छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस अध्यक्ष अमित जोगी को बड़ा झटका, जांच समिति ने जाति प्रमाण पत्र किया निरस्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर जाति का सियासी तूफान उठ खड़ा हुआ है। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व सीएम अजित जोगी के बेटे अमित जोगी (Amit JOgi) का अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र निरस्त हो गया है। ऐसे में अमित जोगी के मरवाही सीट से चुनाव लड़ने पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। अमित जोगी ने खुद को कंवर जाति का बताया था जिसे राज्य की उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने जांच में गलत पाया है।

छत्तीसगढ़ की मरवाही सीट पर पूर्व सीएम अजित जोगी के निधन के चलते खाली हुई है जिस पर उपचुनाव होना है। अमित जोगी ने यहां से शुक्रवार को नामांकन किया है। अगर जाति प्रमाण पत्र पर राहत नहीं मिलती है तो अमित जोगी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
जोगी ने सरकार पर बोला हमला
जाति प्रमाण पत्र निरस्त किए जाने पर अमित जोगी ने सरकार पर हमला बोला है। सरकार के इशारे पर किया गया बताते हुए अमित जोगी ने कहा "कल रातों रात उच्च स्तरीय जाति छानबीन समिति ने मेरा प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया।इसकी खबर मुझे छोड़ बाक़ी सबको थी! मैंने उसे पढ़ने के लिए समय माँगा, वो भी नहीं दिया! कातिल ही मुनसिफ है, क्या मेरे हक में फैसला देगा।"
अमित जोगी ने आदेश की एक कॉपी भी शेयर की है जिसमें लिखा गया है कि अमित ऐश्वर्य जोगी पिता अजित प्रमोद कुमार जोगी के पक्ष में जारी कंवर अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र को निरस्त किया जाता है। बता दें कि पूर्व सीएम अजित जोगी भी कंवर जाति के प्रमाण पत्र पर अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित मरवाही सीट से चुनाव लड़कर जीतते रहे थे। अजित जोगी का जाति प्रमाण पत्र भी राज्य की उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने निरस्त कर दिया था।
पत्नी का भी नामांकन हुआ है निलंबित
अमित जोगी की मुश्किल यही नहीं खत्म हो रही है। अमित जोगी की पत्नी ऋचा जोगी का भी जाति प्रमाण पत्र निलंबित किया जा चुका है। इधर दोनों ने नामांकन तो कर दिया है जिस पर चुनाव समित 19 अक्टूबर तक फैसला लेना है। उसी दिन उम्मीदवारों के नाम का पता चलेगा। वहीं जाति प्रमाण पत्र अगर गलत पाया जाता है तो नामांकन निरस्त होना तय है। ऐसे में जोगी परिवार की परंपरागत सीट रही मरवाही पहली बार परिवार से बाहर किसी के हाथ में जाएगी। फिलहाल बचाव के लिए छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ने दो अन्य उम्मीदवार मूलचंद और पुष्पेश्वरी तंवर से भी नामांकल दाखिल कराया है।
दरअसल अमित जोगी को ऐसी किसी स्थिति की आशंका पहले से ही थी। यही वजह है कि वह पहले से ही पत्नी को चुनाव लड़ाने की तैयारी शुरू करा चुके थे। ऋचा जोगी ने अपना अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र भी बनवाया लेकिन उनके प्रमाण पत्र भी आपत्ति उठी। आपत्ति करने वाले थे बीजेपी के नेता संत कुमार नेताम जिन्होंने 18 बिंदुओं पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद कांग्रेस के विधायक इसी मसले पर राज्यपाल से मिले। बाद में मुंगेली जिला कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए जिसके बाद ऋचा जोगी के प्रमाण पत्र को भी मुंगेली जिला जाति सत्यापन समिति ने निरस्त कर दिया है। अब पति-पत्नी पर नामांकन के निरस्त होने का खतरा मंडरा रहा है।












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