सावरकर ने देश के बंटवारे का प्रस्ताव आगे रखा था: भूपेश बघेल
नई दिल्ली। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में जिस तरह से भाजपा ने वीडी सावरकर को भारत रत्न देने की बात अपने चुनावी घोषणा पत्र में कही है, उसके बाद से लगातार विपक्ष भाजपा पर हमलावर है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सावरकर को लेकर कहा कि 1911 तक सावरकर एक क्रांतिकारी थे, लेकिन जब वह जेल गए तो उन्होंने कई बार अग्रेजों को माफीनामा लिखा। यही नहीं सावरकर ने ही भारत को दो हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव आगे रखा था। गांधी जी की हत्या के आरोप में उन्हें बतौर मुख्य षड़यंत्रकर्ता के रूप में गिरफ्तार किया गया था।

इससे पहले कांग्रेस के दिग्गज नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सावरकर की तारीफ की थी। उन्होंने ट्वीट करके लिखा था कि मैं सावरकर की विचारधारा को स्वीकार नहीं करता हूं, लेकिन आप इस तथ्य को नहीं मिटा सकते हैं कि सावरकर एक स्थापित व्यक्ति हैं, जिन्होंने देश के स्वतंत्रता आंदोलन में हिस्सा लिया था। उन्होंने दलितों के हक की लड़ाई लड़ी, यही नहीं सावरकर देश के लिए जेल भी गए थे। सिंघवी ने आगे हैशटैग नेवर फॉरगेट लिखा यानि कभी भी मत भूलिए। बता दें कि इससे पहले कांग्रेस की ओर से मनीष तिवारी ने सावरकर को भारत रत्न दिलाए जाने के भाजपा के वादे की जमकर आलोचना की थी।
मनीष तिवारी ने कहा था कि, महात्मा गांधी की हत्या के लिए सावरकर पर आपराधिक मुकदमा चला था, इस मामले की कपूर आयोग ने भी जांच की थी। मनीष ने कहा, हाल ही में छपे एक लेख में ऐसा दावा किया गया कि आयोग ने सावरकर को महात्मा गांधी की हत्या का जिम्मेदार माना था, अब उसी को भारत रत्न देने की बात कही जा रही है। अब इस देश को भगवान ही बचाए। वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि, हमारी सरकार वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग केंद्र सरकार के सामने रखेगी।












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