस्कॉन के 83 सदस्यों को भारत जाने से रोका गया।
  • 2 दिसंबर- त्रिपुरा में बांग्लादेश के असिस्टेंट हाई कमीशन पर हमला।

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और धार्मिक नेताओं की गिरफ्तारी से स्थिति तनावपूर्ण है। चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी और वकील रमन रॉय पर हमला धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाते हैं। भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए बांग्लादेश सरकार से उचित कार्रवाई की मांग की है।

ये भी पढ़ें- बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमल पर आई रामभद्राचार्य की प्रतिक्रिया, चिन्मय की गिरफ्तारी पर भी कही ये बात

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