छत्तीसगढ़: मिलिए भूपेश बघेल कैबिनेट के नए मंत्री से जो पढ़-लिख नहीं सकते
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में तकरीबन 15 साल बाद सत्ता में बदलाव के साथ ही कांग्रेस ने नई सरकार का गठन कर लिया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को कैबिनेट का विस्तार किया और 9 कांग्रेस विधायकों, जिसमे एक महिला विधायक भी शामिल है, उन्हें मंत्री बनाया है। इसके साथ ही बघेल के कैबिनेट में कुल 12 कैबिनेट मंत्री हो गए हैं। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सभी 9 मंत्रियों को मंगलवार को शपथ दिलाई। जिन नौ विधायकों को बतौर मंत्री शपथ दिलाई गई है उसमे से एक कवासी लखमा भी हैं जोकि कोंटा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक हैं।

नक्सल हमले में बचे
आपको बता दें कि वर्ष 2013 में हुए नक्सली हमले में लखमा बच गए थे। इस दौरान नक्सलियों ने सुकुमा जिले के दरभा घाटी में कांग्रेस के काफिले पर धावा बोल दिया था, जिसमे 27 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में पूर्व मंत्री महेंद्र कर्मा और छत्तीसगढ़ कांग्रेस के मुखिया नंद कुमार पटेल और विद्या चरण शुक्ला भी शामिल थे। लखमा को कांग्रेस सरकार में मंत्री बनाया गया है और वह बिल्कुल पढ़े-लिखे नहीं हैं। जिस वक्त शपथ ग्रहण समारोह हो रहा था उस वक्त लखमा के हाथ में एक कागज था लेकिन वह उसकी तरफ बिल्कुल नहीं देख रहे थे बल्कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को दोहरा रहे थे।

गरीब परिवार में जन्म
लखमा ने बताया कि मैं बहुत गरीब परिवार में पैदा हुआ था और मैं कभी स्कूल नहीं गया, बावजूद इसके देश की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस ने उन्हे टिकट दिया और चुनाव लड़ने का मौका दिया। समाज के हर वर्ग के लोगों जिसमे उद्योगपति, गरीब, युवा शामिल हैं, उन्होंने मुझे अपना प्यार दिया। मुझे शिक्षा का मौका नहीं मिला लेकिन आज मैं मंत्री बना हूं। अब मैं गरीबों के लिए काम करूंगा और उनकी मदद करूंगा। आपको बता दें कि लखमा आदिवासी नेता हैं और पहली बार कोंटा विधानसभा सीट से 1998 में विधायक चुने गए थे। उस वक्त छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश का हिस्सा था। इसके बाद वह 2003, 2008, 2013, 2018 में यहां से विधायक चुने गए।

कैसे करेंगे फाइलों पर हस्ताक्षर?
वहीं जब लखमा से पूछा गया कि आखिर कैसे आप बतौर मंत्री फाइलों पर हस्ताक्षर करेंगे तो उन्होंने कहा कि भगवान ने मुझे विवेक दिया है और मैं उसका इस्तेमाल करुंगा जैसा कि मैं पिछले दो दशक से बतौर विधायक करता आया हूं। मेरे उपर कभी भी भ्रष्टाचार या बेइमानी का आरोप नहीं लगा। मुझे इस बात का पूरा भरोसा है कि बतौर मंत्री मैं अपनी जिम्मेदारी पूरे स्वाभिमान के साथ निभाउंगा। जिस वक्त तमाम मंत्रियों का शपथ ग्रहण हो रहा था उस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आदि कार्यक्रम में शामिल थे। आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में अधिकतम 13 कैबिनेट मंत्री हो सकते हैं, जिसमे मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। यहां कांग्रेस ने कुल 90 विधानसभा सीटों में से 68 सीटों पर जीत दर्ज की है। जबकि भाजपा के खाते में सिर्फ 15 सीटें आई हैं।
इसे भी पढ़ें- मोदी सरकार ने 7 चहेते मुख्यमंत्रियों को दिल्ली के लुटियंस जोन में दिया सरकारी बंगला, RTI से मिली जानकारी












Click it and Unblock the Notifications