Chhattisgarh में कर्रेगुट्टा की चोटी पर जवानों ने किया फतह, नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन
Chhattisgarh naxalite news: छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा की दुर्गम पहाड़ियों में सुरक्षाबलों को 9 दिन बाद बड़ी कामयाबी मिली है। सीआरपीएफ समेट तीन राज्यों की लगभग 5 हजार पुलिस बल ने करीब 5,000 फीट ऊंची पहाड़ी को के एक हिस्से पर फतह कर तिरंगा फहराया है।
नक्सलियों के खिलाफ यह कार्रवाई देश में अब तक चलाए गए सबसे बड़े नक्सल विरोधी अभियानों में से एक मानी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नक्सलियों के खिलाफ यह अभियान अमित शाह के 2026 में देश को नक्सल मुक्त कराने के संकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

Chhattisgarh naxalite news: 9 दिन बाद बड़ी कामयाबी
22 अप्रैल 2025 से शुरू हुआ यह संयुक्त ऑपरेशन छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र की सीमाओं से सटे घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में चलाया गया था जिसमें जवानों को बड़ी सफलता मिली है। कुल 280 वर्ग किलोमीटर में फैले इलाके में नक्सलियों के प्रभाव को खत्म करने की रणनीति पर यह अभियान शुरू किया गया था। यह इलाका लंबे समय से कुख्यात नक्सली नेताओं - हिड़मा, देवा, दामोदर, विकास, सुजाता और आजाद - जैसे हार्डकोर कमांडरों का गढ़ रहा है।
ऑपरेशन का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों को माना जा रहा है। पिछले नौ दिनों में सुरक्षाबलों ने लगभग 5,000 फीट की ऊंचाई तक चढ़ाई कर न केवल रणनीतिक स्थिति प्राप्त की, बल्कि नक्सलियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। यह पहाड़ी क्षेत्र इतना दुर्गम है कि यहां तक पहुंचना भी बड़ी चुनौती मानी जाती है। बावजूद इसके जवानों ने साहस और धैर्य के साथ यह उपलब्धि हासिल की।
Chhattisgarh naxalite news: सुरक्षाबलों की रणनीति और समन्वय
इस ऑपरेशन में सीआरपीएफ, कोबरा कमांडो, डीआरजी और तीनों राज्यों की स्पेशल फोर्स यूनिट्स शामिल हैं। पूरी घेराबंदी सुनियोजित रणनीति के तहत की गई है। कर्रेगुट्टा, नडपल्ली और पुजारी कांकेर जैसे दुर्गम इलाकों को तीनों राज्यों की पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया, जिससे नक्सली पहाड़ी की चोटी पर ही फंसकर रह गए हैं। इस दौरान कई स्थानों पर दोनों तरफ से भारी गोलीबारी की खबरें भी आई हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस अभियान में नक्सलियों के लगभग 300 सदस्यों को घेरा गया है। इनमें हिड़मा, देवा और दामोदर जैसे शीर्ष नक्सली कमांडर शामिल हैं। इनकी गिरफ्तारी या निष्क्रियता इस क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों को काफी हद तक कमजोर कर सकती है।
Chhattisgarh naxalite news: सरकार का सख्त रुख, शांति वार्ता को नकारा
इस बीच छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया है कि सरकार का रुख अब बेहद सख्त है। उन्होंने नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील की है, लेकिन किसी भी प्रकार की शांति वार्ता की संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया है। मंत्री का कहना है कि अब नक्सलवाद के समूल नाश के लिए निर्णायक लड़ाई शुरू हो चुकी है और यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक अंतिम नक्सली या तो पकड़ा नहीं जाता या आत्मसमर्पण नहीं करता।












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