हिंसक झड़प: शहीद कर्नल संतोष बाबू की मां ने कहा- इकलौता बेटा खोने का दुख, लेकिन गर्व उससे भी अधिक
नई दिल्ली। भारत-चीन सेना के बीच सोमवार की रात हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए हैं। भारतीय सूत्रों के मुताबिक इस झड़प में चीन को भी काफी नुकसान हुआ है, उसके 43 सैनिक मारे गए हैं या तो गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस घटना के बाद आई शुरूआती रिपोर्ट में भारतीय सेना के कर्नल बी. संतोष बाबू समेत 2 जवानों के शहीद होने की जानकारी थी। लेकिन मंगलवार रात तक भारतीय सेना ने सीमा पर चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में 20 सैनियों के शहीद होने की पुष्टि की है।

बेटे की शहादत के बाद संतोष बाबू की मां मंजुला ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है कि उसने देश की खातिर अपनी जान की बाजी लगा दी। बता दें कि कमांडिंग ऑफिसर संतोष बाबू तेलंगाना के सूर्यपेट जिले के रहने वाले थे। चीन के साथ पिछले कुछ महीनों से चल रहे सीमा विवाद के बीच संतोष बाबू की पोस्टिंग लद्दाख के गलवान घाटी में की गई थी जहां 15-16 जून की रात चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प हुई। संतोष बाबू की मां मंजुला ने एक वीडियो में बात करते हुए कहा, दुख की बात है कि मैंने अपना एकमात्र 'बेटा' खो दिया लेकिन मुझे उससे अधिक गर्व महसूस हो रहा है कि मेरे बेटे ने राष्ट्र के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया।
कर्नल बी. संतोष बाबू अपने पीछे पत्नी और नौ साल की बेटी और चार साल का एक बेटा छोड़कर गए हैं। संतोष बाबू के परिजनों को मंगलवार की दोपहर उनके शहीद होने की खबर मिली, पहले तो उन्हें अपने बेटे को खो देने पर यकीन ही नहीं हुआ और वह स्तब्ध रह गए। मंजुला ने कहा, हमारी बहू दिल्ली में है और उसे कल रात सूचित किया गया था। हमें दोपहर में खबर मिली। संतोष बाबू के पिता जो कि सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी हैं, उन्होंने कहा कि हम विश्वास करने के लिए तैयार नहीं थे लेकिन हमें बताया गया कि यह सच है। हमने अपना बेटा खो दिया है।
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