लॉकडाउन तोड़कर बोले छत्तीसगढ़ के मंत्री कवासी लकमा, घर पर बैठे-बैठे थक गया था.....
नई दिल्ली- छत्तीसगढ़ के आबकारी मंत्री कवासी लकमा के खिलाफ लॉकडाउन तोड़ने का मामला सामने आया है। लकमा शनिवार की रात अचानक राजधानी रायपुर से सड़क मार्ग से होते हुए 250 किलोमीटर दूर रायगढ़ पहुंच गए। सबसे गंभीर बात ये है कि जब लकमा से लॉकडाउन तोड़ने की आवश्यकता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि रायपुर में घर बैठे-बैठे थक गया था।

देश में जगह-जगह पर हजारों प्रवासी मजदूरों को इसलिए रोके रखा गया है ताकि लॉकडाउन का मकसद पूरा हो सके। लेकिन, अपने पद की ठसक में नेताओं को कोरोना वायरस की गंभीरता से भी कोई लेना-देना नहीं है। छत्तीसगढ़ में तो ऐसा ही देखने को मिला है। यहां कांग्रेस के मंत्री कवासी लकना अचानक राजधानी रायपुर से निकलकर एक बाबाजी से मिलने 250 किलोमीटर दूर रायगढ़ पहुंच गए। उन्होंने शनिवार को रायगढ़ में लॉकडाउन के बावजूद एक संत से उनके आश्रम में जाकर मुलाकात की। जब लकमा से लॉकडाउन तोड़ने जाने की वजह के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा- 'मैं रायपुर में घर पर बैठे-बैटे थक गया था, इसलिए मैंने रातों-रात यात्रा करके यहां पहुंचने का फैसला किया और संत से आदरपूर्वक मिला।'
गौरतलब है कि भूपेश बघेल सरकार ने राज्य में लॉकडाउन के बीच राजधानी रायपुर में तीन दिनों के लिए कर्फ्यू जैसी पाबंदी लगा रखी है, जिसमें राशन और सब्जी की दुकानें भी बंद रखी गई हैं, ऐसे में एक मंत्री ही जब लॉकडाउन की धज्जियां उड़ा रहे हैं तो आम नागरिकों को रुकने के लिए कहने का सरकार को क्या हक है। बता दें कि लकमा पहले भी अलग-अलग वजहों से चर्चा में रह चुके हैं। पांच बार के विधायक लकमा विरोधाभाषी बयानों के लिए भी चर्चा में आते रहे हैं। हालांकि, छत्तीगढ़ के लिए राहत की बात ये है की कोरोना मुक्त जिलों में वह नंबर वन पर है, लेकिन अगर राज्य के एक मंत्री इस कदर लापरवाही करेंगे तो इसकी कीमत भी यहां की जनता को ही भुगतनी पड़ सकती है।












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