छत्तीसगढ़: भूपेश बघेल ने पेश किया बजट, 16000 टीचरों को किया नियमित
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज बजट 2020 पेश किया। पिछली बार की तरह इस बजट में भी किसानों का खास ध्यान रखा गया है। बजट में सरकार की ओर से सबसे बड़ी खुशखबरी शिक्षकों को मिली है। दो साल की नौकरी पूरी कर चुके 16 हजार शिक्षकों को एक जुलाई से रेगुलर (संविलियन) करने की घोषणा की गई है। इसके अलावा कृषि, स्वास्थ्य, रोजगार, युवा, उद्योग, महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री ने कई बड़ी घोषणाएं की हैं।

16000 शिक्षाकर्मियों के संविलियन को मंजूरी
सीएम भूपेश की सबसे बड़ी घोषणा तो यह रही कि उन्होंने 16000 शिक्षाकर्मियों के संविलियन को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस बार कोई नए कर प्रस्ताव नहीं है। प्रदेश की जनता पर किसी तरह का बोझ नहीं बढ़ाया गया है। राज्य के तीन एयरपोर्ट बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर में एटीसी की स्थापना के लिए 7 करोड़ 20 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है।
'राजीव गांधी किसान न्याय योजना'
मुख्यमंत्री ने 1 लाख 2 हजार 907 करोड़ का बजट पेश किया, जो कि पिछली बार से 7 हजार करोड़ ज्यादा का है। सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि, किसानों को धान का मूल्य 2500 रुपए देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। समर्थन मूल्य से अंतर की राशि 'राजीव गांधी किसान न्याय योजना' के अंतर्गत देंगे। किसानों का हित सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के लिए 5100 करोड़ का प्रावधान किया। उन्होंने दावा किया कि अब तक 17 लाख 24 हजार किसानों का कर्ज माफ किया गया।
सभी परिवारों को पीडीएस
बजट में राज्य के सभी परिवारों को पीडीएस प्रणाली में शामिल किया गया है। एपीएल कार्ड धारकों को भी अब 10 रुपए प्रति किलो चावल दिया जाएगा। इसमें राज्य के 56 लाख कार्ड धारकों को फायदा होगा। अनुसूचित जनजाति बाहुल्य इलाकों के प्रति परिवार महीने में 2 किलो चना दिया जाएगा। वहीं, बस्तर में प्रति परिवार 2 किलो गुड़ मुफ्त में दिया जाएगा।
पांच हॉर्टीकल्चर कॉलेज
बजट में बेमेतरा, जशपुर, धमतरी और अर्जुंदा, बालोद में हॉर्टीकल्चर कॉलेज और लोरमी में एग्रीकल्चर यूनिविर्सिटी बनाए जाने की घोषणा भी की है। रायपुर स्थित इंदिरा गांधी एग्रीकल्चर कॉलेज में फूड टेक्नोलॉजी शुरू की जाएगी। बेमेतरा और तखतपुर में डेयरी कॉलेज खोलने की घोषणा बजट में की है।
प्रत्येक जिले में हर साल युवा महोत्सव
राज्य में 9 पॉलिटेक्निक कॉलेजों का अपग्रेड किया जाएगा। इसके साथ ही, प्रत्येक जिले में हर साल युवा महोत्सव कराया जाएगा। प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण गठित किया जाएगा। अनुसूचित जनजाति वर्ग के बच्चों के लिए 61 नए छात्रावास खोले जाएंगे।












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