राजघाट में जगह तलाशते रह गये चीनी राष्ट्रपति
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को राजघाट में बापू की समाधि पहुंचने पर गांधी जी से जुड़ा बहुत सा साहित्य भेंट किया गया। राजघाट के प्रमुख रजनीश ने बताया कि चीनी राष्ट्रपति ने बापू की जीवनी के पन्ने वहां पर पलटने शुरू कर दिए। चीनी राष्ट्रपति ने उन किताबों के मिलने पर धन्यवाद भी कहा। पर चीनी राष्ट्रपति राजघाट पर पौधा नहीं लगा पाए।

कारण यह है कि राजघाट में नए पौधे लगाने का स्पेस ही नहीं बचा। पहले जो भी राष्ट्राध्यक्ष राजघाट पर आता था, उसे सांकेतिक रूप से पौधा लगाने के लिए कहा जाता था। गुजरे दौर में तमाम शिखर नेताओं की तरफ से लगाए पौधे अब विशाल पेड़ का रूप ले चुके हैं। महत्वपूर्ण है कि चीन आज भारत में 300 बिलियन डालर तक के निवेश की घोषणा कर सकता है।
भारतीय चीनियों से मिलेंगे
चीनी राष्ट्रपति आज ही राजधानी में रहने वाले चीनी मूल के लोगों से भी भेंट कर सकते हैं। यह मुलाकात चाणक्यपुरी स्थित चीनी दूतावास में होगी। इसके लिए करीब 45 मिनट का समय रहेगा।
इस बीच, राजधानी में दिल्ली पुलिस ने तिब्बतियों के चीनी राष्ट्रपति के खिलाफ किए जाने वाले किसी भी विरोध प्रदर्शन को नाकामयाब करने की पुख्ता व्यवस्था कर रखी है।












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