चीन ने किस हक से अरूणाचल में स्थानों के बदले नाम? किरण रिजिजू की चुप्पी पर NCP का सवाल
चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश में स्थानों के नाम बदलने पर रिजिजू की चुप्पी पर एनसीपी ने सवाल उठाए हैं। बुधवार इस मुद्दे के एनसीपी ने सदन में उठाया।

चीन ने एक बार फिर भारतीय इलाकों का नाम बदलकर सीमा विवाद को हवा दी है। चीन ने इस हफ्ते अरुणाचल की राजधानी ईटानगर के नजदीकी इलाके का नाम भी बदला दिया। दरअसल, चीन ने अरुणाचल प्रदेश को भारत के राज्य के तौर पर मान्यता नहीं दी है। वो अरुणाचल को 'दक्षिणी तिब्बत' का हिस्सा मानता है। चीन का आरोप है कि भारत ने उसके तिब्बती इलाके पर कब्जा करके उसे अरुणाचल प्रदेश बना दिया है। ऐसे में चीन की नई चाल से एक बार फिर सीमा विवाद गहराने की आशंका है। बुधवार को एनसीपी ने सदन में ये मुद्दा उठाया और केंद्रीय मंत्री के इलाके में चीन की चाल को लेकर उनकी चुप्पी पर सवाल भी खड़ा किया।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने बुधवार को जानना चाहा कि अरुणाचल प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों के नाम बदलने पर चुप क्यों हैं।
चीन के सरकारी अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' के मुताबिक सोमवार को चीन की सिविल अफेयर मिनिस्ट्री ने 11 नाम बदले जाने को मंजूरी दे दी। जिन इलाकों के नाम चीन की ओर से बदले गए वो सभी जेंगनेन (चीन के दक्षिण राज्य शिजियांग का हिस्सा) में आते हैं। इनमें से 4 रिहायशी इलाके हैं। एक इसका ऐसा भी है जो अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर के बेहद करीब है। 5 पहाड़ी क्षेत्र और दो नदियां हैं। चीन ने इन इलाकों के नाम मन्दारिन और तिब्बती भाषा में रखे हैं।
चीन की इस हरकत के लिए PM मोदी जिम्मेदार: कांग्रेस
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने चीन की ओर से अरुणाचल की जगहों का नाम बदलने का जिम्मेदार पीएम मोदी को बताया। उन्होंने कहा कि PM मोदी ने जून 2020 में चीन को क्लीन चिट दे दी थी। अब हमें उसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। चीन की सेना देसपांग के मैदान में भारत के पेट्रोलिंग के अधिकारों को खारिज कर रही है।












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