जम्मू-कश्मीर चुनाव को लेकर बोले मुख्य चुनाव आयुक्त, कहा-'बाधा पैदा करने वाली ताकतों को मतपत्र में मिलेगा जवाब'
देश के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा है कि कुछ समूह जम्मू-कश्मीर में आगामी विधानसभा चुनावों को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया कि चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के चुनाव पर्यवेक्षकों को जानकारी देने के बाद राजीव कुमार ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने के लिए दृढ़ संकल्पित ताकतें हैं। लेकिन हम पूरी तरह तैयार हैं और मतदान ऐसी ताकतों का जवाब है।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में होने वाले चुनावों पर पूरी दुनिया की नजर है। उन्होंने बताया कि लोकसभा चुनावों के दौरान इस क्षेत्र में रिकॉर्ड मतदान हुआ था। जिससे मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह दिखा। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग मतदान प्रक्रिया में भाग लेकर अपने हाथों से अपना भाग्य गढ़ेंगे।

एएनआई से बात करते हुए कुमार ने बताया कि उन्होंने विभिन्न राज्यों के चुनाव पर्यवेक्षकों को जानकारी दी है। जिनमें सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षक शामिल हैं। इन पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध रहें। ताकि किसी भी शिकायत का समाधान किया जा सके और चुनाव नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने विधानसभा चुनावों के दौरान फर्जी बयानों से निपटने के लिए अपनी तत्परता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हम सतर्क हैं और इस तरह के झूठे बयानों पर तुरंत प्रतिक्रिया देंगे। हमारे अधिकारी इन मुद्दों पर बारीकी से नजर रखेंगे।
जम्मू-कश्मीर में चुनाव तीन चरणों में होंगे। 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर। इन चरणों में कुल 90 विधानसभा क्षेत्र शामिल होंगे। इस क्षेत्र में पिछला विधानसभा चुनाव 2014 में हुआ था।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के पहले चरण की अधिसूचना सोमवार को जारी कर दी गई। इस चरण में 24 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान 18 सितंबर को होगा। उम्मीदवारों के पास नामांकन दाखिल करने के लिए 27 अगस्त तक का समय है। नामांकन की जांच 28 अगस्त को होगी और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 30 अगस्त है।
चुनाव आयोग ने हरियाणा में भी विधानसभा चुनाव 1 अक्टूबर को कराने का निर्णय लिया है। जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के नतीजे 4 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।
राजीव कुमार ने दोहराया कि कुछ ताकतों द्वारा चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने के प्रयासों के बावजूद वे किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मतपत्र ही हर चीज का जवाब है।
मुख्य चुनाव आयुक्त का यह बयान संभावित व्यवधानों के बीच सुचारू चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में मतदाताओं को बिना किसी बाधा के अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने में सक्षम बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।












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